मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करते पूर्व मंत्री पं सुनील भराला
लखनऊ/मेरठ। वरिष्ठ भाजपा नेता एवं उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व राज्यमंत्री पंडित सुनील भराला ने गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिष्टाचार भेंट कर प्रदेश के विकास, सांस्कृतिक विरासत, जनसुरक्षा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री को दो महत्वपूर्ण ज्ञापन सौंपते हुए विभिन्न जनहित और क्षेत्रीय मुद्दों पर शीघ्र निर्णय लेने का अनुरोध किया।
पंडित सुनील भराला ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में हो रहे सांस्कृतिक पुनर्जागरण और सुशासन की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश आज विकास, कानून व्यवस्था और सांस्कृतिक अस्मिता के क्षेत्र में पूरे देश के लिए एक आदर्श मॉडल बनकर उभरा है।
भगवान परशुराम के सम्मान में लिए गए निर्णय का किया स्वागत
मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान पंडित सुनील भराला ने भगवान परशुराम के सम्मान में जलालाबाद का नाम “भगवान परशुराम पुरी” किए जाने तथा गोरखपुर में एक गांव का नाम भगवान परशुराम के नाम पर रखने के निर्णय के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि यह निर्णय करोड़ों सनातन श्रद्धालुओं और ब्राह्मण समाज की लंबे समय से चली आ रही भावनाओं का सम्मान है। उनके अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश अपनी सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करते हुए भारतीय सभ्यता और सनातन परंपरा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रहा है।
मेरठ की ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण का रखा प्रस्ताव
भेंट के दौरान पंडित सुनील भराला ने मेरठ और उत्तर प्रदेश की ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण से संबंधित एक विस्तृत ज्ञापन भी मुख्यमंत्री को सौंपा।
ज्ञापन में उन्होंने मेरठ के प्रमुख मार्गों, सार्वजनिक स्थलों और महत्वपूर्ण स्थानों का नाम प्रदेश एवं देश की महान विभूतियों के नाम पर रखने का आग्रह किया। इसमें पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय राम प्रकाश गुप्ता, मेरठ के प्रथम विधायक स्वर्गीय मोहनलाल कपूर, बाबू हुकुम सिंह, प्रोफेसर रविन्द्र पुंडीर तथा छत्रपति शिवाजी महाराज सहित अनेक ऐतिहासिक और सामाजिक हस्तियों के नाम शामिल किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि जिन महापुरुषों ने राष्ट्र और समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, उनके नाम सार्वजनिक स्थलों से जुड़े होने चाहिए ताकि आने वाली पीढ़ियों को उनसे प्रेरणा मिल सके।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लंबित शस्त्र लाइसेंस आवेदनों के निस्तारण की मांग
पंडित सुनील भराला ने मुख्यमंत्री को एक अन्य ज्ञापन सौंपते हुए पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में वर्षों से लंबित शस्त्र लाइसेंस आवेदनों के शीघ्र निस्तारण की मांग की।
उन्होंने कहा कि मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, गाजियाबाद, शामली, बिजनौर, अमरोहा, रामपुर, मुरादाबाद, अलीगढ़, हापुड़, बरेली सहित अनेक जनपदों में बड़ी संख्या में आवेदन लंबित हैं। प्रशासनिक स्तर पर इन मामलों का समयबद्ध समाधान होने से आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना मजबूत होगी और शासन के प्रति विश्वास भी बढ़ेगा।
मुख्यमंत्री ने गंभीरता से सुने सुझाव
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पंडित सुनील भराला द्वारा प्रस्तुत सभी विषयों को गंभीरता से सुना और जनहित तथा प्रदेशहित के दृष्टिकोण से उनका परीक्षण कराने का आश्वासन दिया। बैठक का वातावरण सकारात्मक और सौहार्दपूर्ण बताया गया।
“उत्तर प्रदेश सुशासन और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का राष्ट्रीय मॉडल”
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए पंडित सुनील भराला ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश विकास, कानून व्यवस्था, सुशासन और सांस्कृतिक पुनर्जागरण के क्षेत्र में लगातार नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की कार्यशैली जनभावनाओं के प्रति संवेदनशील, निर्णायक और दूरदर्शी है, जिसके परिणामस्वरूप प्रदेश राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान बना रहा है।
समाजहित और राष्ट्रहित के मुद्दे उठाने की प्रतिबद्धता दोहराई
पंडित सुनील भराला ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी और योगी सरकार समाजहित, राष्ट्रहित तथा सनातन संस्कृति के संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भविष्य में भी जनसरोकारों और समाज की भावनाओं से जुड़े मुद्दों को लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से सरकार के समक्ष प्रभावी ढंग से रखा जाता रहेगा।
उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का समय देने, आत्मीय स्नेह प्रदान करने तथा जनहित के विषयों पर गंभीरता से विचार करने के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में उत्तर प्रदेश विकास, सांस्कृतिक वैभव और सुशासन के नए कीर्तिमान स्थापित करता रहेगा।