उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार प्रदेश में सुशासन, पारदर्शिता और जनसमस्याओं के समयबद्ध समाधान की नीति पर लगातार काम कर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक जवाबदेह और संवेदनशील बनाने के लिए विभिन्न स्तरों पर विशेष पहल की जा रही है। इसी क्रम में देवीपाटन मंडल में शुरू किए गए “संध्या संवाद” कार्यक्रम के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं, जहां लंबे समय से लंबित सेवानिवृत्त कर्मचारियों के जीपीएफ (जनरल प्रोविडेंट फंड) एवं अन्य सेवा संबंधी देयों का भुगतान कर उन्हें बड़ी राहत प्रदान की गई।
प्रशासन द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, 89 लाख 41 हजार 612 रुपये की जीपीएफ धनराशि पात्र सेवानिवृत्त कर्मचारियों के बैंक खातों में स्थानांतरित कर दी गई। वर्षों से अपने वैधानिक भुगतान की प्रतीक्षा कर रहे कर्मचारियों ने धनराशि मिलने पर संतोष व्यक्त किया और प्रशासन की इस पहल की सराहना की।
मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप हुई त्वरित कार्रवाई
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार अधिकारियों को यह निर्देश देते रहे हैं कि जनशिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिक प्रक्रिया तक सीमित न रहे, बल्कि संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ समयबद्ध तरीके से किया जाए। सरकार की प्राथमिकता है कि आम नागरिकों के साथ-साथ सरकारी कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कार्मिकों को भी अपने वैधानिक अधिकार प्राप्त करने के लिए अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए देवीपाटन मंडल में “संध्या संवाद” कार्यक्रम की शुरुआत की गई, जिसके माध्यम से प्रशासन सीधे जनता के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सुन रहा है और उनका मौके पर समाधान सुनिश्चित कर रहा है।
मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल के निर्देश पर हुआ समाधान
श्रावस्ती में आयोजित संध्या संवाद कार्यक्रम के दौरान कई सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने शिकायत दर्ज कराई कि उनका जीपीएफ तथा अन्य सेवा संबंधी भुगतान लंबे समय से लंबित है। मामले को गंभीरता से लेते हुए मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने संबंधित अधिकारियों को सभी लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए।
इसके बाद जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग के नेतृत्व में जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर सभी आवश्यक प्रशासनिक एवं वित्तीय औपचारिकताओं को तेजी से पूरा कराया। परिणामस्वरूप लंबित भुगतान की प्रक्रिया पूरी हुई और पात्र कर्मचारियों के खातों में जीपीएफ की धनराशि भेज दी गई।
इन कर्मचारियों को मिला लाभ
प्रशासन की इस पहल से प्रकाश नारायण पाठक, राजेंद्र प्रसाद पाण्डेय, सुनील श्रीवास्तव, प्रेम नारायण वर्मा, कौशल्या देवी, अवधेश कुमार तथा भगवान दीन वर्मा सहित अन्य पात्र सेवानिवृत्त कर्मचारियों को उनके सेवा संबंधी देयों का भुगतान प्राप्त हुआ।
सभी लाभार्थियों को मिलाकर 89,41,612 रुपये की कुल धनराशि वितरित की गई, जिससे लंबे समय से लंबित मामलों का समाधान संभव हो सका।
टेण्डवा महन्थ गांव से हुई थी “संध्या संवाद” की शुरुआत
देवीपाटन मंडल में “संध्या संवाद” कार्यक्रम की शुरुआत श्रावस्ती जिले की ग्राम पंचायत टेण्डवा महन्थ से की गई थी। इस कार्यक्रम का उद्देश्य प्रशासन और आम जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करना तथा समस्याओं का मौके पर समाधान सुनिश्चित करना है।
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों की शिकायतें सुनने के साथ-साथ विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी भी दी जाती है और पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाता है। प्रशासन का कहना है कि संध्या संवाद अब लोगों और प्रशासन के बीच भरोसे का एक प्रभावी मंच बनता जा रहा है।
सुशासन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
प्रदेश सरकार का मानना है कि समयबद्ध शिकायत निस्तारण, पारदर्शी प्रशासन और जवाबदेह कार्यप्रणाली ही सुशासन की आधारशिला है। संध्या संवाद जैसी पहलें इसी सोच को मजबूत करती हैं, जहां आमजन और कर्मचारियों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है। सेवानिवृत्त कर्मचारियों को जीपीएफ भुगतान दिलाने की यह कार्रवाई भी सरकार की इसी प्राथमिकता का एक महत्वपूर्ण उदाहरण मानी जा रही है।