गन्ना विकास विभाग की ऑनलाइन परीक्षा देते अभ्यर्थी
प्रदेश के 30 परीक्षा केंद्रों पर एक साथ हुई परीक्षा, 229 आवेदनों के सापेक्ष 226 गन्ना पर्यवेक्षक हुए शामिल
लखनऊ । प्रदेश में सुशासन और प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता को बढ़ावा देने की दिशा में चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग द्वारा गन्ना पर्यवेक्षकों के लिए ऑनलाइन विभागीय परीक्षा का सफल आयोजन किया गया। विभाग के आईटी सेल द्वारा विकसित सॉफ्टवेयर के माध्यम से आयोजित इस परीक्षा में पारदर्शिता और सुचारू व्यवस्था पर विशेष जोर दिया गया। विभाग के अनुसार, परीक्षा प्रदेश के गन्ना उत्पादक जनपदों में बनाए गए कुल 30 परीक्षा केंद्रों पर एक साथ आयोजित की गई। परीक्षा के लिए कुल 229 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से 226 गन्ना पर्यवेक्षकों ने ऑनलाइन विभागीय परीक्षा में भाग लिया।
विभाग के अपने सॉफ्टवेयर से आयोजित हुई परीक्षा
ऑनलाइन विभागीय परीक्षा की प्रमुख विशेषता यह रही कि इसके संचालन के लिए किसी बाहरी संस्था पर निर्भरता के बजाय गन्ना विकास विभाग के आईटी सेल द्वारा विकसित सॉफ्टवेयर का उपयोग किया गया। विभागीय विषय विशेषज्ञों के स्तर पर तैयार किए गए प्रश्नपत्रों के माध्यम से परीक्षा आयोजित की गई। विभाग का कहना है कि अपने स्तर पर विकसित तकनीकी व्यवस्था के माध्यम से परीक्षा आयोजित करने का उद्देश्य प्रक्रिया में अधिकतम पारदर्शिता सुनिश्चित करना तथा विभागीय स्तर पर परीक्षा संचालन की क्षमता को मजबूत करना था।
30 परीक्षा केंद्रों पर एक साथ हुई परीक्षा
गन्ना पर्यवेक्षकों की ऑनलाइन परीक्षा प्रदेश के विभिन्न गन्ना उत्पादक जिलों में स्थापित किए गए कुल 30 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई। परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए प्रशासनिक एवं तकनीकी व्यवस्थाओं को पहले से व्यवस्थित किया गया था। परीक्षा केंद्रों पर व्यवस्था बनाए रखने के लिए विभिन्न स्तर के अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं। जिला गन्ना अधिकारियों और सहायक चीनी आयुक्तों को केंद्र प्रभारी बनाया गया था, ताकि परीक्षा प्रक्रिया निर्धारित व्यवस्थाओं के अनुरूप संपन्न हो सके।
क्षेत्रीय उप गन्ना आयुक्तों को बनाया गया नोडल अधिकारी
परीक्षा के सफल संचालन और विभिन्न परीक्षा केंद्रों के बीच समन्वय बनाए रखने के लिए क्षेत्रीय उप गन्ना आयुक्तों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया था। उनके निर्देशन में परीक्षा प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न कराया गया। इसके साथ ही विभाग में कार्यरत ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षकों, गन्ना विकास निरीक्षकों और प्रभारी सचिवों को कक्ष निरीक्षक के रूप में तैनात किया गया था। इस व्यवस्था के माध्यम से परीक्षा केंद्रों पर आवश्यक प्रशासनिक निगरानी सुनिश्चित की गई।
229 आवेदनों में 226 अभ्यर्थियों ने दी परीक्षा
विभागीय परीक्षा में शामिल होने के लिए कुल 229 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से 226 गन्ना पर्यवेक्षक परीक्षा में सम्मिलित हुए। इस प्रकार अधिकांश पंजीकृत अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन परीक्षा प्रक्रिया में भाग लिया। विभाग के स्तर पर परीक्षा के लिए तकनीकी और प्रशासनिक तैयारियां पहले से की गई थीं, जिससे निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर प्रक्रिया को व्यवस्थित ढंग से संचालित किया जा सका।
वर्तमान तैनाती वाले जिले के समीप मिला परीक्षा केंद्र
ऑनलाइन परीक्षा की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह रही कि गन्ना पर्यवेक्षकों को उनकी वर्तमान तैनाती वाले जनपद के समीप ही परीक्षा केंद्र उपलब्ध कराया गया। इससे अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होने के लिए दूर-दराज के जिलों की यात्रा नहीं करनी पड़ी। इस व्यवस्था से गन्ना पर्यवेक्षकों को यात्रा में लगने वाले अतिरिक्त समय और व्यय से राहत मिली। साथ ही, परीक्षा में शामिल होने के कारण उनके नियमित विभागीय कार्य भी लंबे समय तक प्रभावित नहीं हुए।
समय और यात्रा व्यय की हुई बचत
विभाग के अनुसार, ऑनलाइन परीक्षा व्यवस्था से कर्मचारियों को परीक्षा के लिए अनावश्यक रूप से लंबी दूरी तय करने की आवश्यकता नहीं पड़ी। इससे उनका समय और यात्रा व्यय दोनों बचा तथा वे अपने विभागीय दायित्वों को भी निरंतर पूरा कर सके। स्थानीय स्तर पर परीक्षा केंद्र उपलब्ध कराए जाने से परीक्षा में शामिल होने वाले कर्मचारियों के लिए प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक रही। विभाग ने इसे ऑनलाइन परीक्षा व्यवस्था की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल किया है।
पारदर्शिता और तकनीकी व्यवस्था पर जोर
गन्ना विकास विभाग द्वारा आयोजित इस परीक्षा में पारदर्शिता के साथ-साथ तकनीक के प्रभावी इस्तेमाल पर विशेष जोर दिया गया। विभागीय आईटी सेल द्वारा विकसित सॉफ्टवेयर के माध्यम से परीक्षा आयोजित किए जाने से विभाग ने अपनी आंतरिक तकनीकी क्षमता का उपयोग किया। विभाग का कहना है कि ऑनलाइन परीक्षा व्यवस्था से विभागीय परीक्षाओं को अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और सुविधाजनक तरीके से संचालित करने में मदद मिली है। साथ ही, कर्मचारियों को उनके कार्यस्थल के आसपास परीक्षा केंद्र उपलब्ध कराने से प्रशासनिक कार्यों की निरंतरता भी बनी रही।
सुशासन की दिशा में तकनीक का इस्तेमाल
चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग के अनुसार, यह पूरी प्रक्रिया प्रदेश सरकार की सुशासन नीति और प्रशासनिक कार्यों में तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। विभागीय परीक्षा को ऑनलाइन माध्यम से आयोजित करने और कर्मचारियों को सुविधाजनक परीक्षा केंद्र उपलब्ध कराने से परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सरल और सुगम बनाया गया। विभाग ने परीक्षा के सफल आयोजन में सहयोग करने वाले अधिकारियों, केंद्र प्रभारियों, कक्ष निरीक्षकों, नोडल अधिकारियों और अन्य कार्मिकों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया।