अपनी मांगों को लेकर बारिश में प्रदर्शन करती आशा कार्य कार्यकर्ता
मेरठ/लखनऊ। ऑल आशा एवं आशा संगिनी कार्यकर्ता सेवा समिति ने प्रधानमंत्री एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को संबोधित एक विस्तृत मांगपत्र भेजकर प्रदेश की लाखों आशा और आशा संगिनी कार्यकर्ताओं की विभिन्न लंबित मांगों के शीघ्र समाधान की मांग की है। संगठन का कहना है कि आशा कार्यकर्ता वर्षों से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं, टीकाकरण, परिवार कल्याण, जन-जागरूकता और विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं, लेकिन आज भी उन्हें अपेक्षित सम्मान, सुविधाएं और आर्थिक सुरक्षा प्राप्त नहीं हो सकी है।
संगठन की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष निर्देश त्यागी ने जारी मांगपत्र में कहा कि कोरोना महामारी सहित विभिन्न आपात परिस्थितियों में आशा और आशा संगिनी कार्यकर्ताओं ने अपनी जान जोखिम में डालकर स्वास्थ्य सेवाओं को लोगों तक पहुंचाने का कार्य किया। इसके बावजूद उन्हें अभी तक स्थायी दर्जा और पर्याप्त सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध नहीं कराई गई है।
संगठन ने रखीं प्रमुख मांगें
मांगपत्र में केंद्र और प्रदेश सरकार से कई महत्वपूर्ण मांगें की गई हैं। इनमें प्रमुख रूप से उत्तर प्रदेश की आशा और आशा संगिनी कार्यकर्ताओं को नियमित अथवा स्थायी दर्जा प्रदान करने, सम्मानजनक एवं सुनिश्चित मानदेय उपलब्ध कराने तथा समय पर भुगतान सुनिश्चित करने की मांग शामिल है।
संगठन ने आभा (ABHA) कार्ड और आयुष्मान भारत योजना से जुड़े कार्यों के लिए स्पष्ट गाइडलाइन जारी करने तथा कार्य के अनुरूप प्रोत्साहन राशि का समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने की भी मांग की है।
इसके अलावा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) से संबंधित कार्यों का दायित्व आशा कार्यकर्ताओं को सौंपते हुए निर्धारित प्रोत्साहन राशि का भुगतान करने की मांग भी उठाई गई है।
सामाजिक सुरक्षा और कर्मचारी सुविधाओं की मांग
संगठन ने कहा कि आशा एवं आशा संगिनी कार्यकर्ताओं को अन्य कर्मचारियों की तरह आवश्यक कर्मचारी सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए। सेवा के दौरान दुर्घटना या मृत्यु होने की स्थिति में उचित आर्थिक सहायता, बीमा सुरक्षा तथा परिवार को आवश्यक सहायता प्रदान करने की व्यवस्था भी लागू की जानी चाहिए।
साथ ही संगठन ने कार्य के दौरान आने वाली व्यावहारिक समस्याओं के समाधान, कार्यभार के अनुरूप पारिश्रमिक तथा सेवा शर्तों को स्पष्ट और पारदर्शी बनाने की भी मांग की है।
स्वास्थ्य व्यवस्था की मजबूत आधारशिला हैं आशा कार्यकर्ता
मांगपत्र में कहा गया है कि आशा एवं आशा संगिनी कार्यकर्ता राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था की मजबूत आधारशिला हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण, संस्थागत प्रसव, नवजात शिशुओं की देखभाल, टीकाकरण, परिवार नियोजन, संक्रामक रोगों की रोकथाम तथा विभिन्न जनस्वास्थ्य कार्यक्रमों के सफल क्रियान्वयन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।
संगठन का कहना है कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान किया जाता है तो प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक प्रभावी एवं सुदृढ़ होंगी तथा आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
इन अधिकारियों को भी भेजी गई प्रतिलिपि
संगठन ने अपने मांगपत्र की प्रतिलिपि उत्तर प्रदेश के मिशन निदेशक (परिवार कल्याण), प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री, प्रदेश के सभी मीडिया संस्थानों तथा आशा एवं आशा संगिनी से जुड़े विभिन्न संगठनों को भी भेजी है।
संगठन की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष निर्देश त्यागी ने केंद्र एवं प्रदेश सरकार से मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने का अनुरोध किया है, ताकि प्रदेश की आशा और आशा संगिनी कार्यकर्ताओं को उनका उचित सम्मान, आर्थिक सुरक्षा और कार्य के अनुरूप सुविधाएं मिल सकें।