शैंकी वर्मा (मेरठ व्यापार मंडल महानगर अध्यक्ष)
मेरठ। मेरठ व्यापार मंडल के महानगर अध्यक्ष एवं समाजवादी नेता शैंकी वर्मा ने छात्रों, युवाओं और विपक्षी दलों की राजनीतिक गतिविधियों को लेकर प्रशासनिक कार्रवाई पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी भी नागरिक या राजनीतिक दल को अपनी बात रखने का अधिकार है और इस प्रकार की गतिविधियों पर रोक लगाने की घटनाएं लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं।
जारी बयान में शैंकी वर्मा ने कहा कि जंतर-मंतर जाने से रोकने के लिए पुलिस द्वारा नोटिस जारी करना, नेताओं और कार्यकर्ताओं को हाउस अरेस्ट करना तथा राजनीतिक कार्यक्रमों को प्रभावित करने जैसी घटनाएं लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं हैं। उनका कहना है कि असहमति की आवाज़ को दबाने के बजाय लोकतांत्रिक संवाद को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों और युवाओं की वास्तविक समस्याओं को सुनने और उनका समाधान करने के बजाय उनकी आवाज़ को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उनके अनुसार, शिक्षा, रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर सरकार को गंभीरता से काम करना चाहिए ताकि युवाओं का विश्वास बना रहे।
शैंकी वर्मा ने कहा कि सरकार और प्रशासन को दमनात्मक कदम उठाने के बजाय संवाद और सहमति का रास्ता अपनाना चाहिए। उनका मानना है कि लोकतंत्र की मजबूती तभी संभव है जब सभी वर्गों, विशेषकर छात्रों और युवाओं, को अपनी बात रखने का अवसर मिले और उनके संवैधानिक अधिकारों का सम्मान किया जाए।
उन्होंने कहा कि देश का युवा जागरूक हो चुका है और वह अपने अधिकारों तथा भविष्य को लेकर सजग है। ऐसे में युवाओं की भावनाओं को समझना और उनकी समस्याओं का समाधान करना सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि “युवा जाग चुका है, उसे बागी न बनाया जाए, क्योंकि वही देश का भविष्य है।”
शैंकी वर्मा ने अंत में कहा कि लोकतंत्र में संवाद, सहमति और संवैधानिक अधिकारों का सम्मान सर्वोपरि होना चाहिए तथा छात्रों, युवाओं और विपक्ष की आवाज़ को सुनकर समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए।