यात्रा के दौरान नमो भारत में खोए हुए सामान को उनके स्वामी को सौंपते एनसीआरटीसी के कर्मचारी
एनसीआरटीसी ने एक साल में लौटाए 500 से अधिक खोए सामान, बिछड़े यात्रियों को भी परिजनों से मिलाया
नमो भारत कॉरिडोर पर ‘पैसेंजर फर्स्ट’ दृष्टिकोण की मिसाल, लैपटॉप, मोबाइल, आईपैड, जरूरी दस्तावेज और वॉलेट समेत कई सामान सुरक्षित लौटाए
मेरठ/एनसीआर । दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर पर प्रतिदिन एक लाख से अधिक यात्री सफर करते हैं। यात्रियों की इसी नियमित आवाजाही के दौरान कई बार जल्दबाजी या भीड़भाड़ में उनका सामान ट्रेन या स्टेशन पर छूट जाता है। यात्रियों की ऐसी परेशानियों को देखते हुए एनसीआरटीसी ने खोए और लावारिस सामान को सुरक्षित रखने तथा सत्यापन के बाद उसके वास्तविक मालिक तक पहुंचाने के लिए विशेष व्यवस्था बनाई हुई है। एनसीआरटीसी के अनुसार, पिछले एक वर्ष के दौरान 500 से अधिक खोए या छूटे हुए सामान यात्रियों को वापस लौटाए गए हैं। इनमें लैपटॉप, स्मार्टफोन, आईपैड, जरूरी दस्तावेज, ट्रॉली बैग, वाहन की चाबियां, कपड़े, वॉलेट और नकदी सहित विभिन्न प्रकार की वस्तुएं शामिल हैं। इन सामानों में कई ऐसी वस्तुएं भी थीं, जिनकी कीमत केवल आर्थिक नहीं बल्कि यात्रियों के लिए व्यक्तिगत और भावनात्मक रूप से भी काफी महत्वपूर्ण थी।

खोया सामान वापस पाने के लिए आसान व्यवस्था
एनसीआरटीसी ने नमो भारत यात्रियों के लिए खोए सामान की रिपोर्ट करने और उसे वापस प्राप्त करने की प्रक्रिया को सरल बनाया है। यात्रा के दौरान यदि किसी यात्री का सामान छूट जाता है तो वह इसकी शिकायत ‘लॉस्ट एंड फाउंड सेंटर’ में दर्ज करा सकता है। इसके अलावा यदि स्टेशन स्टाफ, सुरक्षा कर्मियों या ट्रेन अटेंडेंट को कोई लावारिस सामान मिलता है, तो आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे गाजियाबाद नमो भारत स्टेशन स्थित लॉस्ट एंड फाउंड सेंटर में जमा कराया जाता है। ऑपरेशन स्टाफ या किसी यात्री को मिला सामान भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत इसी केंद्र तक पहुंचाया जाता है। यात्री कस्टमर केयर सेंटर पर शिकायत दर्ज कराने के साथ ही 08069651515 नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। लॉस्ट एंड फाउंड सेंटर में जमा सामान की सूची ‘नमो भारत कनेक्ट’ ऐप और एनसीआरटीसी की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध रहती है। यात्री उपलब्ध सूची के माध्यम से अपने सामान की पहचान और ट्रैकिंग कर सकते हैं। निर्धारित सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद सामान संबंधित यात्री को वापस सौंप दिया जाता है।
सामान लौटाने के साथ यात्रियों की मदद में भी आगे रही टीम
एनसीआरटीसी की भूमिका केवल खोया सामान वापस करने तक सीमित नहीं रही है। पिछले एक वर्ष के दौरान टीम ने कई ऐसे मामलों में भी त्वरित कार्रवाई की, जहां यात्रियों को तत्काल सहायता की जरूरत थी। टीम के प्रयासों से बिछड़े बच्चों और परिवारों को मिलाने के साथ-साथ जरूरतमंद यात्रियों की भी मदद की गई। एनसीआरटीसी के कर्मचारियों ने अलग-अलग घटनाओं में यात्रियों की स्थिति को समझते हुए विभिन्न स्टेशनों की टीमों के बीच समन्वय स्थापित किया और जरूरत के अनुसार तत्काल सहायता उपलब्ध कराई।
गलती से दुहाई स्टेशन पर उतरीं दो बहनें, एक घंटे में पिता से मिलाया
ऐसी ही एक घटना में दो युवा बहनें गलती से गाजियाबाद के बजाय दुहाई नमो भारत स्टेशन पर उतर गईं। स्थिति की जानकारी मिलने के बाद एनसीआरटीसी टीम ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। टीम के प्रयासों से करीब एक घंटे के भीतर दोनों बहनों को उनके पिता से मिला दिया गया। इस घटना में टीम के त्वरित निर्णय और आपसी समन्वय से परिवार को अनावश्यक परेशानी से बचाया जा सका।

अलग-अलग स्टेशनों की टीमों ने बिछड़े बच्चों को परिजनों से मिलाया
एक अन्य घटना में गाजियाबाद स्टेशन पर नमो भारत ट्रेन में सवार होने के बाद एक छोटा बच्चा अपने परिजनों से बिछड़ गया। मामले की जानकारी मिलने पर अलग-अलग स्टेशन टीमों के बीच समन्वय किया गया और बच्चे को सुरक्षित रूप से उसके परिवार से मिला दिया गया। इसी तरह मोदीनगर साउथ स्टेशन पर एक बच्ची के अभिभावक ट्रेन से उतर गए, जबकि बच्ची ट्रेन में ही रह गई थी। एनसीआरटीसी टीम ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल कार्रवाई की और बच्ची को उसके परिवार से मिलाया।
वहीं बेगमपुल स्टेशन पर गलत ट्रेन में चढ़े एक बच्चे की भी टीम की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से उसके परिजनों से मुलाकात कराई गई।
सीसीटीवी निगरानी से तीन नाबालिग लड़कियों की सुरक्षित मदद
एनसीआरटीसी की सतर्कता का एक महत्वपूर्ण उदाहरण सितंबर 2025 में आनंद विहार नमो भारत स्टेशन पर सामने आया। रियल-टाइम सीसीटीवी निगरानी के दौरान तीन नाबालिग लड़कियां चार वयस्क पुरुषों के साथ यात्रा करती हुई नजर आईं और उनकी स्थिति टीम को असहज लगी। मामले की सूचना तत्काल सीआईएसएफ और दिल्ली पुलिस को दी गई। जांच के दौरान पुष्टि हुई कि तीनों लड़कियां उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले से लापता थीं और उनके संबंध में पहले ही रिपोर्ट दर्ज थी। आवश्यक कार्रवाई के बाद लड़कियों को सुरक्षित रूप से संबंधित अधिकारियों को सौंप दिया गया।
मेरठ साउथ और दुहाई स्टेशन पर भी यात्रियों की मदद
मेरठ साउथ स्टेशन पर एक युवती को पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर सुरक्षित रूप से उसके परिवार से मिलाया गया। इसी तरह दुहाई स्टेशन पर भ्रमित अवस्था में घूमते मिले एक बुजुर्ग व्यक्ति की भी एनसीआरटीसी टीम ने तत्काल सहायता की। इन घटनाओं से स्पष्ट होता है कि नमो भारत कॉरिडोर पर यात्रियों की सुरक्षा और सहायता के लिए तैनात टीम केवल नियमित संचालन तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरत पड़ने पर यात्रियों की व्यक्तिगत समस्याओं में भी संवेदनशीलता के साथ सहायता करती है।

‘गति और विश्वसनीयता के साथ यात्री सुरक्षा भी प्राथमिकता’
एनसीआरटीसी की ओर से किए जा रहे इन प्रयासों का उद्देश्य नमो भारत कॉरिडोर को केवल तेज और विश्वसनीय सार्वजनिक परिवहन प्रणाली के रूप में स्थापित करना ही नहीं, बल्कि यात्रियों के लिए सुरक्षित और भरोसेमंद यात्रा अनुभव सुनिश्चित करना भी है। खोया हुआ लैपटॉप या मोबाइल वापस लौटाना हो, जरूरी दस्तावेज सुरक्षित रूप से उसके मालिक तक पहुंचाना हो, बिछड़े बच्चे को परिवार से मिलाना हो या किसी संकट में फंसे यात्री को तत्काल सहायता देना हो—नमो भारत कॉरिडोर पर एनसीआरटीसी की टीमें लगातार सक्रिय रहती हैं। पिछले एक वर्ष में 500 से अधिक खोए सामान की वापसी और अनेक यात्रियों की सहायता को एनसीआरटीसी के ‘पैसेंजर फर्स्ट’ दृष्टिकोण की महत्वपूर्ण मिसाल के तौर पर देखा जा रहा है।