सरदार पटेल की 150वीं जयंती वर्ष पर आयोजित विचार गोष्ठी में पटेल प्रेरणा स्मारिका का विमोचन करते डॉ महेश शर्मा एवं पंडित सुनील भराला
नोएडा, 30 अगस्त 2026। सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार एवं स्लम फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को इंदिरा गांधी कला केंद्र, सेक्टर-6, नोएडा में ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ विषय पर विचार गोष्ठी एवं ‘पटेल प्रेरणा’ स्मारिका विमोचन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राजनीतिक, सामाजिक एवं विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने हिस्सा लिया और सरदार पटेल के राष्ट्र निर्माण में योगदान को याद करते हुए देश की एकता एवं अखंडता को मजबूत करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद डॉ. महेश शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल के जीवन, उनके दृढ़ नेतृत्व और राष्ट्र की एकता-अखंडता में योगदान को याद करते हुए कहा कि आज की पीढ़ी को उनके विचारों और संकल्पों से प्रेरणा लेकर देश को और मजबूत बनाने की दिशा में काम करना चाहिए।
‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के निर्माण के लिए पटेल से प्रेरणा लेने की जरूरत
डॉ. महेश शर्मा ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने देश की एकता और अखंडता को मजबूत करने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। उनके दृढ़ संकल्प, राष्ट्रभक्ति, दूरदर्शिता और निर्णय क्षमता से देश की युवा पीढ़ी को प्रेरणा लेने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने अपनी नेतृत्व क्षमता और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर भारत को एक सूत्र में बांधने का महत्वपूर्ण कार्य किया। उनके विचारों को वर्तमान समय में भी प्रासंगिक बताते हुए उन्होंने कहा कि ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ केवल एक नारा नहीं, बल्कि राष्ट्र की एकता, सामाजिक समरसता और सामूहिक विकास का संकल्प है।
डॉ. शर्मा ने कहा कि देश की प्रगति के लिए समाज के सभी वर्गों के बीच आपसी सहयोग और भाईचारे की भावना मजबूत होना आवश्यक है। सरदार पटेल के जीवन से प्रेरणा लेकर नागरिकों को राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए देश की एकता और अखंडता के लिए कार्य करना चाहिए।
डॉ. महेश शर्मा ने सुनील भराला के सार्वजनिक जीवन की सराहना की
कार्यक्रम के दौरान डॉ. महेश शर्मा ने पंडित सुनील भराला के लंबे सार्वजनिक जीवन और सामाजिक एवं राजनीतिक योगदान की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि करीब 30 वर्षों से सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहते हुए सुनील भराला ने विभिन्न सामाजिक एवं राष्ट्रहित से जुड़े मुद्दों को उठाया है।
डॉ. महेश शर्मा ने कहा कि उनके अनुसार लगभग तीन दशक के सार्वजनिक जीवन में पंडित सुनील भराला की छवि पर कोई दाग नहीं लगा है। उन्होंने इसे उनके समर्पण, निष्ठा और लंबे समय तक सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहने की उपलब्धि बताया।
सरदार पटेल के विचार आज भी प्रासंगिक: सुनील भराला
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री पंडित सुनील भराला ने सरदार वल्लभभाई पटेल के जीवन, संघर्ष और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने भारत की एकता और अखंडता के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित किया। देश की विभिन्न रियासतों को एक सूत्र में पिरोने में उनकी भूमिका भारतीय इतिहास का महत्वपूर्ण अध्याय है।
सुनील भराला ने कहा कि आज भारत विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। ऐसे समय में ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को और मजबूत करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता, राष्ट्रीय एकता और देश के प्रति जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करके ही राष्ट्र को और अधिक सशक्त बनाया जा सकता है।
श्यामाप्रसाद मुखर्जी के सपनों को प्रधानमंत्री मोदी ने पूरा किया: सुनील भराला
सुनील भराला ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के राष्ट्रवादी विचारों और उनके बलिदान का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके द्वारा देखे गए राष्ट्र की एकता और अखंडता से जुड़े सपनों को आगे बढ़ाने का कार्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्र की एकता और अखंडता के लिए जिन महापुरुषों ने अपना जीवन समर्पित किया, उनके विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना आवश्यक है।
‘भारत के महायोद्धा थे सरदार पटेल’: नवाब सिंह नागर
कार्यक्रम में भाजपा उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय अध्यक्ष नवाब सिंह नागर भी मौजूद रहे। उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल को भारत का महान योद्धा बताते हुए उनके राष्ट्र निर्माण में योगदान को याद किया।
उन्होंने कहा कि सरदार पटेल की दृढ़ इच्छाशक्ति और राष्ट्र के प्रति समर्पण ने देश को एकता के सूत्र में बांधने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके विचार आज भी देशवासियों को राष्ट्रहित में कार्य करने की प्रेरणा देते हैं।
देवव्रत त्यागी ने की कार्यक्रम की अध्यक्षता
विचार गोष्ठी की अध्यक्षता श्री परशुराम राष्ट्रीय शोध पीठ के राष्ट्रीय संयोजक देवव्रत त्यागी ने की। उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल के व्यक्तित्व और कृतित्व को नमन करते हुए कहा कि देश की एकता और अखंडता के लिए उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।
उन्होंने कहा कि सरदार पटेल का जीवन राष्ट्रहित, अनुशासन और दृढ़ संकल्प का उदाहरण है। उनके आदर्शों को आत्मसात कर समाज को राष्ट्रीय एकता और सामाजिक समरसता की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
‘पटेल प्रेरणा’ स्मारिका का विमोचन
समारोह का प्रमुख आकर्षण सरदार वल्लभभाई पटेल के जीवन, विचारों और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान पर आधारित ‘पटेल प्रेरणा’ स्मारिका का विमोचन रहा। अतिथियों ने स्मारिका का विमोचन करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रकाशनों के माध्यम से देश के महापुरुषों के विचारों और उनके योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में सहायता मिलती है।
स्मारिका में सरदार पटेल के जीवन, उनके राष्ट्रहित से जुड़े विचारों तथा भारत की एकता और अखंडता के लिए किए गए कार्यों को प्रमुखता से प्रस्तुत किए जाने की बात कही गई।
सामाजिक समरसता और राष्ट्र निर्माण का लिया संकल्प
कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने सरदार पटेल के आदर्शों को आत्मसात करने तथा राष्ट्र की एकता, अखंडता, सामाजिक समरसता और राष्ट्र निर्माण के लिए कार्य करने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर भाजपा नोएडा महानगर अध्यक्ष महेश चौहान सहित विभिन्न सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों के पदाधिकारी, कार्यकर्ता, सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
आयोजकों ने जताया आभार
कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए पश्चिम उत्तर प्रदेश भाजपा के क्षेत्रीय कोषाध्यक्ष अजय भराला एवं स्लम फाउंडेशन के राष्ट्रीय महामंत्री राजेश्वर डे ने सभी अतिथियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और उपस्थित गणमान्य नागरिकों का आभार व्यक्त किया।
आयोजकों ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती वर्ष के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम केवल उन्हें श्रद्धांजलि देने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके विचारों से प्रेरणा लेकर एक सशक्त, एकजुट, समरस और श्रेष्ठ भारत के निर्माण के संकल्प को दोहराने का अवसर भी है।