रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के दो प्रमुख शहरों लखनऊ और कानपुर के बीच यातायात को और अधिक सुगम एवं तेज़ बनाने वाले लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का उद्घाटन सोमवार को किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक्सप्रेसवे को प्रदेश के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कानपुर से लखनऊ के बीच बेहतर हाईवे की मांग लंबे समय से की जा रही थी, जिसे केंद्र सरकार ने प्राथमिकता देते हुए पूरा किया।
अपने संबोधन में रक्षा मंत्री ने कहा कि यह एक्सप्रेसवे केवल दो शहरों को जोड़ने वाली सड़क नहीं है, बल्कि प्रदेश के औद्योगिक, व्यावसायिक और सामाजिक विकास को नई गति देने वाला महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर है। इससे दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय कम होगा, यातायात का दबाव घटेगा और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

नितिन गडकरी का जताया आभार
राजनाथ सिंह ने कहा कि जैसे ही उन्होंने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के सामने इस परियोजना की आवश्यकता रखी, उन्होंने बिना किसी देरी के इसे स्वीकृति प्रदान कर दी। उन्होंने मंच से कहा,
“आपने उत्तर प्रदेश को बहुत कुछ दिया है और मुझे विश्वास है कि आगे भी जब प्रदेश के विकास के लिए कोई नई मांग रखी जाएगी तो उसे भी आप शीघ्र पूरा करेंगे।”

लखनऊ एयरपोर्ट से आउटर रिंग रोड तक बनेगा एलिवेटेड कॉरिडोर
रक्षा मंत्री ने अपने संबोधन के दौरान लखनऊ शहर में बढ़ती ट्रैफिक समस्या का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक पहुंचने वाले लोगों को भारी जाम का सामना करना पड़ता है।
इसी समस्या के समाधान के लिए उन्होंने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से लखनऊ एयरपोर्ट से आउटर रिंग रोड तक शहीद पथ पर लगभग 23 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण का आग्रह किया।
राजनाथ सिंह ने बताया कि उनके इस प्रस्ताव को भी केंद्रीय मंत्री ने तत्काल स्वीकृति प्रदान कर दी है। इससे भविष्य में राजधानी लखनऊ में ट्रैफिक दबाव कम होगा और एयरपोर्ट तक पहुंचना पहले की तुलना में अधिक आसान और तेज़ हो जाएगा।

एलिवेटेड रोड के ऊपर चलेगी मेट्रो
रक्षा मंत्री ने एक और बड़ी घोषणा करते हुए बताया कि उन्होंने नितिन गडकरी से अनुरोध किया है कि प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर के ऊपर मेट्रो रेल परियोजना भी विकसित की जाए, ताकि सड़क और सार्वजनिक परिवहन दोनों का बेहतर समन्वय हो सके।
उन्होंने कहा कि इस प्रस्ताव को भी सिद्धांत रूप से स्वीकृति मिल गई है। यदि यह परियोजना तय योजना के अनुसार पूरी होती है, तो लखनऊ देश के उन चुनिंदा शहरों में शामिल हो जाएगा जहां सड़क और मेट्रो का आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर एक साथ विकसित होगा।
प्रदेश के विकास को मिलेगी नई रफ्तार
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के शुरू होने से दोनों शहरों के बीच आवागमन तेज होगा, ईंधन की बचत होगी और औद्योगिक निवेश को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। वहीं प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर और मेट्रो परियोजना राजधानी लखनऊ की ट्रैफिक व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद राजधानी क्षेत्र में यातायात का दबाव कम होगा, यात्रियों का समय बचेगा और उत्तर प्रदेश के आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।