कलानिधि नैथानी (डी आई जी मेरठ परिक्षेत्र)
मेरठ #ANN आगामी धनतेरस, दीपावली, गोवर्धन पूजा और भैयादूज को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए मेरठ परिक्षेत्र के सभी जनपदों में व्यापक पुलिस प्रबंध किए गए हैं। पुलिस उपमहानिरीक्षक मेरठ परिक्षेत्र कलानिधि नैथानी ने बताया कि त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए करीब 5,000 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। प्रमुख बाजारों, सर्राफा बाजारों, चौराहों, धार्मिक स्थलों, पूजा स्थलों, मेलों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात रहेगा।
पुलिस व्यवस्था में 7 अपर पुलिस अधीक्षक, 26 क्षेत्राधिकारी, 98 निरीक्षक, 902 उपनिरीक्षक, 1,335 मुख्य आरक्षी, 1,705 आरक्षी तथा 883 होमगार्ड और पीआरडी जवान शामिल हैं। इसके अतिरिक्त दो कंपनी पीएसी भी तैनात की गई हैं। परिक्षेत्र में 128 हॉटस्पॉट और संवेदनशील स्थान चिह्नित किए गए हैं। इन स्थानों की निगरानी और सुरक्षा के लिए 24 जोन, 81 सेक्टर तथा 64 क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) गठित की गई हैं।
मेरठ, बुलंदशहर और बागपत में नौ मेले प्रस्तावित
त्योहारों के दौरान परिक्षेत्र में कुल नौ मेलों का आयोजन प्रस्तावित है। इनमें मेरठ में एक, बुलंदशहर में पांच और बागपत में तीन मेले शामिल हैं। मेले के मार्गों, प्रवेश और निकास स्थलों तथा आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। मिश्रित आबादी वाले इलाकों, धार्मिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर भी पुलिस की सतर्क निगरानी रहेगी।
पुलिस प्रशासन के अनुसार, त्योहारों से पहले आयोजकों, संचालकों, पीस कमेटी के सदस्यों, धर्मगुरुओं, शांति समितियों और संभ्रांत नागरिकों के साथ 123 बैठकें की गई हैं। नगर निगम, स्वास्थ्य और विद्युत विभाग समेत अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ भी 105 समन्वय बैठकें आयोजित की गईं, ताकि आपातकालीन परिस्थितियों में विभागों के बीच त्वरित तालमेल बना रहे।

बाजारों और सर्राफा दुकानों पर विशेष निगरानी
डीआईजी ने प्रमुख बाजारों, सर्राफा बाजारों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल के साथ पैदल गश्त और प्रभावी पेट्रोलिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। थाना प्रभारियों को अपने क्षेत्र की सर्राफा दुकानों की सुरक्षा का आकलन करने और वहां तैनात गार्डों को आवश्यक ब्रीफिंग देने को कहा गया है।
धनतेरस और दीपावली के दौरान सर्राफा बाजारों में अतिरिक्त सतर्कता बरती जाएगी। स्नैचिंग, चोरी, नकबजनी और टप्पेबाजी जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की जांच की जाएगी। सभी क्षेत्राधिकारी और थाना प्रभारी अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमणशील रहकर कानून-व्यवस्था की स्थिति पर नजर रखेंगे।
यातायात, पार्किंग और महिला सुरक्षा पर जोर
प्रमुख चौराहों, तिराहों और बाजारों में यातायात पुलिस की पर्याप्त ड्यूटी लगाकर वाहनों की आवाजाही सुचारु रखने के निर्देश दिए गए हैं। भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में जरूरत के अनुसार रूट डायवर्जन और पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी, ताकि त्योहारों के दौरान बाजारों में जाम की स्थिति न बने।
महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा के लिए प्रमुख बाजारों, मेलों और अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर महिला पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। मिशन शक्ति और एंटी रोमियो टीमों को सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस अधिकारियों को आमजन के साथ शालीन और सहयोगात्मक व्यवहार बनाए रखने के लिए भी कहा गया है।
यूपी-112 और आपातकालीन सेवाएं रहेंगी सक्रिय
यूपी-112 के पीआरवी वाहन, थाना मोबाइल और हाईवे मोबाइल को संवेदनशील तथा अतिसंवेदनशील स्थानों पर रणनीतिक रूप से तैनात किया जाएगा, ताकि सूचना मिलने पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंच सके। जिला नियंत्रण कक्ष और यूपी-112 के माध्यम से मिलने वाली सूचनाओं पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के साथ अतिरिक्त पुलिस बल को रिजर्व में रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।
पटाखों और आतिशबाजी की दुकानों पर निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन कराया जाएगा। अग्निशमन, स्वास्थ्य, विद्युत और नगर निगम के अधिकारियों के साथ समन्वय कर जरूरी आपातकालीन व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी। अग्निशमन वाहनों और अन्य आपातकालीन संसाधनों को अलर्ट रखने के निर्देश दिए गए हैं।
नई परंपरा और नए मार्ग से जुलूस की अनुमति नहीं
संवेदनशील स्थलों, मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों, धार्मिक स्थलों और मेलों के निर्धारित मार्गों पर विशेष सतर्कता रखने को कहा गया है। किसी भी नई परंपरा अथवा नए मार्ग से जुलूस या शोभायात्रा निकालने की अनुमति नहीं दी जाएगी। थाना प्रभारियों को शांति समिति के सदस्यों, धर्मगुरुओं, आयोजकों और संभ्रांत नागरिकों से निरंतर संपर्क बनाए रखने तथा शिकायतों और समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण करने के निर्देश दिए गए हैं।
किसी आकस्मिक घटना या विवाद की सूचना मिलने पर संबंधित क्षेत्राधिकारी और थाना प्रभारी को तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति नियंत्रित करने को कहा गया है। एलआईयू और थाना स्तर के सूचना तंत्र को सक्रिय रखकर असामाजिक तथा आपराधिक तत्वों की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी।
सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्ट की निगरानी
त्योहारों के दौरान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स, फेसबुक, इंस्टाग्राम और अन्य माध्यमों पर भ्रामक, आपत्तिजनक और भड़काऊ पोस्ट की सतत निगरानी की जाएगी। अफवाह फैलाने या सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास करने वालों के विरुद्ध तत्काल वैधानिक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
डीआईजी कलानिधि नैथानी ने सभी जनपदों में पर्याप्त पुलिस प्रबंध, प्रभावी निगरानी और आपसी समन्वय के साथ त्योहार संपन्न कराने को कहा है। उन्होंने निर्देशित किया कि कानून-व्यवस्था प्रभावित करने के किसी भी प्रयास पर तत्काल और प्रभावी वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।