कांग्रेस द्वारा चलाए जा रहे "छात्रों की गूंज" अभियान को मिला व्यापक समर्थन
मेरठ। कांग्रेस द्वारा चलाए जा रहे ‘छात्रों की गूंज’ अभियान को मेरठ में लगातार छात्रों का समर्थन मिल रहा है। अभियान के दूसरे दिन भी शहर के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने अभियान से जुड़कर शिक्षा, रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग को लेकर अपनी भागीदारी दर्ज कराई। छात्रों ने मिस्ड कॉल और पंजीकरण फॉर्म के माध्यम से अभियान से जुड़ते हुए अपने समर्थन का संदेश दिया।
अभियान के तहत शहर संयोजक अवनीश काजला के नेतृत्व में मेरठ एक्शन टीम ने शहर के विभिन्न कॉलेजों में जनसंपर्क अभियान चलाया। टीम ने छात्रों से सीधा संवाद करते हुए उन्हें अभियान के उद्देश्यों से अवगत कराया और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर खुलकर चर्चा की।
अवनीश काजला ने बताया कि अभियान को दूसरे दिन भी छात्रों का अभूतपूर्व सहयोग प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार, बढ़ती बेरोज़गारी और लगातार सामने आ रहे पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दों पर अपनी आवाज़ बुलंद करने के लिए अभियान से जुड़ने का निर्णय लिया है।
उन्होंने कहा कि युवाओं में शिक्षा और रोजगार से संबंधित समस्याओं को लेकर गहरी चिंता है। छात्रों का मानना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और युवाओं के लिए रोजगार के बेहतर अवसर सुनिश्चित किए जाने चाहिए। इसी उद्देश्य से छात्र लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात सरकार और समाज के सामने रखना चाहते हैं।
अभियान के दौरान मेरठ एक्शन टीम ने विभिन्न शिक्षण संस्थानों के अलावा छात्रावासों (हॉस्टल), पुस्तकालयों और चाय की दुकानों पर भी छात्रों से संवाद किया। टीम ने विद्यार्थियों से आगामी ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की, ताकि शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाया जा सके।
इस दौरान शहर संयोजक अवनीश काजला के साथ सहरयाब मुखिया, अजय चौधरी, सोहराब पठान, अज़ीम प्रधान, इमरान अख्तर, सुमित विकल, जुबैर खान, वासु चौधरी, हमजा चौहान, सोनम रानी सहित अन्य कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। सभी ने छात्रों से संवाद कर अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।
अभियान के आयोजकों का कहना है कि आने वाले दिनों में मेरठ के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में यह जनसंपर्क अभियान और तेज़ किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक छात्रों को अभियान से जोड़कर शिक्षा, रोजगार और युवाओं के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित की जा सके।