थाने का घेराव कर एफआईआर की मांग करते बजरंग दल के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता
FIR दर्ज कराने और कथित दुर्व्यवहार के विरोध में कार्यकर्ताओं ने किया थाने का घेराव, सड़क पर लगाया जाम; CO दौराला ने सुनी मांगें और कार्रवाई का आश्वासन दिया
मेरठ । कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र के गांव जगेठी में एक किसान के खेत में कथित तौर पर गौवंश के कटान के अवशेष मिलने के मामले को लेकर रविवार को बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। संगठन की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में दावा किया गया है कि किसान भूपेंद्र पुत्र जगत सिंह के खेत में करीब छह गौवंशों के कटान के अवशेष पाए गए। मामले की सूचना ग्राम प्रधान की ओर से पुलिस को दिए जाने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और अवशेषों को दबाए जाने की बात कही गई।
अवशेष मिलने की सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस
बजरंग दल की ओर से जारी बयान के अनुसार, ग्राम प्रधान द्वारा घटना की सूचना पुलिस को सुबह ही दे दी गई थी। इसके बाद पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा। संगठन का आरोप है कि मौके से मिले अवशेषों को दबा दिया गया, लेकिन शाम तक मामले में एफआईआर दर्ज नहीं की गई। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के अनुसार, जब उन्हें घटना की जानकारी मिली तो वे मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। कार्यकर्ताओं ने दावा किया कि उन्हें मौके पर कुछ और अवशेष भी दिखाई दिए, जिसके बाद उन्होंने इसकी जानकारी पुलिस को दी और मामले में मुकदमा दर्ज करने की मांग की।

FIR दर्ज कराने की मांग को लेकर थाने पहुंचे कार्यकर्ता
घटना को लेकर बजरंग दल के कार्यकर्ता कंकरखेड़ा थाने पहुंचे और एफआईआर की प्रति तथा मुकदमा दर्ज किए जाने की मांग की। संगठन का आरोप है कि एफआईआर दर्ज करने में देरी हो रही थी। कार्यकर्ताओं ने थाना प्रभारी से इस संबंध में बातचीत की। बजरंग दल की ओर से आरोप लगाया गया कि थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह का कार्यकर्ताओं से बातचीत करने का तरीका उचित नहीं था और उन्हें एफआईआर दर्ज करने के मामले में लगातार उलझाया जाता रहा।
थाना प्रभारी के व्यवहार को लेकर जताई नाराजगी
बजरंग दल के अनुसार, थाना प्रभारी के कथित व्यवहार से कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ गई। इसके बाद अन्य कार्यकर्ताओं को भी थाने पर बुलाया गया। संगठन ने एफआईआर दर्ज करने में कथित देरी और थाना प्रभारी के कथित दुर्व्यवहार को लेकर थाने का घेराव किया। थाना प्रभारी की ओर से करीब पांच मिनट का समय मांगा गया और एफआईआर दर्ज करने की बात कही गई, लेकिन संगठन के अनुसार शाम सात बजे तक भी मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। इसके बाद प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं ने सड़क पर जाम लगा दिया।
CO दौराला ने मौके पर पहुंचकर संभाली स्थिति
सड़क जाम होने की सूचना के बाद CO दौराला शिव ठाकुर मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं से बातचीत की और उन्हें अपनी मांगों के संबंध में थाने पर बातचीत के लिए बुलाया। बजरंग दल की ओर से जारी बयान के अनुसार, CO दौराला ने कार्यकर्ताओं की सभी मांगों को सुना और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद एफआईआर दर्ज होने की जानकारी मिलने पर कार्यकर्ताओं ने शीघ्र कार्रवाई की मांग दोहराई और अपना धरना समाप्त कर दिया।
बजरंग दल ने रखीं तीन प्रमुख मांगें
प्रदर्शन के दौरान बजरंग दल की ओर से पुलिस प्रशासन के सामने तीन प्रमुख मांगें रखी गईं। संगठन ने जगेठी गांव और घटनास्थल के आसपास रात्रि गश्त बढ़ाने की मांग की, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।
दूसरी मांग में संगठन ने अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध गौवध निवारण अधिनियम एवं संबंधित कानूनी धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग की।
तीसरी मांग में बजरंग दल ने मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज कर आरोपियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई तथा थाना प्रभारी द्वारा कार्यकर्ताओं के साथ कथित दुर्व्यवहार की जांच कराने की मांग की।
‘शीघ्र कार्रवाई की जाए’—कार्यकर्ताओं ने दोहराई मांग
एफआईआर दर्ज होने के बाद बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने पुलिस से मामले में शीघ्र और प्रभावी कार्रवाई की मांग की। संगठन का कहना है कि केवल मुकदमा दर्ज होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि घटना में शामिल आरोपियों की पहचान कर उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई भी की जानी चाहिए। कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन से घटनास्थल की सुरक्षा और क्षेत्र में रात्रि गश्त बढ़ाने की भी मांग की, ताकि स्थानीय लोगों में सुरक्षा की भावना बनी रहे।
प्रदर्शन में ये कार्यकर्ता रहे मौजूद
प्रदर्शन के दौरान बजरंग दल एवं विश्व हिंदू परिषद से जुड़े कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। इनमें महानगर सह मंत्री मनोज त्यागी, सह मंत्री बंटी बजरंगी, महानगर सह संयोजक रिंकू ठाकुर, सह संयोजक हरीश गोस्वामी, महानगर संयोजक हिमांशु शर्मा, महानगर गौ रक्षा प्रमुख कृष्णा कश्यप, पुनीत धानक, रोहित, विशाल धानक, उज्ज्वल तायल, विपिन, उमंग, अमित सैनी और प्रिंस सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल रहे।
FIR के बाद समाप्त किया गया धरना
संगठन की ओर से बताया गया कि एफआईआर दर्ज होने के उपरांत कार्यकर्ताओं ने पुलिस से मामले में शीघ्र कार्रवाई किए जाने की मांग की। इसके बाद उन्होंने अपना धरना समाप्त कर दिया और अपने गंतव्य की ओर लौट गए।
पुलिस कार्रवाई पर रहेगी नजर
जगेठी गांव में कथित गौवंश अवशेष मिलने का यह मामला अब पुलिस जांच का विषय है। एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस द्वारा घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, अवशेषों, संभावित आरोपियों और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच की जाएगी। मामले में आगे की कार्रवाई पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगी।