एम ओ यू से मिलेगा छात्रों को रोजगार
मेरठ। छात्राओं को रोजगारपरक शिक्षा, व्यावहारिक प्रशिक्षण और उद्योग जगत की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने की दिशा में रघुनाथ गर्ल्स पीजी कॉलेज, मेरठ ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। महाविद्यालय ने राष्ट्रीय शिक्षुता प्रशिक्षण योजना (National Apprenticeship Training Scheme – NATS) के अंतर्गत बोर्ड ऑफ अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग (उत्तरी क्षेत्र), कानपुर के साथ अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम (Apprenticeship Embedded Degree Programme – AEDP) के संचालन के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।
यह समझौता 28 जुलाई 2026 को संपन्न हुआ। बोर्ड ऑफ अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग (उत्तरी क्षेत्र), कानपुर भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के अधीन कार्यरत एक स्वायत्त संस्था है, जो युवाओं को उद्योग आधारित प्रशिक्षण और रोजगारोन्मुख कौशल प्रदान करने के लिए विभिन्न कार्यक्रम संचालित करती है।
महाविद्यालय प्रशासन के अनुसार यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 की भावना के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक शिक्षा तक सीमित न रखते हुए उन्हें व्यावहारिक अनुभव, उद्योग आधारित प्रशिक्षण और रोजगारपरक कौशल से सशक्त बनाना है। इससे छात्राओं को पढ़ाई के दौरान ही उद्योग जगत की कार्यप्रणाली को समझने और भविष्य के लिए बेहतर करियर विकल्प प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
इन रोजगारपरक पाठ्यक्रमों का होगा संचालन
महाविद्यालय में AEDP के अंतर्गत निम्नलिखित रोजगारपरक डिग्री कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं—
- बी.कॉम. (Banking, Financial Services and Insurance – BFSI)
- बी.ए. (Content and Creative Writing)
- बी.एससी. (Media Communication)
इन पाठ्यक्रमों को इस प्रकार तैयार किया गया है कि छात्राओं में व्यावसायिक दक्षता, रचनात्मक सोच, संचार कौशल तथा उद्योग की वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप कार्य करने की क्षमता विकसित हो सके। इससे छात्राओं को उच्च शिक्षा के साथ-साथ रोजगार के बेहतर अवसर भी प्राप्त होंगे।
प्राचार्या प्रो. निवेदिता मलिक के नेतृत्व में मिली सफलता
महाविद्यालय की इस महत्वपूर्ण उपलब्धि का श्रेय प्राचार्या प्रो. निवेदिता मलिक के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन को दिया गया है। उनके निर्देशन में महाविद्यालय लगातार गुणवत्ता आधारित शिक्षा, कौशल विकास और नवाचार की दिशा में कार्य कर रहा है।
एमओयू की पूरी प्रक्रिया के सफल समन्वयन में आईक्यूएसी समन्वयक प्रो. सोनिका चौधरी तथा नोडल अधिकारी प्रो. पूनम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। दोनों ने सतत प्रयासों और प्रभावी समन्वय के माध्यम से इस समझौते को सफलतापूर्वक संपन्न कराया।
बोर्ड ऑफ अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग के अधिकारियों का मिला सहयोग
एमओयू के क्रियान्वयन में बोर्ड ऑफ अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग (उत्तरी क्षेत्र), कानपुर के अधिकारियों का भी विशेष सहयोग प्राप्त हुआ। इनमें श्री विवेक कुमार (निदेशक), श्री नवीन कुमार पाठक (सहायक निदेशक) तथा सुश्री निहारिका (समन्वयक) का उल्लेखनीय योगदान रहा।
छात्राओं के करियर निर्माण में साबित होगा मील का पत्थर
महाविद्यालय परिवार का विश्वास है कि यह सहयोग छात्राओं को शिक्षा और उद्योग जगत के बीच मजबूत सेतु प्रदान करेगा। अप्रेंटिसशिप आधारित शिक्षा व्यवस्था के माध्यम से छात्राओं को पढ़ाई के साथ-साथ वास्तविक कार्यस्थल का अनुभव मिलेगा, जिससे वे आत्मनिर्भर, कुशल और रोजगार के लिए बेहतर रूप से तैयार हो सकेंगी।
महाविद्यालय का मानना है कि यह पहल न केवल छात्राओं के समग्र व्यक्तित्व विकास में सहायक होगी, बल्कि उन्हें प्रतिस्पर्धी रोजगार बाजार में सफल करियर बनाने के लिए भी सशक्त आधार प्रदान करेगी। आने वाले समय में यह कार्यक्रम छात्राओं के लिए उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा और उद्योग आधारित प्रशिक्षण का उत्कृष्ट मॉडल बनकर उभरेगा।