डॉ॰ सूर्य नारायण शूर
हिंदी भाषा, साहित्य और भारतीय संस्कृति के वैश्विक प्रचार-प्रसार की मिली महत्वपूर्ण जिम्मेदारी; साहित्य जगत और अधिवक्ता समुदाय में खुशी
मेरठ/प्रयागराज। हिंदी भाषा, साहित्य और भारतीय संस्कृति को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने की दिशा में उत्तर प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। नीदरलैंड की प्रतिष्ठित संस्था ‘अंतरराष्ट्रीय हिंदी संगठन नीदरलैंड’ ने युवा साहित्यकार एवं प्रतिष्ठित अधिवक्ता डॉ. सूर्य नारायण शूर को उत्तर प्रदेश का अपना आधिकारिक प्रतिनिधि नियुक्त किया है। संगठन की ओर से उन्हें यह जिम्मेदारी उनकी साहित्यिक सक्रियता, हिंदी भाषा के प्रति समर्पण, भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण एवं संवर्धन तथा शोधपरक दृष्टिकोण को देखते हुए सौंपी गई है।
हिंदी भाषा और भारतीय संस्कृति को वैश्विक मंच तक पहुंचाने का लक्ष्य
डॉ. सूर्य नारायण शूर को मिली यह जिम्मेदारी केवल एक संगठनात्मक नियुक्ति नहीं, बल्कि हिंदी भाषा और भारतीय संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक मजबूती से स्थापित करने के प्रयास के रूप में देखी जा रही है। संगठन के प्रतिनिधि के रूप में वे उत्तर प्रदेश में हिंदी साहित्य से जुड़े रचनाकारों, साहित्यिक गतिविधियों और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को वैश्विक मंच से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेंगे। हिंदी के प्रचार-प्रसार के साथ-साथ भारतीय साहित्य और संस्कृति की विविधता को दुनिया के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाना भी इस जिम्मेदारी का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। डॉ. शूर की साहित्यिक एवं सामाजिक सक्रियता को देखते हुए साहित्यिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने इस नियुक्ति को हिंदी जगत के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया है।
आधा दर्जन से अधिक पुस्तकों का कर चुके हैं लेखन और संपादन
डॉ. सूर्य नारायण शूर साहित्य के क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय हैं। उन्होंने अब तक आधा दर्जन से अधिक पुस्तकों का लेखन एवं संपादन किया है। उनकी रचनात्मक और संपादकीय गतिविधियों में हिंदी साहित्य के विभिन्न पक्षों को स्थान मिला है। साहित्य के प्रति उनकी रुचि और शोधपरक दृष्टिकोण ने उन्हें युवा साहित्यकारों के बीच एक अलग पहचान दिलाई है। हाल ही में उनके संपादन में प्रकाशित राष्ट्रीय काव्य संकलन ‘कैसे कहूं’ को पाठकों और साहित्यिक समीक्षकों की ओर से अच्छी प्रतिक्रिया मिली है। इस काव्य संकलन के माध्यम से विभिन्न रचनाकारों की साहित्यिक अभिव्यक्तियों को एक साझा मंच प्रदान करने का प्रयास किया गया है।
साहित्यिक और सामाजिक योगदान के लिए मिल चुके हैं अनेक सम्मान
डॉ. सूर्य नारायण शूर को साहित्यिक एवं सामाजिक क्षेत्र में उनके योगदान के लिए विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों पर सम्मानित किया जा चुका है। उनके सम्मान की सूची में केंद्रीय कानून मंत्री, भारत सरकार द्वारा प्रदान किया गया ‘मिर्जा गालिब रत्न सम्मान’ तथा उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री द्वारा दिया गया ‘श्री गणेश शंकर विद्यार्थी सम्मान’ प्रमुख रूप से शामिल हैं। इसके अतिरिक्त देश की विभिन्न अकादमियों, साहित्यिक संस्थाओं और सामाजिक संगठनों की ओर से भी उन्हें अनेक सम्मान एवं मानद उपाधियां प्रदान की जा चुकी हैं। साहित्य और सामाजिक सरोकारों के क्षेत्र में उनकी निरंतर सक्रियता को उनकी इस अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी के लिए महत्वपूर्ण आधार माना जा रहा है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट में विधिक सेवाएं दे रहे हैं डॉ. शूर
साहित्य के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने के साथ-साथ डॉ. सूर्य नारायण शूर विधि के क्षेत्र में भी सक्रिय हैं। वे इलाहाबाद उच्च न्यायालय में अधिवक्ता के रूप में विधिक सेवाएं दे रहे हैं। साहित्य और कानून जैसे दोनों क्षेत्रों में सक्रिय रहने के कारण उनका कार्यक्षेत्र व्यापक है। उनकी साहित्यिक अभिरुचि और विधिक विशेषज्ञता का यह संगम उन्हें सामाजिक, सांस्कृतिक और साहित्यिक विषयों को व्यापक दृष्टिकोण से देखने का अवसर प्रदान करता है। यही कारण है कि साहित्य जगत के साथ-साथ अधिवक्ता समुदाय में भी उनकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली इस जिम्मेदारी को लेकर उत्साह देखा जा रहा है।
वरिष्ठ अधिवक्ताओं और साहित्यकारों ने दी बधाई
डॉ. सूर्य नारायण शूर को ‘अंतरराष्ट्रीय हिंदी संगठन नीदरलैंड’ का उत्तर प्रदेश प्रतिनिधि बनाए जाने की जानकारी सामने आने के बाद उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ताओं, साहित्यकारों, शिक्षाविदों और प्रबुद्धजनों ने प्रसन्नता व्यक्त की है। विभिन्न लोगों ने उन्हें इस उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए उम्मीद जताई कि वे हिंदी भाषा, साहित्य और भारतीय संस्कृति के अंतरराष्ट्रीय प्रचार-प्रसार में प्रभावी भूमिका निभाएंगे। उनकी नियुक्ति को उत्तर प्रदेश के साहित्यिक एवं सांस्कृतिक क्षेत्र के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि डॉ. शूर की सक्रियता से प्रदेश के साहित्यकारों और हिंदी से जुड़ी गतिविधियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नए अवसर और मंच मिल सकते हैं।