मेरठ पुलिस ने जारी की सोशल पोस्ट
मेरठ, 2 सितंबर 2026। आईजीआरएस एवं जनसुनवाई पोर्टल के माध्यम से प्राप्त जनशिकायतों के निस्तारण के मामले में मेरठ पुलिस ने शानदार प्रदर्शन किया है। शासन की ओर से जारी अगस्त 2026 की मूल्यांकन रिपोर्ट में जनपद मेरठ पुलिस ने 135 में से 135 अंक यानी 100 प्रतिशत अंक प्राप्त करते हुए प्रथम रैंक हासिल की है। जनशिकायतों के समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए किए जा रहे प्रयासों का यह प्रदर्शन महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
समयबद्ध निस्तारण में भी मेरठ पुलिस का बेहतर प्रदर्शन
अगस्त माह के मूल्यांकन में जनशिकायतों के निस्तारण से जुड़े विभिन्न मानकों पर मेरठ पुलिस के प्रदर्शन का आकलन किया गया। इसमें शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण, डिफॉल्टर संदर्भों की स्थिति, शिकायतकर्ताओं से प्राप्त फीडबैक और निस्तारित शिकायतों की गुणवत्ता समेत कई बिंदुओं को शामिल किया गया।
माह के दौरान मेरठ पुलिस को मार्क किए गए 626 संदर्भों का निस्तारण औसतन महज 0.22 दिवस में किया गया। इससे स्पष्ट है कि शिकायतों के निस्तारण को लेकर पुलिस स्तर पर त्वरित कार्रवाई और प्रभावी निगरानी पर विशेष जोर दिया गया।
छह माह के औसत 4805 संदर्भों में कोई डिफॉल्टर नहीं
मेरठ पुलिस के प्रदर्शन का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी रहा कि विगत छह माह में प्राप्त औसतन 4,805 संदर्भों में माह के अंत तक एक भी संदर्भ डिफॉल्टर नहीं रहा। निर्धारित समय-सीमा के भीतर शिकायतों का निस्तारण किए जाने से आईजीआरएस मूल्यांकन में मेरठ पुलिस को बेहतर अंक हासिल हुए।
शिकायतों को लंबित रहने से रोकने के लिए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा नियमित निगरानी की गई। इसके परिणामस्वरूप समयसीमा से बाहर जाने वाले संदर्भों की स्थिति को नियंत्रित रखा गया।
3506 शिकायतकर्ताओं से मिला फीडबैक, 95.15 प्रतिशत संतुष्ट
शिकायतों के निस्तारण के बाद शिकायतकर्ताओं से प्राप्त फीडबैक भी मूल्यांकन का अहम आधार रहा। अगस्त माह में कुल 3,506 फीडबैक प्राप्त हुए। इनमें से 3,336 शिकायतकर्ताओं ने शिकायत के निस्तारण पर संतोष व्यक्त किया।
इस आधार पर संतोषजनक फीडबैक का प्रतिशत 95.15 प्रतिशत रहा। शिकायतकर्ताओं की संतुष्टि का यह आंकड़ा भी मेरठ पुलिस के जनशिकायत निस्तारण की गुणवत्ता को दर्शाता है।
उच्चाधिकारियों द्वारा श्रेणीकृत 65 संदर्भों में नहीं मिला कोई सी-श्रेणी का मामला
मूल्यांकन के दौरान उच्चाधिकारियों द्वारा श्रेणीकृत संदर्भों की गुणवत्ता को भी देखा गया। अगस्त माह में उच्चाधिकारियों द्वारा कुल 65 संदर्भ श्रेणीकृत किए गए। इनमें से एक भी संदर्भ सी-श्रेणी में प्राप्त नहीं हुआ।
यह प्रदर्शन शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता को लेकर पुलिस अधिकारियों द्वारा की जा रही समीक्षा और पर्यवेक्षण की ओर संकेत करता है।
एसएसपी के निर्देश और नियमित समीक्षा से मिला परिणाम
मेरठ पुलिस के अनुसार वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा जनशिकायतों के निस्तारण को लेकर लगातार दिशा-निर्देश जारी किए जा रहे हैं। सभी राजपत्रित अधिकारियों, थाना प्रभारियों और आईजीआरएस से संबंधित पुलिसकर्मियों को शिकायतों का निष्पक्ष, गुणवत्तापूर्ण और निर्धारित समय-सीमा के भीतर निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जा रहे हैं।
इसके साथ ही शिकायतों की स्थिति की नियमित समीक्षा और संबंधित अधिकारियों के स्तर पर प्रभावी पर्यवेक्षण किया जा रहा है। शिकायतों के निस्तारण में किसी प्रकार की लापरवाही न हो, इसके लिए संबंधित पुलिसकर्मियों के बीच समन्वय पर भी जोर दिया जा रहा है।
समन्वित प्रयासों से मेरठ पुलिस को मिले पूरे अंक
मेरठ पुलिस के अनुसार प्रभावी पर्यवेक्षण, नियमित समीक्षा और संबंधित पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के समन्वित प्रयासों का परिणाम अगस्त माह की IGRS मूल्यांकन रिपोर्ट में दिखाई दिया। जनशिकायतों के निस्तारण से जुड़े सभी प्रमुख मानकों पर बेहतर प्रदर्शन करते हुए मेरठ पुलिस ने 100 प्रतिशत अंक हासिल किए और प्रथम रैंक प्राप्त की।
त्वरित और पारदर्शी जनशिकायत निस्तारण पर जोर
मेरठ पुलिस ने कहा है कि जनसामान्य की शिकायतों का त्वरित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण उसकी प्राथमिकताओं में शामिल है। आईजीआरएस और जनसुनवाई पोर्टल के माध्यम से प्राप्त शिकायतों पर निर्धारित समय-सीमा में कार्रवाई सुनिश्चित करने के साथ ही शिकायतकर्ता की संतुष्टि को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अगस्त 2026 की रैंकिंग में मेरठ पुलिस का प्रथम स्थान हासिल करना इसी दिशा में किए जा रहे प्रयासों का परिणाम है। पुलिस की ओर से जनशिकायतों के निस्तारण की व्यवस्था को और प्रभावी बनाने तथा शिकायतकर्ताओं को बेहतर सेवा उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य किए जाने की बात कही गई है।