सलावा स्थित खेल विश्वविद्यालय का औचक निरीक्षण करने पहुंचे प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण विभाग के राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव
मेरठ। सलावा में आकार ले रहा मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय उत्तर प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को तराशने और उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार करने के बड़े केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। बुधवार को प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गिरीश चंद्र यादव ने निर्माणाधीन विश्वविद्यालय परिसर का निरीक्षण किया। उन्होंने विभिन्न निर्माणाधीन भवनों, खेल सुविधाओं और मैदानों का जायजा लेते हुए कार्यों की प्रगति एवं गुणवत्ता को परखा।
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने प्रशासनिक एवं शैक्षणिक भवनों से लेकर छात्रावास, इंडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, एथलेटिक ट्रैक, फुटबॉल और हॉकी मैदान सहित विभिन्न निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माणदायी संस्था के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए और इसके लिए आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त मानव संसाधन एवं मशीनरी लगाई जाए।
खेल शिक्षा, प्रशिक्षण और अनुसंधान का बनेगा बड़ा केंद्र
खेल मंत्री गिरीश चंद्र यादव ने कहा कि मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय को केवल भवनों का समूह नहीं, बल्कि खेल शिक्षा, प्रशिक्षण और अनुसंधान का विश्वस्तरीय केंद्र बनाया जाना सरकार की प्राथमिकता है। यहां प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को ऐसा वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा कराने के लिए प्रत्येक कार्य की अलग-अलग निगरानी की जाए। साथ ही प्रभावी कार्ययोजना बनाकर निर्माण की प्रगति की नियमित समीक्षा सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी न हो।
हेल्थ सेंटर और प्रशासनिक भवन का किया निरीक्षण
निरीक्षण की शुरुआत विश्वविद्यालय परिसर में निर्माणाधीन हेल्थ सेंटर और प्रशासनिक भवन से हुई। मंत्री ने दोनों भवनों की प्रगति का जायजा लिया और निर्माण कार्य से संबंधित अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने शैक्षणिक भवन एवं कक्षाओं का निरीक्षण किया।
मंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालय की शैक्षणिक सुविधाएं आधुनिक होने के साथ-साथ खेल शिक्षा और प्रशिक्षण की वर्तमान एवं भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप होनी चाहिए। उन्होंने भवनों की उपयोगिता, तकनीकी मानकों और भविष्य में विद्यार्थियों की बढ़ती आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए निर्माण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
छात्रावासों में सुविधाओं की भी परखी स्थिति
मंत्री ने विश्वविद्यालय परिसर में निर्माणाधीन बालक एवं बालिका छात्रावासों का भी निरीक्षण किया। यहां बनाए जा रहे त्रि-सीटर कमरों की व्यवस्था का जायजा लेते हुए उन्होंने अधिकारियों से विद्युत एवं प्रकाश व्यवस्था, जलापूर्ति, स्वच्छता और वेंटिलेशन सहित अन्य सुविधाओं की जानकारी ली।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में अध्ययन और प्रशिक्षण के लिए आने वाले विद्यार्थियों को सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधाजनक आवासीय वातावरण मिलना आवश्यक है। छात्रावासों के निर्माण में विद्यार्थियों की सुविधा, सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी मानकों का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए गए।
एथलेटिक ट्रैक और खेल मैदानों की परखी प्रगति
विश्वविद्यालय के पॉकेट-2 में निर्माणाधीन खेल सुविधाओं का भी मंत्री ने स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने एथलेटिक ट्रैक, इंडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, फुटबॉल मैदान और हॉकी मैदान की प्रगति को देखा। संबंधित अधिकारियों से निर्माण की वर्तमान स्थिति और कार्य पूरा होने की समयसीमा की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मंत्री ने इन खेल सुविधाओं के निर्माण कार्य को तेजी से पूरा कराने पर जोर दिया, ताकि विश्वविद्यालय में खेल प्रशिक्षण की गतिविधियों को जल्द से जल्द व्यापक स्तर पर संचालित किया जा सके।
गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों से समझौता न करने के निर्देश
निरीक्षण के बाद विश्वविद्यालय के सभा कक्ष में लोक निर्माण विभाग और विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से निर्माण कार्यों को लेकर प्रस्तुतिकरण दिया गया। अधिकारियों ने मंत्री को विभिन्न निर्माण कार्यों की प्रगति और आगे की कार्ययोजना से अवगत कराया।
इस दौरान मंत्री गिरीश चंद्र यादव ने विश्वविद्यालय प्रशासन, लोक निर्माण विभाग और निर्माणदायी संस्था के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों में तेजी आवश्यक है, लेकिन इसके साथ गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों और तकनीकी विशिष्टताओं से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक निर्माण कार्य की नियमित समीक्षा की जाए और यदि किसी कार्य में कोई तकनीकी या प्रशासनिक अड़चन सामने आती है तो उसका तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए।
प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को मिलेगा बेहतर मंच
खेल मंत्री ने कहा कि मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय प्रदेश सरकार की उन महत्वपूर्ण पहलों में शामिल है, जिनका उद्देश्य युवाओं को खेल शिक्षा, प्रशिक्षण और अनुसंधान के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। विश्वविद्यालय के पूर्ण रूप से विकसित होने के बाद प्रदेश के युवा खिलाड़ियों को एक ही परिसर में खेल शिक्षा के साथ उच्चस्तरीय प्रशिक्षण और व्यावसायिक अवसर प्राप्त हो सकेंगे।
उन्होंने कहा कि इस विश्वविद्यालय के माध्यम से प्रदेश में खेल प्रतिभाओं की पहचान और उनके विकास को नई दिशा मिलेगी। यहां से तैयार होने वाले खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन कर सकेंगे।
निरीक्षण के दौरान ये अधिकारी रहे मौजूद
निरीक्षण के दौरान खेल विभाग के सचिव सुहास एलवाई, कुलपति मेजर जनरल दीप अहलावत, वित्त अधिकारी पंकज कुमार चतुर्वेदी, कुलसचिव सुनील कुमार झा, मुख्य अभियंता अवधेश शरण चौरसिया, अधिशासी अभियंता मोहम्मद आरिफ, विद्युत अधिशासी अभियंता दीपक अग्रवाल सहित विश्वविद्यालय, लोक निर्माण विभाग और संबंधित निर्माणदायी संस्था के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
मंत्री के निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने निर्माण कार्यों की प्रगति से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई। निरीक्षण के बाद संबंधित विभागों को निर्माण कार्यों में गति लाने, निर्धारित समयसीमा का पालन करने तथा गुणवत्ता एवं सुरक्षा मानकों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।