खड़गे और राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर पर निष्पक्ष कार्रवाई की मांग को लेकर ज्ञापन देते भारतीय युवा कांग्रेस के पदाधिकारी
मेरठ। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कथित अपमान और कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा उठाए गए सवालों को लेकर दर्ज FIR के मामले में भारतीय युवा कांग्रेस मेरठ ने निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है। भारतीय युवा कांग्रेस मेरठ के जिलाध्यक्ष सुमित विकल ने इस संबंध में राष्ट्रपति भवन को पत्र भेजकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र समीक्षा कराने की मांग की है।
लोकतांत्रिक मूल्यों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का उठाया मुद्दा
राष्ट्रपति को भेजे गए पत्र में सुमित विकल ने कहा कि मामला लोकतांत्रिक मूल्यों, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और विपक्ष के संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा हुआ है। ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार के राजनीतिक पक्षपात की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि पूरे प्रकरण की निष्पक्षता के साथ समीक्षा की जाए और सभी संबंधित पक्षों के अधिकारों को ध्यान में रखते हुए कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
FIR की कानूनी और तथ्यात्मक समीक्षा की मांग
भारतीय युवा कांग्रेस की ओर से भेजे गए पत्र में दर्ज FIR की कानूनी एवं तथ्यात्मक समीक्षा कराने की मांग भी की गई है। संगठन का कहना है कि किसी भी मामले में कार्रवाई तथ्यों और कानून के आधार पर होनी चाहिए तथा राजनीतिक विचारधारा के आधार पर किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल के साथ भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए।
सभी राजनीतिक दलों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा पर जोर
सुमित विकल ने पत्र के माध्यम से सभी राजनीतिक दलों और उनके नेताओं के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका महत्वपूर्ण है और राजनीतिक असहमति को लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा माना जाना चाहिए।
लोकतांत्रिक असहमति और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सम्मान जरूरी
भारतीय युवा कांग्रेस मेरठ ने लोकतांत्रिक असहमति और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के सम्मान पर भी जोर दिया। पत्र में कहा गया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में अलग-अलग विचारों और राजनीतिक मतभेदों को रखने का अधिकार संविधान द्वारा प्रदत्त मूल्यों से जुड़ा है। ऐसे में किसी भी प्रकरण की जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से किया जाना आवश्यक है।
राष्ट्रपति से निष्पक्ष हस्तक्षेप की मांग
भारतीय युवा कांग्रेस मेरठ की ओर से राष्ट्रपति से पूरे मामले में आवश्यक एवं निष्पक्ष हस्तक्षेप की मांग की गई है। संगठन ने आग्रह किया है कि प्रकरण की स्वतंत्र समीक्षा कराते हुए कानून और संविधान के अनुरूप उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
IYC ने रखीं प्रमुख मांगें
भारतीय युवा कांग्रेस मेरठ की ओर से राष्ट्रपति के समक्ष मुख्य रूप से निम्न मांगें रखी गई हैं—
- पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच कराई जाए।
- दर्ज FIR की कानूनी एवं तथ्यात्मक समीक्षा की जाए।
- सभी राजनीतिक दलों और नेताओं के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।
- लोकतांत्रिक असहमति और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सम्मान किया जाए।
- किसी भी व्यक्ति या राजनीतिक दल के साथ राजनीतिक आधार पर भेदभाव न हो।
- मामले में आवश्यक एवं निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।