माध्यमिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश
यूपी बोर्ड ने बदले नियम, विज्ञान और गृह विज्ञान में 20 अंकों की प्रयोगात्मक परीक्षा परिषद कराएगी; जिला विद्यालय निरीक्षक ने मेरठ के सभी माध्यमिक विद्यालयों को दिए अनुपालन के निर्देश
मेरठ । माध्यमिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश ने हाईस्कूल स्तर पर विज्ञान एवं गृह विज्ञान विषयों के प्रयोगात्मक मूल्यांकन को लेकर महत्वपूर्ण बदलाव किया है। अब इन दोनों विषयों में आंतरिक मूल्यांकन के स्थान पर प्रयोगात्मक परीक्षाएं आयोजित कराई जाएंगी। इस संबंध में परिषद की ओर से विज्ञप्ति जारी की गई है। जिला विद्यालय निरीक्षक मेरठ ने भी जनपद के राजकीय, अशासकीय सहायता प्राप्त और स्ववित्त पोषित माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों एवं प्रधानाचार्याओं को आदेश जारी कर संशोधित व्यवस्था का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
माध्यमिक शिक्षा परिषद ने विनियम में किया संशोधन
माध्यमिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार शासन के पत्र के माध्यम से हाईस्कूल स्तर पर विज्ञान एवं गृह विज्ञान विषय में आंतरिक मूल्यांकन के स्थान पर प्रयोगात्मक परीक्षाएं आयोजित कराए जाने के संबंध में परिषद के विनियमों में संशोधन किया गया है। संशोधित व्यवस्था के तहत हाईस्कूल स्तर पर विभिन्न विषयों में प्रयोगात्मक कार्यों के मूल्यांकन की मौजूदा व्यवस्था में विज्ञान और गृह विज्ञान को अलग किया गया है। इन दोनों विषयों में प्रयोगात्मक परीक्षा परिषद की ओर से आयोजित कराई जाएगी।
विज्ञान और गृह विज्ञान में परिषद कराएगी प्रयोगात्मक परीक्षा
संशोधित नियमों के अनुसार हाईस्कूल स्तर पर विज्ञान एवं गृह विज्ञान विषय में प्रयोगात्मक परीक्षा परिषद द्वारा आयोजित कराई जाएगी। परीक्षा में प्राप्त अंक प्रमाण पत्र-सह-अंकपत्र में प्रदर्शित किए जाएंगे। परिषद की विज्ञप्ति में स्पष्ट किया गया है कि विज्ञान एवं गृह विज्ञान को छोड़कर अन्य संबंधित विषयों में प्रयोगात्मक कार्यों का आंतरिक मूल्यांकन निर्धारित प्वाइंट स्केल ग्रेडिंग के आधार पर किया जाएगा। इस प्रकार विज्ञान और गृह विज्ञान के प्रयोगात्मक मूल्यांकन की जिम्मेदारी परिषद की ओर से आयोजित परीक्षा के माध्यम से पूरी की जाएगी।
स्कूलों को नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश
जिला विद्यालय निरीक्षक मेरठ की ओर से जनपद के सभी राजकीय, अशासकीय सहायता प्राप्त और स्ववित्त पोषित माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों एवं प्रधानाचार्याओं को पत्र जारी किया गया है। इसमें माध्यमिक शिक्षा परिषद की विज्ञप्ति की प्रति संलग्न करते हुए संशोधित नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। पत्र में कहा गया है कि परिषद की ओर से जारी संशोधित व्यवस्था के अनुसार विद्यालयों में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि हाईस्कूल के विद्यार्थियों की प्रयोगात्मक परीक्षा निर्धारित नियमों के अनुरूप कराई जा सके।
अंक और ग्रेड अंकपत्र में होंगे प्रदर्शित
नई व्यवस्था के तहत विद्यार्थियों के प्रयोगात्मक कार्य से संबंधित प्राप्तांक एवं ग्रेड को प्रमाण पत्र-सह-अंकपत्र में प्रदर्शित किया जाएगा। इससे विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम में प्रयोगात्मक परीक्षा के मूल्यांकन का भी स्पष्ट उल्लेख रहेगा। परिषद ने अपने आदेश में संबंधित अधिकारियों और जिला विद्यालय निरीक्षकों को निर्देश दिया है कि संशोधित व्यवस्था का अपने-अपने स्तर से व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए।
सभी माध्यमिक विद्यालयों तक सूचना पहुंचाने के निर्देश
जिला विद्यालय निरीक्षक मेरठ ने यह आदेश जिले के सभी संबंधित माध्यमिक विद्यालयों को भेजा है। पत्र में प्रधानाचार्यों और प्रधानाचार्याओं से कहा गया है कि परिषद द्वारा किए गए संशोधन के अनुसार विद्यालय स्तर पर आवश्यक तैयारी और अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। वहीं माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से भी प्रदेश के सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों तथा मंडलीय शिक्षा अधिकारियों को विज्ञप्ति भेजकर इसका व्यापक प्रचार-प्रसार कराने के निर्देश दिए गए हैं। परिषद ने दैनिक समाचार पत्रों के माध्यम से भी इस सूचना को विद्यार्थियों, अभिभावकों और विद्यालयों तक पहुंचाने का अनुरोध किया है।
हाईस्कूल विद्यार्थियों के लिए बदली मूल्यांकन प्रक्रिया
परिषद के इस संशोधन के बाद हाईस्कूल में विज्ञान और गृह विज्ञान पढ़ने वाले विद्यार्थियों के प्रयोगात्मक मूल्यांकन की प्रक्रिया में बदलाव होगा। अब इन विषयों में प्रयोगात्मक परीक्षा परिषद की ओर से आयोजित की जाएगी, जबकि अन्य संबंधित विषयों में निर्धारित आंतरिक मूल्यांकन व्यवस्था लागू रहेगी। शिक्षा विभाग का कहना है कि विद्यालयों को परिषद के संशोधित नियमों के अनुरूप परीक्षा संबंधी तैयारियां और आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करनी होंगी