परतापुर स्थित एफसीआई गोदाम पर निरीक्षण करते तौल एवं माप अधिकारी
मेरठ। जिलाधिकारी मेरठ के निर्देशों के अनुपालन में जनपद में घटतौली (कम तौल) पर प्रभावी रोक लगाने के लिए विधिक माप विज्ञान (बांट-माप) विभाग लगातार अभियान चला रहा है। इसी क्रम में सोमवार को विभाग की टीम ने भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के परतापुर स्थित गोदाम एवं एचपीसीएल (HPCL) डिपो का निरीक्षण कर तौल एवं माप उपकरणों की जांच की। निरीक्षण के दौरान सभी संबंधित उपकरण निर्धारित मानकों के अनुरूप सही पाए गए।
FCI परतापुर के 60 मीट्रिक टन क्षमता वाले कांटे की दोबारा हुई जांच
विधिक माप विज्ञान विभाग द्वारा एफसीआई गोदाम, परतापुर परिसर में स्थापित 60 मीट्रिक टन क्षमता वाले तौल कांटे का पुनः परीक्षण किया गया। जांच में कांटा पूरी तरह सही वजन प्रदर्शित करता हुआ पाया गया।
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि कुछ दिन पूर्व इसी तौल कांटे की जांच के दौरान वजन में अंतर पाया गया था। इसके बाद तत्काल प्रभाव से उसे बंद कर दिया गया था तथा संबंधित संस्था से 20 हजार रुपये का शमन शुल्क (कंपाउंडिंग फीस) भी वसूला गया था। आवश्यक तकनीकी सुधार के बाद पुनः परीक्षण किया गया, जिसमें उपकरण मानक के अनुरूप सही पाया गया।
HPCL डिपो के टेस्टिंग प्रूवर भी मिले मानक के अनुरूप
निरीक्षण के दौरान HPCL डिपो मेरठ स्थित कैलिब्रेशन लैब के सभी टेस्टिंग प्रूवरों की भी मानक प्रूवर के माध्यम से जांच की गई। विभागीय परीक्षण में सभी माप उपकरण सही पाए गए। निरीक्षण के समय भारतीय खाद्य निगम (FCI) एवं HPCL के संबंधित अधिकारी भी मौजूद रहे।
अधिकारियों को दिए गए आवश्यक निर्देश
विधिक माप विज्ञान विभाग ने संबंधित अधिकारियों एवं सर्विस इंजीनियरों को निर्देशित किया कि सभी तौल एवं माप उपकरणों का नियमित रूप से मानक बाट एवं माप के माध्यम से परीक्षण कराया जाए, ताकि भविष्य में घटतौली जैसी कोई स्थिति उत्पन्न न हो और उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
व्यापारियों के लिए विभाग की महत्वपूर्ण सलाह
विधिक माप विज्ञान विभाग ने जिले के सभी व्यापारियों एवं प्रतिष्ठान संचालकों के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए हैं—
सभी तौल एवं माप उपकरणों का विभाग से सत्यापन एवं मुद्रांकन (स्टैम्पिंग) कराना अनिवार्य है।
विभाग द्वारा सत्यापित इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीनों एवं अन्य माप उपकरणों की नियमित रूप से मानक बाट एवं माप से जांच करते रहें।
यदि नियमित परीक्षण के दौरान किसी भी तौल या माप उपकरण में तकनीकी त्रुटि पाई जाती है, तो उसका उपयोग तत्काल बंद कर विधिक माप विज्ञान विभाग को इसकी सूचना दें।
यदि सूचना दिए बिना दोषपूर्ण उपकरण का उपयोग जारी रखा जाता है और औचक निरीक्षण या शिकायत के दौरान अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित व्यापारी या प्रतिष्ठान के विरुद्ध विधिक प्रावधानों के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
अभियान रहेगा लगातार जारी
वरिष्ठ निरीक्षक विशाल कुमार सिंह ने बताया कि जिलाधिकारी मेरठ के निर्देशानुसार जनपद में घटतौली के विरुद्ध नियमित एवं निरंतर अभियान चलाया जाएगा। विभाग का उद्देश्य उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा करना, व्यापारिक पारदर्शिता बनाए रखना तथा बाजार में सही तौल एवं माप की व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
उन्होंने सभी व्यापारियों से अपील की कि वे विभागीय नियमों का पालन करें तथा अपने तौल एवं माप उपकरणों का समय-समय पर सत्यापन कराते रहें, जिससे उपभोक्ताओं और व्यापारियों के बीच विश्वास बना रहे तथा किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके।