प्रोजेक्ट अलंकार के कार्यक्रम को संबोधित करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में माध्यमिक शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और बेहतर बनाने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा प्रोजेक्ट अलंकार के तहत विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं के विकास पर जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को शिक्षकों को नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम के दौरान प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में किए जा रहे बदलावों का उल्लेख करते हुए बताया कि प्रोजेक्ट अलंकार के माध्यम से माध्यमिक विद्यालयों में नए भवन और आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है।
2,300 से अधिक विद्यालयों में हुआ आधारभूत विकास
मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रदेश के 2,300 से अधिक माध्यमिक विद्यालयों में प्रोजेक्ट अलंकार के तहत नए भवन और आधारभूत सुविधाओं से जुड़े कार्य तैयार किए जा चुके हैं। इसके साथ ही 1,500 से अधिक राजकीय इंटर कॉलेजों की नई बिल्डिंग भी तैयार होने की जानकारी दी गई। विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी, प्रयोगशालाओं और अटल टिंकरिंग लैब जैसी सुविधाओं को विकसित करने पर भी जोर दिया जा रहा है।

जर्जर भवनों के जीर्णोद्धार और सुविधाओं के विस्तार पर जोर
प्रोजेक्ट अलंकार का उद्देश्य माध्यमिक विद्यालयों में उपलब्ध आधारभूत ढांचे को मजबूत करना और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है। इसके तहत विद्यालय भवनों की मरम्मत, पुनर्निर्माण तथा आवश्यक सुविधाओं के विकास से जुड़े कार्य किए जा रहे हैं। हाल के महीनों में योजना के तहत सहायता प्राप्त विद्यालयों के जीर्णोद्धार और अवस्थापना विकास के लिए भी शासन स्तर से धनराशि स्वीकृत की गई है।
स्मार्ट क्लास और डिजिटल सुविधाओं से आधुनिक होगी पढ़ाई
प्रोजेक्ट अलंकार के साथ विद्यालयों में पारंपरिक शिक्षण व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी और प्रयोगशालाओं जैसी सुविधाओं के माध्यम से विद्यार्थियों को तकनीक आधारित अध्ययन का अवसर देने पर जोर है। सरकार की ओर से शिक्षा क्षेत्र में आधारभूत ढांचे के साथ-साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को भी प्राथमिकता देने की बात कही जा रही है।

ऑपरेशन कायाकल्प के साथ शिक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षा व्यवस्था में किए जा रहे कार्यों का उल्लेख करते हुए ऑपरेशन कायाकल्प और प्रोजेक्ट अलंकार को भी आधारभूत सुविधाओं के विकास से जोड़ा। मुख्यमंत्री के अनुसार, बेसिक शिक्षा में ऑपरेशन कायाकल्प और निपुण भारत के माध्यम से सुविधाओं के विस्तार का कार्य हुआ है, जबकि माध्यमिक शिक्षा के क्षेत्र में प्रोजेक्ट अलंकार के तहत विद्यालयों के भवन और इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जा रहा है।
शिक्षा के साथ नवाचार और प्रयोगशाला आधारित सीखने पर जोर
सरकार की ओर से विद्यालयों में प्रयोगशालाओं और अटल टिंकरिंग लैब जैसी सुविधाओं के विकास पर भी जोर दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में केवल पाठ्यक्रम आधारित ज्ञान तक सीमित न रहकर जिज्ञासा, प्रयोग और नवाचार की प्रवृत्ति को बढ़ावा देना है। मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से भी विद्यालयों को विद्यार्थियों की जिज्ञासा और सीखने का केंद्र बनाने का आह्वान किया है।

सहायता प्राप्त विद्यालयों को भी मिल रहा योजना का लाभ
प्रोजेक्ट अलंकार के अंतर्गत अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में भी मरम्मत और अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए शासन स्तर से धनराशि स्वीकृत की जा रही है। जून 2026 में 57 सहायता प्राप्त विद्यालयों के लिए 8.16 करोड़ रुपये स्वीकृत किए जाने की जानकारी सामने आई थी। अगस्त 2026 में 23 जिलों के 51 विद्यालयों के लिए 6.71 करोड़ रुपये की स्वीकृति की रिपोर्ट भी सामने आई।
विद्यार्थियों को मिलेगा बेहतर शैक्षणिक वातावरण
प्रोजेक्ट अलंकार के तहत भवनों के निर्माण और मरम्मत के साथ आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं के विकास से विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। सरकार के अनुसार, मजबूत आधारभूत ढांचा, तकनीकी सुविधाएं, प्रयोगशालाएं और डिजिटल संसाधन माध्यमिक शिक्षा को आधुनिक जरूरतों के अनुरूप बनाने में सहायक होंगे।