इंडियन एथलेटिक्स सीरीज को संबोधित करते प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री गिरीश चंद्र यादव
मेरठ, 2 सितंबर 2026। उत्तर प्रदेश में ग्रामीण क्षेत्रों की खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने के लिए योगी सरकार खेल सुविधाओं का नेटवर्क मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री गिरीश चंद्र यादव ने बुधवार को मेरठ के कैलाश प्रकाश स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित इंडियन एथलेटिक्स सीरीज-15 के शुभारंभ अवसर पर कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि संसाधनों के अभाव में किसी भी प्रतिभाशाली खिलाड़ी का भविष्य प्रभावित न हो। इसके लिए ग्राम पंचायत स्तर से लेकर बड़े खेल केंद्रों तक सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।
गांव से लेकर बड़े खेल केंद्रों तक तैयार होगा खेल का मजबूत आधार
खेल मंत्री गिरीश चंद्र यादव ने कहा कि प्रदेश में खेल प्रतिभाओं की तलाश के लिए प्रतियोगिताओं के अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है। खिलाड़ियों को जितने ज्यादा प्रतिस्पर्धात्मक मंच मिलेंगे, उन्हें अपनी क्षमता और कमियों को पहचानने तथा प्रदर्शन में सुधार करने का उतना ही बेहतर अवसर मिलेगा।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार खेलों को केवल शहरों तक सीमित रखने के बजाय गांव-गांव तक पहुंचाने की दिशा में काम कर रही है। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में मौजूद प्रतिभाओं को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर सुविधाएं और प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है, ताकि वे आगे चलकर जिला, प्रदेश, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में अपनी पहचान बना सकें।
हर ग्राम पंचायत में विकसित किए जाएंगे खेल मैदान
मंत्री ने बताया कि प्रदेश की प्रत्येक ग्राम पंचायत में निर्धारित 12 मानकों के अनुरूप खेल मैदान विकसित करने की योजना पर काम किया जा रहा है। इसके साथ ही ब्लॉक स्तर पर ग्रामीण खेल मिनी स्टेडियम तैयार किए जा रहे हैं। जिला स्तर पर खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और अभ्यास की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए एथलेटिक ट्रैक, एस्ट्रोटर्फ, मल्टीपरपज हॉल, बास्केटबॉल समेत अन्य खेल सुविधाओं को विकसित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण युवाओं को खेलों से जोड़ने में खेलो इंडिया, फिट इंडिया और सांसद खेलकूद प्रतियोगिताओं जैसी पहल महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इन आयोजनों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर ही खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धा का मंच मिल रहा है और ग्रामीण क्षेत्रों में छिपी प्रतिभाओं को सामने आने का अवसर मिल रहा है।
कमिश्नरियों में स्पोर्ट्स कॉलेज विकसित करने की योजना
गिरीश चंद्र यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण का माहौल उपलब्ध कराने के लिए कमिश्नरी स्तर पर भी खेल सुविधाओं का विस्तार करने की तैयारी कर रही है। इसके तहत विभिन्न कमिश्नरियों में स्पोर्ट्स कॉलेज विकसित करने की योजना पर काम किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि मौजूदा बजट में अयोध्या, बरेली, आगरा और झांसी में स्पोर्ट्स कॉलेज खोलने के प्रस्ताव शामिल किए गए हैं। इन संस्थानों के माध्यम से खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, खेल शिक्षा और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
मेरठ का खेल विश्वविद्यालय बनेगा बड़ी ताकत
खेल मंत्री ने मेरठ में स्थापित किए जा रहे मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय को प्रदेश की खेल व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में छात्रावास और प्रशासनिक भवन सहित आवश्यक आधारभूत ढांचा तैयार किया जा चुका है और शैक्षणिक गतिविधियां भी शुरू हो चुकी हैं।
उन्होंने उम्मीद जताई कि यह विश्वविद्यालय प्रदेश के खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय खेल शिक्षा, प्रशिक्षण और शोध का बेहतर मंच उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मेरठ की खेल परंपरा को देखते हुए इसे प्रदेश के प्रमुख खेल केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में भी प्रयास जारी हैं।
कैलाश प्रकाश स्टेडियम के आधुनिकीकरण पर भी जोर
कार्यक्रम में खेल सचिव एलवाई सुहास ने कहा कि किसी खिलाड़ी को राष्ट्रीय स्तर से आगे अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने के लिए प्रदर्शन में छोटे-छोटे सुधार भी महत्वपूर्ण होते हैं। इसके लिए फिटनेस, खानपान और मानसिक मजबूती पर लगातार काम करना आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि मेरठ में एथलेटिक ट्रैक का निर्माण पूरा हो चुका है। अब कैलाश प्रकाश स्पोर्ट्स स्टेडियम के समग्र विकास और आधुनिकीकरण की योजना तैयार की जा रही है। मेरठ विकास प्राधिकरण और खेल विभाग मिलकर स्टेडियम के आधुनिकीकरण पर काम करेंगे। इससे एथलेटिक्स के अलावा अन्य खेलों के खिलाड़ियों को भी बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।
खिलाड़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने पर सरकार का जोर
खेल मंत्री ने कहा कि सरकार की खेल नीति का उद्देश्य खिलाड़ियों को केवल पदक जीतने तक सीमित रखना नहीं है, बल्कि उनकी उपलब्धियों के आधार पर उनके भविष्य को सुरक्षित करना भी है। नई खेल नीति-2023 के तहत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धि हासिल करने वाले खिलाड़ियों को सम्मान और रोजगार से जोड़ने की व्यवस्था की गई है।
उन्होंने मेरठ की एशियन गेम्स स्वर्ण पदक विजेता पारुल चौधरी का उदाहरण देते हुए कहा कि योगी सरकार ने उन्हें पुरस्कार राशि देने के साथ डिप्टी एसपी के पद पर सीधे भर्ती होने का अवसर दिया। उन्होंने बताया कि खेल कोटे के माध्यम से करीब एक हजार खिलाड़ियों को रोजगार से जोड़ने का प्रयास किया गया है।
मंत्री के अनुसार, 534 कुशल खिलाड़ियों की भर्ती प्रक्रिया में 490 खिलाड़ियों की नियुक्ति हो चुकी है, जबकि शेष पदों पर प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। आने वाली भर्तियों में दो प्रतिशत खेल कोटा सुनिश्चित करने के लिए अधियाचन भेजे जा रहे हैं।
खिलाड़ियों को नियमित अभ्यास और अनुशासन का संदेश
गिरीश चंद्र यादव ने खिलाड़ियों से कहा कि खेल के क्षेत्र में सफलता केवल प्रतिभा के आधार पर हासिल नहीं होती, बल्कि इसके लिए नियमित अभ्यास, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति निरंतर मेहनत जरूरी है। उन्होंने युवाओं से प्रतिदिन कम से कम एक घंटा खेल के मैदान में देने का आह्वान किया।
उन्होंने खिलाड़ियों को नशे से दूर रहने की सलाह देते हुए मोबाइल और रील्स में जरूरत से अधिक समय न बिताने की अपील की। मंत्री ने कहा कि युवाओं को अपनी ऊर्जा अभ्यास, फिटनेस और निर्धारित लक्ष्य को हासिल करने में लगानी चाहिए।
उन्होंने प्रतियोगिता में विजेता खिलाड़ियों को बधाई देते हुए अन्य प्रतिभागियों से भी अगली प्रतियोगिताओं के लिए अभी से तैयारी शुरू करने का आह्वान किया। उत्तर प्रदेश में नेशनल चैंपियनशिप आयोजित कराने की एसोसिएशन की मांग पर उन्होंने सरकार की ओर से इस पर विचार करने और खिलाड़ियों को बड़ा मंच उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया।
खराब मौसम के बावजूद देशभर से पहुंचे एथलीट
कैलाश प्रकाश स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित इंडियन एथलेटिक्स सीरीज-15 में देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे एथलीटों ने अलग-अलग स्पर्धाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। विशेष सचिव खेल कुमार विनीत ने प्रतियोगिता में भाग लेने पहुंचे खिलाड़ियों की सराहना करते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियां ही खिलाड़ी की वास्तविक परीक्षा लेती हैं।
उन्होंने कहा कि चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना करते हुए निरंतर अभ्यास करने वाला खिलाड़ी ही आगे बढ़ता है। उन्होंने मेरठ से इंडियन एथलेटिक्स सीरीज की शुरुआत को शहर की खेल परंपरा के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया और कहा कि सरकार खिलाड़ियों तथा खेल संघों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
खेल संघ और सरकार के सहयोग को बताया महत्वपूर्ण
एलवाई सुहास ने कहा कि किसी खिलाड़ी की व्यक्तिगत मेहनत के साथ-साथ खेल संघ और सरकार का सहयोग भी उसके प्रदर्शन को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। खिलाड़ियों को फिटनेस और तकनीकी प्रशिक्षण के साथ मानसिक रूप से भी मजबूत बनाने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में खेल सुविधाओं के विस्तार से खिलाड़ियों को अपने ही क्षेत्र में बेहतर प्रशिक्षण और अभ्यास का अवसर मिलेगा। इससे आने वाले समय में उत्तर प्रदेश से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के और अधिक खिलाड़ी तैयार होने की उम्मीद है।
सम्मानित हुए खेल जगत से जुड़े लोग और विजेता खिलाड़ी
इंडियन एथलेटिक्स सीरीज-15 के शुभारंभ कार्यक्रम में भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष डॉ. एसपी देशवाल, उत्तर प्रदेश एथलेटिक्स एसोसिएशन के अध्यक्ष आशुतोष भल्ला, क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी जितेंद्र यादव समेत खेल विभाग और एथलेटिक्स से जुड़े अधिकारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान रिटायर्ड स्पोर्ट्स ऑफिसर प्रेम कुमार और रुस्तम खान को सम्मानित किया गया। इसके अलावा प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करने वाले विजेता खिलाड़ियों को भी सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
गांव की प्रतिभा को मिलेगा बड़े मंच तक पहुंचने का रास्ता
प्रदेश सरकार की ओर से ग्राम पंचायतों में खेल मैदान, ब्लॉक स्तर पर मिनी स्टेडियम, जिला स्तर पर आधुनिक खेल सुविधाएं और कमिश्नरी स्तर पर स्पोर्ट्स कॉलेज विकसित करने की योजनाओं को ग्रामीण खेल प्रतिभाओं के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। मेरठ में खेल विश्वविद्यालय और कैलाश प्रकाश स्टेडियम के आधुनिकीकरण से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के खिलाड़ियों को भी बेहतर प्रशिक्षण और प्रतिस्पर्धात्मक माहौल मिलने की उम्मीद है।
सरकार का जोर इस बात पर है कि गांव में मौजूद प्रतिभा को शुरुआती स्तर पर ही पहचान मिले और उसे प्रशिक्षण, प्रतियोगिता, संसाधन तथा आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराए जाएं। यदि यह नेटवर्क प्रभावी रूप से जमीन पर उतरता है तो आने वाले समय में उत्तर प्रदेश के गांवों से बड़ी संख्या में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के चैंपियन तैयार हो सकते हैं।