पुलिस गिरफ्त में चैन लूट गिरोह के आरोपी
कोटद्वार/मेरठ। महिलाओं को सार्वजनिक वाहनों और ऑटो रिक्शा में निशाना बनाकर सोने की चेन चोरी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पौड़ी पुलिस ने पर्दाफाश किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) पौड़ी के निर्देश पर गठित विशेष पुलिस टीमों ने सात दिनों तक लगातार जांच, तकनीकी विश्लेषण और 150 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में मेरठ निवासी एक कथित पत्रकार भी शामिल है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई चेन बेचकर प्राप्त 1 लाख 10 हजार रुपये नकद तथा घटना में प्रयुक्त दो कारें भी बरामद की हैं। मामले में एक महिला आरोपी अभी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
ऑटो में सफर के दौरान हुई थी चेन चोरी
पुलिस के अनुसार, मोटाढाक, कोटद्वार निवासी श्रीमती सतेश्वरी देवी ने कोतवाली कोटद्वार में शिकायत दर्ज कराई थी कि 23 जून 2026 को वह उमराव नगर से सिम्मलचौड़ जाने के लिए ऑटो रिक्शा में सवार हुई थीं। रास्ते में दो महिलाएं भी उसी ऑटो में बैठ गईं। गंतव्य पर उतरने के बाद उन्हें पता चला कि उनके गले से सोने की चेन चोरी हो चुकी है। शिकायत के आधार पर कोतवाली कोटद्वार में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
150 से अधिक CCTV फुटेज खंगालकर पहुंची पुलिस आरोपियों तक
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी पौड़ी ने तत्काल विशेष पुलिस टीमों का गठन किया। अपर पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार ठाकुर, क्षेत्राधिकारी अस्मिता ममगाई और प्रभारी निरीक्षक प्रदीप नेगी के नेतृत्व में पुलिस ने घटनास्थल से लेकर संभावित मार्गों तक व्यापक जांच शुरू की।
जांच के दौरान कोटद्वार, दुर्गापुरी, देवी मंदिर रोड, नजीबाबाद, हरिद्वार, मुजफ्फरनगर, मेरठ और हरियाणा तक लगभग 150 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का सूक्ष्म विश्लेषण किया गया। तकनीकी साक्ष्यों, सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही।
मेरठ और हरियाणा से जुड़े आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने 30 जून 2026 को तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें फरीदाबाद निवासी विक्रम, मेरठ निवासी कथित पत्रकार सतीश तथा रेवाड़ी निवासी ज्योति शामिल हैं। मामले में नामजद महिला आरोपी शिल्पी, जो वर्तमान में नोएडा क्षेत्र से जुड़ी बताई गई है, अभी फरार है और उसकी तलाश जारी है।
चोरी की चेन बेचकर मिले थे ₹1.10 लाख
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि कोटद्वार से चोरी की गई सोने की चेन को उन्होंने 1 लाख 10 हजार रुपये में बेच दिया था। पुलिस ने यह पूरी नकद राशि बरामद कर ली है। साथ ही घटना में प्रयुक्त मारुति सियाज (DL-14CC-8389) और मारुति अर्टिगा (HR-87L-4178) कारों को भी जब्त कर लिया गया है। पुलिस अब चोरी का आभूषण खरीदने वाले व्यक्ति की पहचान और उसकी भूमिका की भी जांच कर रही है।
ऐसे करते थे वारदात
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि गिरोह बेहद सुनियोजित तरीके से चोरी की घटनाओं को अंजाम देता था। गिरोह के सदस्य दो वाहनों का इस्तेमाल करते थे। एक वाहन घटनास्थल से दूर खड़ा रहता था, जबकि महिला सदस्य ऑटो या अन्य सार्वजनिक वाहनों में आभूषण पहने महिलाओं के पास बैठ जाती थीं। दुपट्टे या बैग की आड़ लेकर कुछ ही सेकेंड में गले से सोने की चेन निकाल ली जाती थी। इसके बाद चोरी का सामान दूसरे वाहन में मौजूद साथियों को सौंप दिया जाता था, ताकि पुलिस जांच के दौरान उनके पास कोई बरामदगी न हो सके।
पुलिस की कार्रवाई जारी
पुलिस ने बताया कि फरार महिला आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। साथ ही चोरी के आभूषण की खरीद-फरोख्त से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
पौड़ी पुलिस ने आम नागरिकों, विशेषकर महिलाओं से अपील की है कि सार्वजनिक वाहनों में यात्रा करते समय सतर्क रहें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।