महिला आयोग की सदस्यों ने किया निरीक्षण
मेरठ। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की मा. सदस्या डॉ. हिमानी अग्रवाल एवं डॉ. मीनाक्षी भराला ने मंगलवार को जनपद मेरठ में विभिन्न संस्थानों का निरीक्षण किया। महिला आयोग की सदस्यों ने आंगनबाड़ी केंद्र, प्राथमिक विद्यालय, कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय और वृद्धाश्रम का जायजा लिया। इसके साथ ही सर्किट हाउस में संयुक्त रूप से महिला जनसुनवाई आयोजित कर महिलाओं की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को शिकायतों के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए।
आंगनबाड़ी केंद्र रेसना का निरीक्षण
महिला आयोग की सदस्यों ने सर्वप्रथम आंगनबाड़ी केंद्र रेसना का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र पर उपलब्ध व्यवस्थाओं, बच्चों एवं महिलाओं से संबंधित गतिविधियों की जानकारी ली। रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर आंगनबाड़ी केंद्र में आयोजित कार्यक्रम में गर्भवती महिलाओं की गोद भराई एवं बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार कराया गया।
सदस्यों ने आंगनबाड़ी केंद्र पर संचालित गतिविधियों की जानकारी लेते हुए महिलाओं एवं बच्चों के लिए उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित कर्मचारियों से केंद्र की व्यवस्थाओं एवं लाभार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की।

प्राथमिक विद्यालय रेसना में बच्चों से संवाद
इसके बाद महिला आयोग की सदस्यों ने प्राथमिक विद्यालय रेसना का निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यालय में शिक्षा व्यवस्था का जायजा लेते हुए कक्षा 3 एवं 4 के बच्चों से शिक्षा से संबंधित प्रश्न पूछे। बच्चों ने उत्साहपूर्वक प्रश्नों के उत्तर दिए।
विद्यालय के बच्चों द्वारा स्वयं बनाई गई राखियों को देखकर आयोग की सदस्यों ने उनकी रचनात्मकता की सराहना की। बच्चों ने इस अवसर पर कविताएं भी प्रस्तुत कीं, जिन्हें महिला आयोग की सदस्यों ने रुचिपूर्वक सुना और बच्चों का उत्साहवर्धन किया।
सर्किट हाउस में महिला जनसुनवाई
निरीक्षण कार्यक्रम के अगले चरण में सर्किट हाउस, मेरठ में महिला आयोग की सदस्यों द्वारा संयुक्त रूप से महिला जनसुनवाई की गई। जनसुनवाई में बड़ी संख्या में महिलाओं ने अपनी विभिन्न समस्याओं एवं शिकायतों को आयोग की सदस्यों के समक्ष रखा।
जनसुनवाई के दौरान घरेलू हिंसा, पति द्वारा मारपीट करने तथा पुलिस द्वारा अपेक्षित कार्रवाई न किए जाने सहित अन्य शिकायतें प्राप्त हुईं। महिला आयोग की सदस्यों ने प्रत्येक मामले को गंभीरता से सुना तथा संबंधित अधिकारियों को प्राप्त प्रार्थना पत्रों पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई करते हुए शिकायतों का निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
महिलाओं की समस्याओं का प्राथमिकता से हो समाधान
डॉ. हिमानी अग्रवाल एवं डॉ. मीनाक्षी भराला ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि महिलाओं से जुड़ी शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर लिया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी महिला को अपनी समस्या बताने में संकोच नहीं करना चाहिए। महिलाएं बिना किसी भय या झिझक के अपनी समस्याएं अधिकारियों एवं महिला आयोग के समक्ष रखें।
उन्होंने विशेष रूप से पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि महिला उत्पीड़न से संबंधित घटनाओं का तत्काल संज्ञान लेते हुए त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। महिला संबंधी शिकायतों में संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करने और पीड़ित महिलाओं को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।
सरकारी योजनाओं से पात्र महिलाओं को जोड़ने के निर्देश
महिला आयोग की सदस्यों ने कहा कि पीड़ित एवं जरूरतमंद महिलाओं के लिए केंद्र और राज्य सरकार द्वारा विभिन्न योजनाएं एवं कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। संबंधित विभागीय अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि पात्र महिलाओं को इन योजनाओं की जानकारी देकर उन्हें योजनाओं का लाभ दिलाएं।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लाभार्थीपरक योजनाओं में महिलाओं को प्राथमिकता देते हुए अधिक से अधिक पात्र महिलाओं को सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाए। इससे महिलाओं की आर्थिक सुरक्षा, आत्मनिर्भरता एवं सशक्तिकरण को मजबूती मिल सकेगी।
कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय का निरीक्षण
महिला जनसुनवाई के बाद आयोग की सदस्यों ने कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, पूर्वा अहीरान का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय परिसर में साफ-सफाई, शौचालय, पेयजल तथा छात्राओं को उपलब्ध कराई जा रही अन्य सुविधाओं का जायजा लिया।
आयोग की सदस्यों ने विद्यालय की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने के साथ छात्राओं के लिए उपलब्ध सुविधाओं की स्थिति भी देखी। विद्यालय में व्यवस्थाएं संतोषजनक पाए जाने पर उन्होंने संतोष व्यक्त किया।
वृद्धाश्रम में बुजुर्गों से जाना हालचाल
इसके बाद महिला आयोग की सदस्यों ने परतापुर खेड़ा बलरामपुर गांव में समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित वृद्धाश्रम ‘दादा-दादी निवास’ का निरीक्षण किया। उन्होंने वृद्धाश्रम में निवास कर रहे महिला एवं पुरुषों से बातचीत कर उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं के बारे में जानकारी प्राप्त की।
सदस्यों ने वृद्धाश्रम में रहने वाले बुजुर्गों के खान-पान, रहन-सहन और उपलब्ध सुविधाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने बुजुर्गों से सीधे संवाद करते हुए यह जानकारी ली कि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी तो नहीं है और उन्हें उपलब्ध कराई जा रही व्यवस्थाएं पर्याप्त हैं या नहीं।
विभिन्न विभागों के अधिकारी रहे मौजूद
निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान आंगनबाड़ी केंद्र रेसना में अध्यापिकाएं, दीपिका गोयल, सीडीपीओ प्रभारी नीरा शर्मा, सुपरवाइजर काजल सैनी, राकेश कुमारी, रेनू शर्मा एवं उपासना सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
सर्किट हाउस में आयोजित महिला जनसुनवाई के दौरान जिला प्रोबेशन अधिकारी अनुपम यादव, महिला थाना से सौम्या सिंह, सतीश गुप्ता इंस्पेक्टर पुलिस लाइन, इंस्पेक्टर आदेश कुमार प्रभारी परिवार परामर्श केंद्र, एसआई नीतू गौतम, एसीएमओ कांति पांडे, शुभी गोयल एवं आदित्य यादव सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में संबंधित अध्यापिकाएं एवं छात्राएं मौजूद रहीं। वहीं वृद्धाश्रम में समाज कल्याण विभाग से सोनू कुमार, वृद्धाश्रम इंचार्ज संतोष कुमार, टीटू, योगेंद्र, ममता, रविंद्र कुमार, मोहमंद इमरान एवं दीपिका भटनागर सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण पर आयोग का जोर
महिला आयोग की सदस्यों के निरीक्षण एवं जनसुनवाई के दौरान महिला सुरक्षा, शिकायतों के त्वरित निस्तारण, बालिकाओं की शिक्षा, बुजुर्गों की सुविधाओं तथा पात्र महिलाओं को सरकारी योजनाओं से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया। आयोग की सदस्यों ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि महिलाओं, बालिकाओं और बुजुर्गों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हुए शासन की योजनाओं एवं सुविधाओं का प्रभावी लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाया जाए।