घटनास्थल के निरीक्षण के उपरांत डीआईजी कलानिधि नैथानी ने घायलों का हाल जाना
खेकड़ा क्षेत्र के ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा; राजस्थान से बदायूं लौट रहे श्रद्धालुओं से भरा वाहन पलटा, मृतकों की संख्या 12 तक पहुंची, 24 घायलों का उपचार जारी
बागपत । जनपद बागपत के थाना खेकड़ा क्षेत्र में ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर हुए भीषण सड़क हादसे के बाद मेरठ जोन के अपर पुलिस महानिदेशक भानु भास्कर और मेरठ परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक कलानिधि नैथानी ने 7 सितंबर 2026 को घटनास्थल का निरीक्षण किया। दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने दुर्घटनास्थल पर पहुंचकर हादसे की परिस्थितियों, राहत एवं बचाव कार्य तथा पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई की जानकारी ली। इसके बाद अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर भर्ती घायलों का हाल जाना और उनके उपचार की स्थिति के संबंध में चिकित्सकों से जानकारी ली।
देर रात ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 6 और 7 सितंबर की मध्यरात्रि करीब 12:30 बजे डायल-112 के माध्यम से थाना खेकड़ा क्षेत्र में एक वाहन के दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना पुलिस को मिली। प्रारंभिक जानकारी में बताया गया कि राजस्थान से बदायूं की ओर जा रहा यात्रियों से भरा वाहन ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर डिवाइडर से टकराने के बाद अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसा खेकड़ा थाना क्षेत्र में बसी और बड़ा गांव के आसपास के क्षेत्र में हुआ बताया गया है। वाहन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु सवार थे, जो राजस्थान के बागड़ धाम/गोगामेड़ी से दर्शन कर अपने घर बदायूं लौट रहे थे। कुछ रिपोर्टों में वाहन में करीब 32 श्रद्धालुओं के सवार होने की जानकारी सामने आई है।
सूचना मिलते ही पुलिस और राहत दल मौके पर पहुंचा
दुर्घटना की सूचना मिलते ही थाना खेकड़ा पुलिस, पीआरवी वाहनों और एंबुलेंस सेवा को तत्काल मौके पर भेजा गया। पुलिस और राहत दल ने घटनास्थल पर पहुंचकर बचाव कार्य शुरू किया तथा दुर्घटनाग्रस्त वाहन में फंसे और घायल यात्रियों को बाहर निकालने की कार्रवाई की। हादसे की गंभीरता को देखते हुए घायलों को तत्काल अलग-अलग चिकित्सा केंद्रों पर पहुंचाया गया। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार घायलों को सीएचसी खेकड़ा, सीएचसी बागपत और जिला अस्पताल बागपत में भर्ती कराया गया। गंभीर रूप से घायल मरीजों को बेहतर उपचार के लिए हायर सेंटर रेफर किए जाने की जानकारी भी सामने आई।
शुरुआती तौर पर चार मौतों की सूचना, बाद में बढ़ता गया आंकड़ा
हादसे के तुरंत बाद शुरुआती रिपोर्टों में चार लोगों की मौत और करीब 32 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद उपचार के दौरान कुछ और घायलों की मौत होने से मृतकों का आंकड़ा बढ़ता गया। बाद की रिपोर्टों में बागपत पुलिस के हवाले से मृतकों की संख्या आठ बताए जाने की जानकारी सामने आई। इसके बाद उपचार के दौरान और लोगों की मौत होने से 7 सितंबर की शाम तक मृतकों की संख्या 12 तक पहुंचने की रिपोर्ट सामने आई। वहीं करीब 24 घायलों के उपचाररत होने की जानकारी दी गई।
एडीजी और डीआईजी ने घटनास्थल का लिया जायजा
हादसे की गंभीरता को देखते हुए अपर पुलिस महानिदेशक मेरठ जोन भानु भास्कर और पुलिस उपमहानिरीक्षक मेरठ परिक्षेत्र कलानिधि नैथानी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। घटनास्थलअस्पताल पहुंचकर घायलों का जाना हाल के निरीक्षण के बाद एडीजी और डीआईजी अस्पताल पहुंचे। यहां उन्होंने भर्ती घायलों से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। अधिकारियों ने चिकित्सकों से घायलों के उपचार और उनकी स्थिति के संबंध में जानकारी प्राप्त की। गंभीर रूप से घायल लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया। हादसे के बाद पुलिस-प्रशासन की प्राथमिकता घायलों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना और गंभीर मरीजों को आवश्यकता के अनुसार उच्च चिकित्सा केंद्रों तक पहुंचाना रही। दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों से दुर्घटना के संबंध में जानकारी ली तथा राहत और बचाव कार्य की स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने घटनास्थल की परिस्थितियों और हादसे से जुड़े तथ्यों को समझने के लिए मौके का निरीक्षण किया।
डीएम और एसपी ने भी संभाली राहत व्यवस्था
हादसे की सूचना मिलने के बाद बागपत के जिलाधिकारी अस्मिता लाल और पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय भी अस्पताल पहुंचे और घायलों का हाल जाना। अधिकारियों ने चिकित्सा व्यवस्था का जायजा लेते हुए घायलों को आवश्यक उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। पुलिस की ओर से मृतकों और घायलों की पहचान तथा उनके परिजनों से संपर्क की प्रक्रिया भी शुरू की गई। हादसे के संबंध में परिजनों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के लिए पुलिस स्तर से संपर्क व्यवस्था भी बताई गई थी।
हादसे के कारणों की जांच जारी
प्रारंभिक पुलिस जानकारी में वाहन के डिवाइडर से टकराकर अनियंत्रित होने और पलटने की बात सामने आई है। वहीं कुछ मीडिया रिपोर्टों में पीछे से किसी अन्य वाहन की टक्कर की संभावना का भी उल्लेख किया गया है। हालांकि, दुर्घटना का वास्तविक कारण जांच का विषय है और इसे अभी अंतिम निष्कर्ष के रूप में नहीं माना जा सकता। पुलिस द्वारा दुर्घटना से जुड़े सभी तथ्यों की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर ही हादसे की वास्तविक परिस्थितियों और कारणों को स्पष्ट किया जा सकेगा।
कई परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़
राजस्थान के धार्मिक स्थल से दर्शन कर अपने घर लौट रहे श्रद्धालुओं के साथ हुई इस दुर्घटना ने कई परिवारों को गहरा आघात पहुंचाया है। एक साथ बड़ी संख्या में लोगों के घायल होने और कई लोगों की जान जाने के बाद परिजनों में शोक का माहौल है। प्रशासन और पुलिस की ओर से घायलों को आवश्यक उपचार उपलब्ध कराने, मृतकों की पहचान कराने तथा उनके परिजनों तक सूचना पहुंचाने की प्रक्रिया पर काम किया गया। हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर यातायात व्यवस्था को भी सामान्य बनाए रखने के लिए पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई की।
वरिष्ठ अधिकारियों के निरीक्षण से जांच और राहत व्यवस्था की समीक्षा
एडीजी मेरठ जोन भानु भास्कर और डीआईजी मेरठ परिक्षेत्र कलानिधि नैथानी का घटनास्थल निरीक्षण हादसे की गंभीरता के मद्देनजर पुलिस की उच्चस्तरीय निगरानी को द र्शाता है। अधिकारियों ने घटनास्थल से लेकर अस्पताल तक राहत एवं उपचार की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता घायलों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराना, मृतकों एवं घायलों की पहचान की प्रक्रिया पूरी करना और दुर्घटना के वास्तविक कारणों की जांच करना है। हादसे से जुड़े तथ्यों की जांच पूरी होने के बाद ही दुर्घटना की परिस्थितियों को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।