गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष से आवारा एवं पालतू गोवंश की समस्या से अवगत कराते हिंदू युवा गोरक्षक समिति के पदाधिकारी
मेरठ, 2 सितंबर 2026। मेरठ छावनी क्षेत्र में आवारा एवं पालतू गोवंश की बढ़ती समस्या को लेकर हिन्दू युवा गौ रक्षक समिति के पदाधिकारियों ने उत्तर प्रदेश गो-सेवा आयोग के उपाध्यक्ष महेश कुमार शुक्ल से मुलाकात की। सर्किट हाउस में हुई मुलाकात के दौरान समिति के प्रतिनिधियों ने कैंट क्षेत्र में सड़कों पर घूम रहे गोवंश, सड़क हादसों में घायल होने वाले पशुओं तथा उनके उपचार और सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने की व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं से आयोग के उपाध्यक्ष को अवगत कराया।
समिति के पदाधिकारियों का दावा है कि मेरठ कैंट क्षेत्र में 700 से अधिक गोवंश सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर घूम रहे हैं। उनका कहना है कि इससे यातायात प्रभावित होने के साथ-साथ सड़क हादसों का खतरा भी बना रहता है। समिति ने इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए संबंधित विभागों के स्तर पर प्रभावी कार्रवाई की मांग की।
अवैध डेयरियों से जुड़े होने का लगाया आरोप
हिन्दू युवा गौ रक्षक समिति के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि कैंट क्षेत्र में घूमने वाले पालतू गोवंश में बड़ी संख्या उन पशुओं की है, जिन्हें डेयरी संचालकों द्वारा दूध निकालने के बाद सड़कों पर छोड़ दिया जाता है। समिति ने मांग की कि ऐसे पशु मालिकों की पहचान कर उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए, ताकि सड़कों पर गोवंश की संख्या को नियंत्रित किया जा सके।
समिति के अनुसार, खुले में घूमने वाले गोवंश के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है और सड़क दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है। प्रतिनिधियों ने आयोग के उपाध्यक्ष से इस मामले में संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर प्रभावी कार्रवाई कराने का अनुरोध किया।
घायल गोवंश के उपचार की व्यवस्था का मुद्दा उठाया
मुलाकात के दौरान समिति ने सड़क हादसों में घायल होने वाले गोवंश के उपचार की समस्या को भी प्रमुखता से उठाया। समिति पदाधिकारियों का कहना है कि हादसे में घायल पशुओं को तत्काल उपचार की आवश्यकता होती है, लेकिन समय पर उन्हें ट्रामा सेंटर अथवा उपचार स्थल तक पहुंचाने के लिए पर्याप्त सरकारी व्यवस्था उपलब्ध नहीं होने के कारण परेशानी होती है।
समिति ने मांग की कि मेरठ कैंट क्षेत्र में घायल गोवंश को सुरक्षित रूप से उपचार केंद्र तक पहुंचाने के लिए सरकारी कैटल कैचर वाहन उपलब्ध कराया जाए। इसके साथ ही आपात स्थिति में संबंधित अधिकारियों से तत्काल संपर्क और सहायता मिलने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग भी की गई।
कई वर्षों से अपने स्तर पर सेवा करने का दावा
हिन्दू युवा गौ रक्षक समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि उनकी संस्था पिछले कई वर्षों से घायल एवं बीमार पशुओं और गोवंश की मदद के लिए काम कर रही है। समिति के अनुसार, घायल पशुओं की सूचना मिलने पर कार्यकर्ता अपने स्तर पर मौके पर पहुंचते हैं और उनके उपचार तथा खाद्य सामग्री की व्यवस्था करते हैं।
समिति का कहना है कि सड़क हादसों में मृत गोवंश के शवों को भी नियमानुसार निस्तारित कराने में कार्यकर्ताओं द्वारा सहयोग किया जाता है। प्रतिनिधियों ने बताया कि इन गतिविधियों में संस्था को अपने स्तर पर संसाधन और खर्च वहन करना पड़ता है।
सरकारी पशु चिकित्सक की उपलब्धता का भी मुद्दा
समिति के प्रतिनिधियों ने कैंट क्षेत्र में सरकारी पशु चिकित्सक की उपलब्धता को लेकर भी अपनी समस्या आयोग के उपाध्यक्ष के सामने रखी। उनका आरोप है कि कई बार आवश्यकता के समय सरकारी चिकित्सक उपलब्ध नहीं हो पाते, जिसके कारण घायल या बीमार गोवंश का उपचार कराने के लिए उन्हें निजी चिकित्सकों की मदद लेनी पड़ती है।
समिति ने मांग की कि क्षेत्र में नियमित रूप से सरकारी पशु चिकित्सक की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा प्राथमिक उपचार के लिए आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराने का भी अनुरोध किया गया, ताकि आपात स्थिति में घायल गोवंश को तत्काल प्राथमिक उपचार दिया जा सके।
गोवंश की सुरक्षा में लापरवाही न होने का मिला आश्वासन
समिति के पदाधिकारियों के अनुसार, गो-सेवा आयोग के उपाध्यक्ष महेश कुमार शुक्ल ने उनकी ओर से रखी गई समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने गोवंश के संरक्षण और सुरक्षा से जुड़े विषयों पर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
समिति के प्रतिनिधियों ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि आयोग के स्तर से कैंट क्षेत्र में आवारा गोवंश की समस्या, घायल पशुओं के उपचार, कैटल कैचर की उपलब्धता और सरकारी पशु चिकित्सा सेवाओं से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय किया जाएगा।
समिति ने रखीं ये प्रमुख मांगें
मुलाकात के दौरान समिति की ओर से कैंट क्षेत्र में घूम रहे गोवंश के लिए सुरक्षित व्यवस्था करने, घायल पशुओं को उपचार केंद्र तक पहुंचाने के लिए कैटल कैचर उपलब्ध कराने, पशु चिकित्सक की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा प्राथमिक उपचार की दवाइयां उपलब्ध कराने की मांग की गई।
इसके साथ ही सड़कों पर गोवंश छोड़ने वाले पशु मालिकों की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई करने और यातायात प्रभावित होने की समस्या का स्थायी समाधान तलाशने का अनुरोध किया गया।
समिति के पदाधिकारी रहे मौजूद
गो-सेवा आयोग के उपाध्यक्ष से मुलाकात के दौरान हिन्दू युवा गौ रक्षक समिति सदर, मेरठ कैंट के योगेश ठाकुर, तनुजा पंडित और रजत वालिया सहित समिति के अन्य प्रतिनिधि मौजूद रहे। प्रतिनिधियों ने आयोग के उपाध्यक्ष को क्षेत्र में गोवंश से जुड़ी समस्याओं की जानकारी देते हुए उनके समाधान के लिए विभागीय स्तर पर प्रभावी पहल की मांग की।