जिला विद्यालय निरीक्षक जगदीश प्रसाद शुक्ल ने विद्यालय का किया निरीक्षण
मेरठ। जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) मेरठ जगदीश प्रसाद शुक्ल ने जनपद के पांच इंटर कॉलेजों का औचक निरीक्षण कर शिक्षा व्यवस्था, छात्र उपस्थिति, स्वच्छता, प्रयोगशालाओं, स्मार्ट क्लास और प्रशासनिक व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान कई विद्यालयों में शिक्षक एवं लिपिक अनुपस्थित मिले, छात्र उपस्थिति बेहद कम पाई गई, प्रयोगशालाएं और डिजिटल लैब का समुचित उपयोग नहीं हो रहा था, जबकि कई स्थानों पर गंदगी और अव्यवस्थाएं भी सामने आईं।
निरीक्षण में सामने आई खामियों को गंभीरता से लेते हुए डीआईओएस ने संबंधित प्रधानाचार्यों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। साथ ही स्पष्ट किया है कि लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों से स्पष्टीकरण लेकर संतोषजनक जवाब न मिलने पर उनका एक दिन का वेतन रोका जाएगा। सभी विद्यालयों से एक सप्ताह के भीतर अनुपालन रिपोर्ट भी तलब की गई है।
इन विद्यालयों का किया गया निरीक्षण
डीआईओएस ने निम्नलिखित विद्यालयों का निरीक्षण किया—
- राजकीय इंटर कॉलेज, मेरठ
- राम सहाय इंटर कॉलेज, मेरठ
- शान्ता स्मारक इंटर कॉलेज, मेरठ
- राजकीय कन्या इंटर कॉलेज, माधवपुरम
- देवनागरी इंटर कॉलेज, मेरठ
राजकीय इंटर कॉलेज में 700 में से केवल 150 छात्र मिले उपस्थित
निरीक्षण के दौरान राजकीय इंटर कॉलेज में लगभग 700 छात्रों के सापेक्ष केवल 150 छात्र ही उपस्थित मिले। विद्यालय के तीन लिपिक तथा एक सहायक अध्यापिका अनुपस्थित पाई गईं।
डीआईओएस ने अनुपस्थित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण लेने के निर्देश देते हुए कहा कि जवाब संतोषजनक न मिलने पर उनका एक दिन का वेतन रोका जाए।
विद्यालय में व्यापक साफ-सफाई, परिसर का सौंदर्यीकरण, कृषि विभाग के माध्यम से हरित वातावरण विकसित करने, प्रयोगशालाओं को व्यवस्थित कर नियमित प्रयोग कराने तथा डिजिटल लैब एवं स्मार्ट क्लास का प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
साथ ही छात्र उपस्थिति बढ़ाने के लिए अभिभावकों के साथ नियमित पीटीएम आयोजित करने और जर्जर भवनों के ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया में तेजी लाने के भी निर्देश दिए गए।
राम सहाय इंटर कॉलेज में छात्रों ने खोली व्यवस्थाओं की पोल
राम सहाय इंटर कॉलेज में निरीक्षण के दौरान आउटसोर्स कर्मचारी अनुपस्थित मिला। कक्षा-10 के विद्यार्थियों ने बताया कि उनके मासिक टेस्ट नहीं कराए गए हैं।
इसके अलावा विद्यालय में कहीं भी समय सारिणी प्रदर्शित नहीं मिली और किसी भी शिक्षक के पास शिक्षक डायरी एवं पाठ योजना उपलब्ध नहीं थी।
कक्षा-6 के विद्यार्थियों ने यह भी बताया कि उन्हें मिड-डे मील योजना के अंतर्गत दूध, केला अथवा फल नहीं दिए जाते तथा प्रवेश के समय आवेदन के नाम पर 100 रुपये लिए जाते हैं।
डीआईओएस ने इन सभी मामलों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने तथा विद्यालय की व्यवस्थाएं तत्काल सुधारने के निर्देश दिए हैं।
शान्ता स्मारक इंटर कॉलेज में भी मिलीं कई कमियां
शान्ता स्मारक इंटर कॉलेज में निरीक्षण के दौरान प्रधानाचार्या अपने कार्यालय के बजाय स्टाफ रूम में बैठी मिलीं। उन्होंने बताया कि लिपिक के अनुपस्थित रहने के कारण कार्यालय नहीं खुल पाया।
छात्राओं ने शिकायत की कि उन्हें मिड-डे मील योजना के तहत दूध उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान शिक्षक डायरी एवं पाठ योजना भी उपलब्ध नहीं मिली।
डीआईओएस ने अनुपस्थित लिपिक के विरुद्ध कार्रवाई करने, शिक्षक डायरी अनिवार्य रूप से रखने तथा दूध वितरण की स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं।
राजकीय कन्या इंटर कॉलेज माधवपुरम में गंदगी और अव्यवस्था
राजकीय कन्या इंटर कॉलेज माधवपुरम में निरीक्षण के समय प्रधानाचार्या सहित दो लिपिक अनुपस्थित मिले।
विद्यालय का कंप्यूटर कक्ष अव्यवस्थित एवं गंदा पाया गया, जबकि प्रथम तल के शौचालय अत्यधिक गंदे मिले। कक्षा-10 की कई छात्राओं के पास पर्याप्त कॉपियां भी नहीं थीं।
डीआईओएस ने प्रधानाचार्या से स्पष्टीकरण मांगते हुए विद्यालय में नियमित साफ-सफाई और अनुशासन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
देवनागरी इंटर कॉलेज में झाड़ियां और भवन पर उगे पेड़ मिले
देवनागरी इंटर कॉलेज के निरीक्षण में विद्यालय परिसर में बड़ी-बड़ी झाड़ियां और भवन की दीवारों पर उगे पेड़ पाए गए।
डीआईओएस ने तत्काल झाड़ियां कटवाने, भवन पर उगे पेड़ों को हटाने तथा पूरे परिसर की साफ-सफाई कराने के निर्देश दिए।
सभी विद्यालयों के लिए जारी किए गए सामान्य निर्देश
जिला विद्यालय निरीक्षक ने सभी विद्यालयों के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। इनमें प्रमुख रूप से—
सभी शिक्षक एवं कर्मचारी समय से विद्यालय पहुंचकर नियमित शिक्षण कार्य कराएं।
विद्यालय परिसर को हरित एवं स्वच्छ बनाया जाए।
सभी कक्षाओं में समय सारिणी प्रदर्शित की जाए।
शिक्षक डायरी एवं पाठ योजना अनिवार्य रूप से रखी जाए।
डिजिटल लैब, स्मार्ट क्लास, पुस्तकालय, प्रयोगशालाएं एवं मल्टीपरपज हॉल का नियमित उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
विद्यालयों में रंग-रोगन, साफ-सफाई और रखरखाव के कार्य प्राथमिकता से कराए जाएं।
छात्रों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए अभिभावकों के साथ नियमित बैठकें आयोजित की जाएं।
विद्यालय भवनों की छत एवं दीवारों पर उगे पेड़-पौधों को हटाया जाए।
सभी वित्तीय अभिलेख, कैश बुक, स्टॉक रजिस्टर एवं अन्य रिकॉर्ड अद्यतन रखे जाएं।
एक सप्ताह में मांगी गई अनुपालन रिपोर्ट
डीआईओएस जगदीश प्रसाद शुक्ल ने सभी संबंधित प्रधानाचार्यों को निर्देश दिया है कि निरीक्षण में बताई गई सभी कमियों को प्राथमिकता के आधार पर दूर करते हुए एक सप्ताह के भीतर विस्तृत अनुपालन रिपोर्ट जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में उपलब्ध कराई जाए। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि निर्देशों का पालन नहीं किया गया तो संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।