कलानिधि नैथानी [डीआईजी मेरठ परिक्षेत्र]
390 शोभायात्राओं और 112 रावण दहन स्थलों पर रहेगी विशेष निगरानी; सुरक्षा के लिए 24 जोन, 81 सेक्टर और 61 क्यूआरटी गठित
मेरठ । नवरात्र, दुर्गा पूजा और दशहरा पर्व के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मेरठ परिक्षेत्र के चारों जिलों में करीब 5,000 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। मेरठ परिक्षेत्र कार्यालय की ओर से 10 अक्टूबर को जारी प्रेस नोट के अनुसार, इस बल में सात अपर पुलिस अधीक्षक, 25 क्षेत्राधिकारी, 92 निरीक्षक, 810 उपनिरीक्षक, 1,455 मुख्य आरक्षी, 1,715 आरक्षी तथा 890 होमगार्ड/पीआरडी जवान शामिल हैं। इसके अतिरिक्त दो कंपनी पीएसी भी तैनात रहेंगी।
नवरात्र और दुर्गा पूजा के कार्यक्रम 11 अक्टूबर से शुरू हो रहे हैं, जबकि दशहरा 20 अक्टूबर को मनाया जाएगा। पर्वों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए परिक्षेत्र में 24 जोन और 81 सेक्टर बनाए गए हैं। भीड़ प्रबंधन तथा आपात स्थिति से निपटने के लिए 61 क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) भी गठित की गई हैं।
परिक्षेत्र में 390 शोभायात्राएं, 114 मेले और 112 रावण दहन स्थल
पुलिस के अनुसार, मेरठ परिक्षेत्र में कुल 390 शोभायात्राएं निकाली जाएंगी। इनमें मेरठ में 45, बुलंदशहर में 260, बागपत में 35 और हापुड़ में 50 शोभायात्राएं शामिल हैं। चारों जिलों में कुल 26 पूजा पंडाल बनाए जाएंगे—मेरठ और बागपत में 11-11, बुलंदशहर में एक तथा हापुड़ में तीन। इनमें सात बड़े पंडाल शामिल हैं।
दुर्गा प्रतिमाओं की स्थापना के लिए कुल 27 स्थान निर्धारित हैं। मेरठ में 12, बागपत में 11, हापुड़ में तीन और बुलंदशहर में एक प्रतिमा स्थापित की जाएगी। पूजा-अर्चना और जागरण सहित 44 अन्य कार्यक्रम भी प्रस्तावित हैं। इनके अलावा 56 मंदिरों में कार्यक्रम होंगे।
पर्व के दौरान परिक्षेत्र में 114 मेले और रामलीला मंचन आयोजित होंगे। मेरठ में 36, बुलंदशहर में 51, बागपत में 16 और हापुड़ में 11 स्थानों पर मेले या रामलीला का आयोजन होगा। वहीं, कुल 112 स्थानों पर रावण दहन किया जाएगा। इनमें मेरठ के 32, बुलंदशहर के 53, बागपत के 14 और हापुड़ के 13 स्थल शामिल हैं। पुलिस ने परिक्षेत्र में 115 हॉटस्पॉट और संवेदनशील स्थान भी चिह्नित किए हैं।
आयोजकों और संबंधित विभागों के साथ 262 बैठकें
पुलिस ने आयोजनकर्ताओं, संचालकों, पीस कमेटी, धर्मगुरुओं, शांति समितियों और संभ्रांत नागरिकों के साथ 132 बैठकें की हैं। नगर निगम, स्वास्थ्य और विद्युत विभाग सहित अन्य विभागों के साथ 130 बैठकें आयोजित की गई हैं। इन बैठकों के जरिए आयोजनों की रूपरेखा, सुरक्षा और आवश्यक व्यवस्थाओं पर समन्वय किया गया है।
विवादित स्थलों और जुलूस मार्गों की पहले से होगी जांच
डीआईजी मेरठ परिक्षेत्र कलानिधि नैथानी ने सभी जनपद प्रभारियों को रामलीला स्थलों, दुर्गा प्रतिमा स्थापना और विसर्जन स्थलों, जुलूस मार्गों तथा रावण दहन स्थलों का पहले से निरीक्षण कराने के निर्देश दिए हैं। किसी स्थान या मार्ग को लेकर विवाद सामने आने पर उसे समय रहते सुलझाने और बीट स्तर पर जानकारी जुटाने को कहा गया है। अधिकारियों को निर्देश हैं कि सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर विवाद का निस्तारण करें।
थानों में उपलब्ध त्योहार रजिस्टर और रजिस्टर नंबर-8 की प्रविष्टियों की समीक्षा करने तथा किसी भी नई परंपरा की अनुमति नहीं देने को कहा गया है। असामाजिक और सांप्रदायिक तत्वों की सूची अद्यतन कर जरूरत पड़ने पर उनके खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं। पिछले पांच वर्षों में नवरात्र, दुर्गा पूजा, दशहरा और रामलीला के दौरान हुए विवादों तथा दर्ज मुकदमों की जानकारी लेकर प्रभावी कार्रवाई करने को कहा गया है।
बिजली, आग और यातायात सुरक्षा पर जोर
पूजा पंडालों, जागरण पंडालों और अन्य कार्यक्रम स्थलों पर विद्युत दुर्घटना से बचाव के लिए आयोजकों, विद्युत विभाग और अग्निशमन विभाग के साथ समन्वय कर भौतिक निरीक्षण कराने के निर्देश दिए गए हैं। पंडालों और रामलीला मंचों की अनुमति देते समय यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि सार्वजनिक आवागमन बाधित न हो। प्रतिमाओं की स्थापना परंपरागत और खाली स्थानों पर कराने, प्रतिमाओं का आकार यथासंभव छोटा रखने तथा मैदान की क्षमता से अधिक भीड़ न होने देने पर भी जोर दिया गया है।
रावण दहन स्थलों पर अग्निशमन व्यवस्था पर्याप्त रखने और पुतलों के आसपास बैरिकेडिंग कराने को कहा गया है। पुलिस, पीएसी, होमगार्ड, अग्निशमन और यातायात पुलिस की ड्यूटी योजनाबद्ध तरीके से लगाने तथा महत्वपूर्ण स्थलों पर राजपत्रित अधिकारियों और मजिस्ट्रेट की तैनाती के निर्देश दिए गए हैं। पार्किंग, ट्रैफिक डायवर्जन और होल्डिंग एरिया पहले से चिन्हित किए जाएंगे। भीड़ नियंत्रित करने के लिए डायवर्जन प्वाइंट पर मोबाइल बैरियर भी लगाए जाएंगे।
प्रतिमा विसर्जन स्थलों पर चेतावनी बोर्ड और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करने के साथ जरूरत के अनुसार बाढ़ राहत पीएसी और स्थानीय गोताखोरों की सहायता लेने को कहा गया है। संवेदनशील स्थलों, जुलूस मार्गों और धार्मिक स्थलों के आसपास वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में पुलिस और पीएसी बल के साथ नियमित फ्लैग मार्च भी किया जाएगा।
महिलाओं की सुरक्षा और सोशल मीडिया पर निगरानी
मिशन शक्ति अभियान के तहत एंटी रोमियो टीमें रामलीला स्थलों, मेलों, बाजारों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर चेकिंग करेंगी। थाना और चौकी के बल को क्लस्टर व्यवस्था के तहत हेलमेट और बॉडी प्रोटेक्टर से लैस रखने के निर्देश दिए गए हैं। जरूरत पड़ने पर सांप्रदायिक हॉटस्पॉट पर पुलिस पिकेट और स्टैटिक मजिस्ट्रेट तैनात किए जाएंगे।
महत्वपूर्ण गतिविधियों और भीड़भाड़ वाले स्थानों की सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी। मिश्रित आबादी और संवेदनशील क्षेत्रों में ड्रोन कैमरों के जरिए भी निगरानी रखने की तैयारी है। पुलिस ने आकस्मिक घटनाओं से निपटने के लिए स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार कार्ययोजना बनाने और सोशल मीडिया सहित अन्य संचार माध्यमों पर सतर्क नजर रखने के निर्देश दिए हैं, ताकि अफवाह या आपत्तिजनक सामग्री फैलने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।