ग्राम भैंसी में हुई हत्या की घटना का खुलासा करते एसएसपी संजय कुमार वर्मा
तीन महीने पुरानी रंजिश को बताया हत्या की वजह, पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चाकू और बाइक की बरामद
मुजफ्फरनगर। खतौली थाना क्षेत्र के गांव भैंसी निवासी 29 वर्षीय अतुल की हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस ने मामले में अतुल के ही दो दोस्तों सोनू पुत्र अजयपाल और तालिब पुत्र दिलशाद को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त चाकू और बाइक बरामद की गई है। पुलिस का कहना है कि अतुल 29 अगस्त से लापता था। उसके लापता होने के बाद परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की और पुलिस को भी मामले की जानकारी दी गई। शुरुआती जांच में पुलिस के सामने कोई स्पष्ट सुराग नहीं था, जिसके चलते मामला पुलिस के लिए चुनौती बन गया था।
तीनों दोस्त थे और साथ करते थे फर्नीचर का काम
एसएसपी संजय कुमार वर्मा के अनुसार, अतुल, सोनू और तालिब आपस में दोस्त थे और तीनों एक साथ फर्नीचर का काम करते थे। पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि अतुल और आरोपियों के बीच पिछले कुछ समय से विवाद चल रहा था। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि अतुल उनकी बहन को लेकर कथित तौर पर अमर्यादित टिप्पणी करता था। इसी बात को लेकर करीब तीन महीने पहले भी दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था। आरोपियों का कहना है कि समझाने के बावजूद अतुल की कथित टिप्पणी को लेकर विवाद खत्म नहीं हुआ।
पुलिस के अनुसार योजना बनाकर की गई वारदात
पुलिस के मुताबिक, इसी विवाद के चलते सोनू और तालिब ने अतुल को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि उन्होंने एक दिन बातचीत के दौरान वारदात की योजना बनाई और अगले दिन अतुल को अमरूद खाने के बहाने खेत की ओर बुलाया। पुलिस के अनुसार, खेत में पहुंचने के बाद दोनों आरोपियों ने अतुल पर हमला किया, जिसके बाद उसकी मौत हो गई। इसके बाद शव को खेत में छिपा दिया गया। पुलिस ने बताया कि मृतक का मोबाइल फोन भी आरोपी अपने साथ ले गए थे।
परिजनों के साथ धरने में भी पहुंचा था आरोपी
इस पूरे मामले में पुलिस के सामने एक चौंकाने वाला पहलू भी सामने आया। पुलिस के मुताबिक, हत्या का आरोपी सोनू अतुल के परिजनों के साथ मिलकर एसएसपी कार्यालय पर धरना देने भी पहुंचा था। वह अतुल की तलाश के दौरान पुलिस के साथ भी लगातार दिखाई देता रहा। पुलिस के अनुसार, जिस दिन एसएसपी कार्यालय पर धरना दिया गया था, उस दिन सोनू ने एसएसपी के साथ कथित तौर पर गलत व्यवहार किया था और बार-बार धरना देने की चेतावनी भी दी थी। उस समय किसी को यह अंदाजा नहीं था कि जिस व्यक्ति की तलाश को लेकर वह परिजनों के साथ खड़ा है, पुलिस के मुताबिक वही इस मामले का आरोपी हो सकता है।
एसएसपी बोले- कई मामलों में अपराधी परिजनों के साथ धरने में शामिल हो जाते हैं
हत्याकांड का खुलासा करते हुए एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने कहा कि कई मामलों में ऐसा देखने को मिलता है कि अपराधी खुद को बचाने के लिए पीड़ित परिवार के साथ खड़े होकर धरने या प्रदर्शन में शामिल हो जाते हैं। एसएसपी ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि किसी व्यक्ति को पुलिस या प्रशासन से संबंधित कोई समस्या है तो वह सीधे अधिकारियों से मिलकर अपनी शिकायत रख सकता है। उन्होंने कहा कि धरना देना हर समस्या का समाधान नहीं है और शिकायत का समाधान बातचीत तथा कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से किया जा सकता है।
ब्लाइंड केस की तरह सामने आया था मामला
पुलिस के अनुसार, अतुल के लापता होने के बाद शुरुआती दौर में इस मामले में कोई स्पष्ट सुराग उपलब्ध नहीं था। पुलिस के सामने यह पता लगाना चुनौती था कि अतुल कहां गया और उसके साथ क्या हुआ। इसके बाद पुलिस टीम ने अतुल के संपर्क में रहने वाले लोगों, उसके दोस्तों और घटना से जुड़े संभावित पहलुओं की जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने मामले की कड़ियों को जोड़ना शुरू किया और संदेह के आधार पर आरोपियों से पूछताछ की गई।
सीओ खतौली और थाना पुलिस की टीम ने की जांच
एसएसपी संजय कुमार वर्मा के मुताबिक, मामले के खुलासे में सीओ खतौली रूपाली राय चौधरी, थाना प्रभारी निरीक्षक दिनेश बघेल और पुलिस टीम ने लगातार जांच की। पुलिस ने विभिन्न पहलुओं की पड़ताल करते हुए आखिरकार सोनू और तालिब तक पहुंच बनाई। पूछताछ के बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनके कब्जे से चाकू और बाइक बरामद करने का दावा किया है। पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस जांच में सामने आई अहम कड़ियां
अतुल के लापता होने से लेकर आरोपियों की गिरफ्तारी तक पुलिस ने कई बिंदुओं को जांच का आधार बनाया। तीनों का आपस में दोस्त होना, साथ काम करना, पुराना विवाद और घटना के बाद आरोपियों का व्यवहार जांच में महत्वपूर्ण कड़ियां साबित हुआ। फिलहाल पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। हत्या के पीछे बताए जा रहे विवाद और अन्य पहलुओं की भी पुलिस जांच कर रही है।