पुलिस गिरफ्त में बच्ची के अपहरण के आरोपी
मेरठ। लालकुर्ती थाना क्षेत्र के बेगमपुल मेट्रो स्टेशन के पास से 9 माह की बच्ची के अपहरण के मामले का मेरठ पुलिस ने महज कुछ दिनों में खुलासा कर दिया है। थाना लालकुर्ती पुलिस, SWAT टीम प्रथम और सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में पुलिस ने बच्ची को सकुशल बरामद कर लिया है। पुलिस ने बच्ची के कथित अपहरण और खरीद-फरोख्त के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त काले रंग की मोटरसाइकिल भी बरामद की गई है।
पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक पूछताछ और विवेचना में सामने आया कि दो आरोपियों ने कथित तौर पर बच्ची का अपहरण करने के बाद उसे तीसरे आरोपी को 20 हजार रुपये में बेच दिया था। पुलिस के मुताबिक, बच्ची को खरीदने वाले आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसकी स्वयं की कोई संतान नहीं है।
5 अगस्त की रात बेगमपुल से गायब हुई थी बच्ची
पुलिस के मुताबिक, घटना 5 अगस्त 2026 की रात की है। बेगमपुल क्षेत्र में साईं मंदिर के सामने डिवाइडर के पास एक महिला अपनी 9 माह की बच्ची के साथ सो रही थी।
रात करीब 3 बजे बेगमपुल मेट्रो गेट नंबर-2 के पास काले रंग की मोटरसाइकिल पर सवार दो व्यक्ति पहुंचे और कथित तौर पर महिला के पास से बच्ची को उठाकर फरार हो गए।
बच्ची के गायब होने के बाद परिवार में हड़कंप मच गया। मामले की सूचना पुलिस को दी गई। पीड़िता की तहरीर के आधार पर थाना लालकुर्ती में मु0अ0सं0 138/2026 दर्ज किया गया।
पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2) के तहत मुकदमा दर्ज कर बच्ची की तलाश शुरू की।
बच्ची की तलाश में चार पुलिस टीमों का गठन
घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मेरठ के निर्देश पर बच्ची की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक नगर के निर्देशन तथा क्षेत्राधिकारी कैंट के नेतृत्व में चार पुलिस टीमों का गठन किया गया।
- इन टीमों में थाना लालकुर्ती पुलिस के साथ SWAT टीम प्रथम और सर्विलांस टीम को भी लगाया गया।
- पुलिस ने घटना के संभावित रूट और आसपास के इलाकों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की।
200 से अधिक CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली
बच्ची की तलाश के लिए पुलिस टीमों ने लगातार तकनीकी जांच की। पुलिस के अनुसार, टीमों ने घटना से जुड़े संभावित रास्तों और संदिग्ध गतिविधियों का पता लगाने के लिए 200 से अधिक CCTV कैमरों की फुटेज चेक की।
CCTV फुटेज के साथ-साथ तकनीकी साक्ष्यों और अन्य उपलब्ध जानकारी को आपस में जोड़कर पुलिस ने संदिग्धों तक पहुंचने की कोशिश की।
लगातार जांच के बाद पुलिस को घटना में शामिल आरोपियों के संबंध में महत्वपूर्ण सुराग मिले और पुलिस ने मामले का खुलासा कर दिया।
दो युवकों ने बच्ची को कथित तौर पर 20 हजार रुपये में बेचा
पुलिस की विवेचना में सामने आए तथ्यों के अनुसार, हुस्ने आलम और यूसुफ ने कथित तौर पर 9 माह की बच्ची का अपहरण किया था।
पुलिस के मुताबिक, दोनों ने बच्ची को अकबर नामक व्यक्ति को 20 हजार रुपये में बेच दिया।
जांच के दौरान पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि बच्ची को खरीदने वाले आरोपी अकबर ने कथित तौर पर पूछताछ में बच्ची खरीदने की वजह अपनी कोई संतान न होना बताई।
पुलिस अब मामले में अपहरण के साथ-साथ बच्ची की खरीद-फरोख्त से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
तीनों आरोपी गिरफ्तार
मेरठ पुलिस की संयुक्त टीम ने 8 अगस्त 2026 को श्रीहरनाथ मंदिर वाले रास्ते से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है—
- हुस्ने आलम, पुत्र इंतजार, निवासी कमालपुर, थाना मेडिकल, मेरठ। उम्र करीब 19 वर्ष।
- यूसुफ, पुत्र इकरामुद्दीन, निवासी ग्राम कमालपुर, थाना मेडिकल, मेरठ। उम्र करीब 19 वर्ष।
- अकबर, पुत्र अहमद अली, निवासी जाकिर कॉलोनी, थाना लोहिया नगर, मेरठ। उम्र करीब 33 वर्ष।
पुलिस के अनुसार, तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ ही बच्ची को भी सकुशल बरामद कर लिया गया।
बच्ची को सुरक्षित बरामद करना पुलिस की सबसे बड़ी सफलता
इस मामले में पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपहृत बच्ची को जल्द से जल्द सुरक्षित बरामद करना था। घटना के बाद पुलिस टीमों ने CCTV फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और अन्य सुरागों के आधार पर लगातार कार्रवाई की।
8 अगस्त को कार्रवाई के दौरान बच्ची को सकुशल बरामद कर लिया गया। बच्ची को सुरक्षित उसके परिजनों तक पहुंचाने की प्रक्रिया के साथ-साथ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
घटना में इस्तेमाल मोटरसाइकिल भी बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त काले रंग की पैशन प्रो मोटरसाइकिल भी बरामद की है। वाहन का पंजीकरण नंबर पुलिस प्रेस नोट में आंशिक रूप से UP15CK** बताया गया है।
मोटरसाइकिल को पुलिस ने मामले में महत्वपूर्ण साक्ष्य के तौर पर कब्जे में लिया है।
मुकदमे में बढ़ाई गईं धाराएं
पुलिस के अनुसार, विवेचना के दौरान सामने आए साक्ष्यों के आधार पर मुकदमे में धारा 143(4) और 3(5) BNS की बढ़ोतरी की गई है।
मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका
बच्ची की सकुशल बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी में थाना लालकुर्ती पुलिस के साथ SWAT टीम प्रथम और सर्विलांस टीम मेरठ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
कार्रवाई करने वाली थाना लालकुर्ती पुलिस टीम में थानाध्यक्ष हरेन्द्र पाल सिंह, उपनिरीक्षक विजय शंकर, उपनिरीक्षक रविन्द्र सिंह बघेल, उपनिरीक्षक रंजीत कुमार, उपनिरीक्षक कपिल देव वर्मा, महिला उपनिरीक्षक पूजा और हेड कांस्टेबल अमित कुमार शामिल रहे।
SWAT टीम प्रथम और सर्विलांस टीम की ओर से उपनिरीक्षक धर्मेन्द्र सिंह, प्रभारी SWAT टीम प्रथम, उपनिरीक्षक मुनेश कुमार, प्रभारी सर्विलांस, तथा अन्य पुलिसकर्मियों ने भी कार्रवाई में सहयोग किया।
पुलिस ने कैसे किया घटना का खुलासा?
पुलिस की कार्रवाई को घटनाक्रम के तौर पर समझें तो—
- 5 अगस्त: बेगमपुल मेट्रो गेट नंबर-2 के पास से 9 माह की बच्ची गायब हुई।
- 5 अगस्त: परिजनों की तहरीर पर थाना लालकुर्ती में मुकदमा दर्ज किया गया।
- घटना के बाद: बच्ची की तलाश के लिए चार पुलिस टीमों का गठन किया गया।
- जांच के दौरान: 200 से अधिक CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली गई।
- तकनीकी जांच: संदिग्धों की गतिविधियों और संभावित रूट की पड़ताल की गई।
- विवेचना: पुलिस के अनुसार, बच्ची के कथित अपहरण और ₹20 हजार में बिक्री का तथ्य सामने आया।
- 8 अगस्त: तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
- 8 अगस्त: बच्ची को सकुशल बरामद किया गया और घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी बरामद की गई।
बच्चियों और बच्चों की सुरक्षा को लेकर फिर उठे सवाल
बेगमपुल जैसे व्यस्त क्षेत्र में रात के समय मां के पास से महज 9 माह की बच्ची को उठा ले जाने की घटना बेहद गंभीर है। इस घटना ने सार्वजनिक स्थानों पर रात के समय सो रहे परिवारों और बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।
हालांकि, पुलिस ने घटना के कुछ ही दिनों के भीतर बच्ची को सकुशल बरामद कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। अब जांच में यह स्पष्ट किया जाना बाकी है कि आरोपियों ने बच्ची को अपहरण करने के बाद किस उद्देश्य से खरीदा-बेचा और इस पूरे मामले में कोई अन्य व्यक्ति या नेटवर्क शामिल था या नहीं।
बच्ची सकुशल, तीन आरोपी गिरफ्तार
मेरठ पुलिस के अनुसार, 9 माह की बच्ची अब सकुशल बरामद हो चुकी है और मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी बरामद की है। मामले की विवेचना जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।