राजेंद्र पाल गौतम (ए आई सी सी राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुसूचित जाति विभाग)
मेरठ। मेरठ में प्रस्तावित कांग्रेस पार्टी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के अनुसूचित जाति विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र पाल गौतम ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने कार्यक्रम आयोजित होने से पहले ही स्थल पर ताला लगवा दिया, भारी पुलिस बल तैनात कर दिया तथा कांग्रेस कार्यकर्ताओं और छात्रों को कार्यक्रम में पहुंचने से रोकने के लिए उनके घरों पर पुलिस तैनात कर दी।
राजेंद्र पाल गौतम ने जारी बयान में कहा कि कांग्रेस पार्टी छात्रों के मुद्दों, शिक्षा व्यवस्था और युवाओं से जुड़े सवालों पर चर्चा करने के लिए मेरठ में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम आयोजित करने जा रही थी। उनका आरोप है कि प्रशासनिक कार्रवाई के चलते कार्यक्रम निर्धारित रूप से आयोजित नहीं हो सका।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या देश में नागरिकों के मौलिक अधिकार सुरक्षित हैं या फिर अघोषित आपातकाल जैसी स्थिति बना दी गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों से जुड़े गंभीर मुद्दों पर संवाद करने के बजाय सरकार उनकी आवाज दबाने का प्रयास कर रही है।
कांग्रेस नेता ने अपने बयान में कहा कि देश में लगातार प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने की घटनाएं सामने आ रही हैं और छात्रों को कई स्थानों पर आंदोलन के दौरान बल प्रयोग का सामना करना पड़ा है। उनका आरोप है कि सरकार छात्रों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय विरोध के स्वर को दबाने का प्रयास कर रही है।
राजेंद्र पाल गौतम ने मेरठ के छात्रों से कार्यक्रम में स्वयं उपस्थित न हो पाने पर खेद भी व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस छात्रों के अधिकारों और उनकी समस्याओं को लेकर संविधान और कानून के दायरे में रहकर संघर्ष जारी रखेगी। साथ ही उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे किसी भी परिस्थिति में कानून को अपने हाथ में न लें और शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखें।
कांग्रेस की ओर से जारी इस बयान के बाद मेरठ की राजनीति में एक बार फिर छात्र मुद्दों और प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, इस मामले में प्रशासन की ओर से समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।