सपा प्रमुख के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनका पुतला दहन किया
मेरठ। राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री चौधरी जयंत सिंह के संबंध में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में बुधवार को युवा राष्ट्रीय लोकदल के कार्यकर्ताओं ने मेरठ के कमिश्नरी चौराहे पर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने सपा प्रमुख के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनका पुतला दहन किया और राजनीतिक भाषा की मर्यादा बनाए रखने की मांग उठाई।
युवा RLD जिलाध्यक्ष अभिमन्यु लालसाना के नेतृत्व में प्रदर्शन
प्रदर्शन का नेतृत्व युवा राष्ट्रीय लोकदल के जिला अध्यक्ष अभिमन्यु लालसाना ने किया। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता कमिश्नरी चौराहे पर एकत्र हुए और अखिलेश यादव के कथित बयान को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया। कार्यकर्ताओं ने कहा कि चौधरी चरण सिंह के विचारों और सिद्धांतों में विश्वास रखने वाले किसानों, मजदूरों तथा उनके अनुयायियों की भावनाएं इस प्रकार की टिप्पणी से आहत हुई हैं।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सपा प्रमुख के खिलाफ नारेबाजी की और कहा कि राजनीतिक मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन व्यक्तिगत अथवा असम्मानजनक टिप्पणियों से राजनीतिक मर्यादा प्रभावित होती है।
चौधरी चरण सिंह की राजनीतिक विरासत का किया उल्लेख
युवा RLD जिलाध्यक्ष अभिमन्यु लालसाना ने कहा कि भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह ने अपने राजनीतिक जीवन में किसानों, मजदूरों और आम जनता के हितों के लिए संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि चौधरी चरण सिंह और चौधरी जयंत सिंह की राजनीतिक परंपरा शालीनता, सिद्धांतों और जनहित की राजनीति से जुड़ी रही है।
उन्होंने कहा कि चौधरी चरण सिंह ने अपने राजनीतिक जीवन में विभिन्न दलों और नेताओं के साथ लोकतांत्रिक एवं राजनीतिक संबंध बनाए और जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता दी। ऐसे में चौधरी जयंत सिंह के प्रति कथित आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है।
मुलायम सिंह यादव से जुड़े राजनीतिक संबंधों का भी किया जिक्र
अभिमन्यु लालसाना ने अपने संबोधन में समाजवादी पार्टी के संस्थापक एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि चौधरी चरण सिंह और मुलायम सिंह यादव के बीच राजनीतिक संबंध और सहयोग का लंबा इतिहास रहा है।
उन्होंने कहा कि ऐसे राजनीतिक इतिहास को देखते हुए वर्तमान दौर में नेताओं के बीच संवाद में शालीनता और सम्मान बनाए रखा जाना चाहिए। युवा RLD नेताओं ने कहा कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन नेताओं और उनके समर्थकों की भावनाओं का सम्मान किया जाना आवश्यक है।
‘चवन्नी’ वाले बयान पर RLD का पलटवार
प्रदर्शन के दौरान अभिमन्यु लालसाना ने अखिलेश यादव के कथित बयान पर पलटवार करते हुए कहा, “चौधरी जयंत सिंह जी को ‘चवन्नी’ बताने वाले यह समझ लें कि 2027 के चुनाव में यही चवन्नी जनता के आशीर्वाद और NDA के साथ मिलकर डॉलर बनेगी।”
उन्होंने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की जनता इस कथित अपमान का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देगी। उनके अनुसार आगामी विधानसभा चुनाव में जनता अपने मताधिकार के माध्यम से राजनीतिक दलों और नेताओं को जवाब देगी।
राजनीतिक मर्यादा बनाए रखने की अपील
युवा RLD जिलाध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री पद पर रह चुके किसी वरिष्ठ नेता से सार्वजनिक जीवन में संयमित और मर्यादित भाषा की अपेक्षा की जाती है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक दलों के बीच मतभेद और विचारों का टकराव स्वाभाविक है, लेकिन व्यक्तिगत एवं असम्मानजनक टिप्पणियां राजनीतिक संवाद के स्तर को प्रभावित करती हैं।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोकदल अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं के माध्यम से चौधरी चरण सिंह के किसान-मजदूर हितैषी विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य जारी रखेगा।
2027 के चुनाव को लेकर भी कार्यकर्ताओं ने दिया संदेश
प्रदर्शन के दौरान युवा RLD कार्यकर्ताओं ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में चौधरी चरण सिंह की विचारधारा से जुड़े किसानों और मजदूरों का बड़ा वर्ग है। कार्यकर्ताओं ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए पार्टी संगठन को मजबूत करने और जनता के बीच अपनी नीतियों एवं विचारधारा को रखने का अभियान आगे भी जारी रहेगा।
युवा RLD ने कहा कि किसान, मजदूर और चौधरी चरण सिंह के विचारों में विश्वास रखने वाले लोग किसी भी प्रकार की कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को स्वीकार नहीं करेंगे। कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराते हुए जनता के बीच संगठन और पार्टी की नीतियों को पहुंचाएंगे।
ये कार्यकर्ता रहे मौजूद
प्रदर्शन के दौरान शक्ति चौधरी, अभिषेक चौधरी, अंकित मलापुर, विक्रांत सतवाई, गोविंद प्रजापति, प्रताप लोईया, कनिष्क डागर, सनी चौधरी, सूरज दवथवा, बोबी हुड्डा, हेमंत प्रजापति, दीपक सहित बड़ी संख्या में युवा RLD कार्यकर्ता एवं चौधरी चरण सिंह के अनुयायी मौजूद रहे।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सपा प्रमुख के कथित बयान पर अपना विरोध दर्ज कराया और कहा कि राजनीतिक संघर्ष एवं वैचारिक मतभेद लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं, लेकिन राजनीतिक संवाद में मर्यादा और सम्मान बनाए रखना सभी दलों की जिम्मेदारी है