भारतीय किसान यूनियन भानु की प्रदेशीय बैठक में मौजूद संगठन के कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी
आगरा। भारतीय किसान यूनियन भानु के उत्तर प्रदेश के पदाधिकारियों, मंडल अध्यक्षों और जिलाध्यक्षों की महत्वपूर्ण बैठक रविवार को आगरा के एसएसएस गार्डन, पीली पोखर, हाथरस रोड स्थित परिसर में आयोजित हुई। बैठक में संगठन के प्रदेश अध्यक्ष योगेश प्रताप सिंह की उपस्थिति रही। प्रदेश संगठन मंत्री उत्तर प्रदेश कमलजीत चौहान सहित संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी भी बैठक में मौजूद रहे। बैठक में संगठन को मजबूत करने और किसानों से जुड़े मुद्दों को प्रभावी तरीके से उठाने को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
प्रदेशभर के पदाधिकारियों ने लिया हिस्सा
बैठक में उत्तर प्रदेश के विभिन्न मंडलों और जिलों से संगठन के पदाधिकारी पहुंचे। संगठन की ओर से बताया गया कि बैठक में 18 मंडल अध्यक्षों और 75 जिलाध्यक्षों ने भाग लिया। पदाधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में किसानों के सामने आ रही समस्याओं की जानकारी संगठन के वरिष्ठ नेतृत्व के सामने रखी और उनके समाधान के लिए सुझाव दिए।
बैठक का उद्देश्य संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत करना तथा किसानों की समस्याओं को एकजुट होकर संबंधित अधिकारियों एवं शासन-प्रशासन के समक्ष उठाने की रणनीति तैयार करना रहा।

किसानों की समस्याओं पर हुआ मंथन
प्रदेश अध्यक्ष योगेश प्रताप सिंह के नेतृत्व में हुई बैठक में किसानों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई। इनमें विशेष रूप से गन्ने के मूल्य में बढ़ोतरी, गन्ना भुगतान, बिजली आपूर्ति, नलकूपों से संबंधित समस्याएं और आवारा पशुओं से किसानों को होने वाली परेशानी शामिल रही।
पदाधिकारियों ने कहा कि किसानों की समस्याओं को केवल स्थानीय स्तर तक सीमित रखने के बजाय उन्हें संगठन के माध्यम से प्रभावी ढंग से उठाया जाना चाहिए। बैठक में उपस्थित पदाधिकारियों से उनके क्षेत्रों की समस्याओं और संभावित समाधान को लेकर सुझाव भी लिए गए।
गन्ना मूल्य और भुगतान का मुद्दा प्रमुख
बैठक में गन्ना किसानों से जुड़े मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया। संगठन के पदाधिकारियों ने गन्ने का उचित मूल्य बढ़ाए जाने और किसानों के बकाया भुगतान से संबंधित समस्याओं पर चर्चा की। किसानों की आर्थिक स्थिति और खेती की बढ़ती लागत को देखते हुए संगठन ने इन मुद्दों को मजबूती से उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
पदाधिकारियों ने कहा कि गन्ना किसानों को समय पर भुगतान और उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए संगठन लगातार प्रयास करेगा।
बिजली और नलकूप की समस्याओं पर भी चर्चा
किसानों ने बैठक में बिजली आपूर्ति और नलकूपों से संबंधित समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया। ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि कार्यों के लिए बिजली की उपलब्धता महत्वपूर्ण होने के कारण पदाधिकारियों ने इस मुद्दे पर प्रभावी तरीके से आवाज उठाने की बात कही।
बैठक में नलकूपों से जुड़ी समस्याओं, बिजली व्यवस्था और किसानों को होने वाली अन्य परेशानियों के समाधान के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों के समक्ष मुद्दे उठाने पर भी विचार किया गया।
आवारा पशुओं की समस्या से निजात की मांग
बैठक में आवारा पशुओं की समस्या पर भी विस्तार से चर्चा हुई। किसानों का कहना है कि आवारा पशुओं के कारण फसलों को नुकसान पहुंचने के साथ खेती की सुरक्षा को लेकर भी परेशानी बनी रहती है। संगठन के पदाधिकारियों ने इस समस्या के स्थायी समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया।
संगठन को और मजबूत करने का आह्वान
बैठक में सर्वसम्मति से संगठन को ग्राम और जिला स्तर तक और अधिक मजबूत करने पर जोर दिया गया। पदाधिकारियों से किसानों के बीच नियमित संपर्क बनाए रखने और उनकी समस्याओं की जानकारी संगठन तक पहुंचाने का आह्वान किया गया।
बैठक में कहा गया कि मजबूत संगठनात्मक ढांचे के माध्यम से ही किसानों की समस्याओं को प्रभावी तरीके से संबंधित अधिकारियों और सरकार के सामने रखा जा सकता है। इसके लिए सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से आपसी समन्वय के साथ काम करने की अपील की गई।
ये पदाधिकारी रहे मौजूद
बैठक में पश्चिमी प्रदेश अध्यक्ष राजीव अधाना, युवा प्रदेश अध्यक्ष पवन समाधियां, किसान मजदूर मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष पुष्पेंद्र चौहान, मजदूर मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक चौहान, किसान मजदूर मोर्चा प्रदेश सचिव ठाकुर मुस्लिम, पश्चिमी प्रदेश उपाध्यक्ष हरिओम चौहान फौजी, प्रदेश प्रवक्ता ओमपाल चौहान, सुमित शास्त्री सहित संगठन के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।
बैठक के दौरान पदाधिकारियों ने किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ उठाने और संगठन को प्रदेशभर में और अधिक सक्रिय एवं मजबूत बनाने का संकल्प लिया। संगठन की ओर से कहा गया कि किसानों से जुड़े मुद्दों पर प्राप्त सुझावों के आधार पर आगामी रणनीति तैयार की जाएगी।