16 नवंबर से शुरू होगी स्वगणना, 1 दिसंबर से 4 जनवरी तक चलेगा डोर-टू-डोर गणना अभियान; औद्योगिक क्षेत्रों में लगेंगे श्रमिक सम्मान स्वास्थ्य शिविर
लखनऊ । मुख्य सचिव श्री एस.पी. गोयल की अध्यक्षता में बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी मंडलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों के साथ साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनगणना-2027, औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिक सम्मान स्वास्थ्य शिविर, डॉ. आंबेडकर मूर्ति स्थल विकास योजना, पीएम सूर्यघर योजना सहित विभिन्न विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने संबंधित अधिकारियों को योजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने और कार्यों की नियमित निगरानी के निर्देश दिए।
जनगणना-2027 की तैयारियां समय से पूरी करने के निर्देश
मुख्य सचिव ने जनगणना-2027 की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि इसके द्वितीय चरण में प्रदेश में जनसंख्या गणना यानी Population Enumeration का कार्य किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 16 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक स्वगणना (Self Enumeration) कराई जाएगी। इसके बाद 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक डोर-टू-डोर जनसंख्या गणना का कार्य चलेगा। इसके पश्चात 5 से 9 जनवरी 2027 तक पुनरीक्षण राउंड आयोजित किया जाएगा। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि जनगणना कार्य को सुचारु और समयबद्ध ढंग से पूरा कराने के लिए सभी तैयारियां निर्धारित समय से पहले पूरी कर ली जाएं। मास्टर ट्रेनर, फील्ड ट्रेनर, सुपरवाइजर और एन्युमरेटर के प्रशिक्षण की प्रक्रिया तय समय-सारिणी के अनुसार पूरी कराने पर विशेष जोर दिया गया।
स्वगणना के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार कराने के निर्देश
मुख्य सचिव ने कहा कि स्वगणना की प्रक्रिया के संबंध में आम लोगों को पर्याप्त जानकारी दी जाए। इसके लिए व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाए और लोगों को स्वगणना के लिए प्रेरित किया जाए। उन्होंने कहा कि इससे बाद में होने वाले डोर-टू-डोर गणना कार्य को प्रभावी ढंग से पूरा कराने में सहायता मिलेगी।
75 जनपदों में आयोजित होंगे श्रमिक सम्मान स्वास्थ्य शिविर
बैठक में श्रमिकों के स्वास्थ्य से संबंधित योजनाओं की भी समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने बताया कि प्रदेश के सभी 75 जनपदों के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों, निर्माण स्थलों, औद्योगिक आस्थानों और औद्योगिक क्लस्टर्स में 1 से 3 दिवसीय ‘श्रमिक सम्मान स्वास्थ्य शिविर’ आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में श्रमिकों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं, सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण, विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श और आवश्यकता के अनुसार रेफरल की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। महिला श्रमिकों की विशेष स्वास्थ्य आवश्यकताओं पर भी ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य के साथ सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ा जाएगा
श्रमिक सम्मान स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से श्रमिकों को स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता, व्यावसायिक सुरक्षा और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक किया जाएगा। पात्र श्रमिकों को ईएसआईसी सहित अन्य सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया भी की जाएगी। इसके अलावा भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार यानी BOCW योजनाओं के पंजीयन, नवीनीकरण, आवेदन और हितलाभ वितरण के लिए विशेष कैंप आयोजित किए जाएंगे।
जिलाधिकारियों की अध्यक्षता में बनेगी जनपद स्तरीय समिति
मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को अपनी अध्यक्षता में जनपद स्तरीय समिति गठित करने के निर्देश दिए। समिति औद्योगिक श्रमिक बहुल क्षेत्रों और स्वास्थ्य शिविरों के लिए उपयुक्त स्थलों का चयन करेगी। साथ ही शिविर की तिथि और अवधि निर्धारित करने के साथ बिजली, पेयजल, स्वच्छता, प्रतीक्षा स्थल और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करेगी। शिविरों में चिकित्सकों, विशेषज्ञों और पैरामेडिकल स्टाफ की उपलब्धता के लिए संबंधित विभागों से समन्वय करने के निर्देश दिए गए हैं। चिकित्सा उपकरण, जांच सुविधाएं और आवश्यक दवाओं की व्यवस्था के साथ औद्योगिक प्रतिष्ठानों के माध्यम से अधिक से अधिक श्रमिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। गंभीर अथवा संदिग्ध स्वास्थ्य मामलों के लिए प्रभावी रेफरल और फॉलो-अप की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। शिविरों का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने तथा उद्घाटन के लिए प्रभारी मंत्री और शासन स्तर से नामित नोडल अधिकारी को आमंत्रित करने को भी कहा गया।

डॉ. आंबेडकर मूर्ति स्थल विकास कार्य 31 दिसंबर तक पूरा कराने के निर्देश
मुख्य सचिव ने डॉ. आंबेडकर मूर्ति स्थल विकास योजना की भी समीक्षा की। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना के तहत चल रहे विकास और सौंदर्यीकरण कार्यों की लगातार निगरानी की जाए और सभी कार्य 31 दिसंबर 2026 तक अनिवार्य रूप से पूर्ण कराए जाएं। जिन जनपदों में मूर्ति स्थलों के विकास एवं सौंदर्यीकरण के संबंध में जनप्रतिनिधियों के माध्यम से प्रस्ताव अभी प्राप्त नहीं हुए हैं, वहां संबंधित जनप्रतिनिधियों से तत्काल संपर्क और समन्वय स्थापित कर प्रस्ताव प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने कहा कि विकास कार्य पूरे होने के बाद मूर्ति स्थलों का लोकार्पण जनप्रतिनिधियों के माध्यम से कराया जाए। कार्यदायी संस्था के चयन, निर्माण एवं सौंदर्यीकरण कार्यों के प्रशासनिक एवं वित्तीय अनुमोदन सहित सभी आवश्यक औपचारिकताएं तेजी से पूरी करने के निर्देश दिए गए। बैठक में बताया गया कि मूर्ति स्थलों के विकास के लिए निदेशालय द्वारा धनराशि जिलाधिकारियों के निवर्तन में आवंटित की जा चुकी है।
पीएम सूर्यघर योजना की धीमी प्रगति वाले जिलों में वेंडर्स को सक्रिय करने के निर्देश
पीएम सूर्यघर योजना की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने बताया कि उत्तर प्रदेश रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन के मामले में देश में दूसरे स्थान पर है। उन्होंने अधिकारियों से योजना की गति को लगातार बनाए रखने को कहा। जिन जनपदों में रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन की प्रगति अपेक्षाकृत धीमी है, वहां संबंधित वेंडर्स के साथ बैठक कर उन्हें सक्रिय करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही बैंकों के साथ समन्वय स्थापित कर लंबित ऋण आवेदनों का शीघ्र निस्तारण कराने को कहा गया। मुख्य सचिव ने शासकीय भवनों के सोलराइजेशन और ईवी चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना में भी अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
सोलर स्ट्रीट लाइट योजनाओं के प्रस्ताव जल्द भेजने के निर्देश
बैठक में बाबूजी कल्याण सिंह ग्राम उन्नयन योजना और दीनदयाल उपाध्याय सोलर स्ट्रीट लाइट योजना के तहत सोलर लाइट से संबंधित प्रस्ताव भी जल्द विभाग को भेजने के निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कहा कि सभी योजनाओं की नियमित समीक्षा और मॉनीटरिंग की जाए। निर्धारित समयसीमा में लक्ष्यों की पूर्ति सुनिश्चित की जाए और कार्यों में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।
मंडलायुक्त, जिलाधिकारी और वरिष्ठ अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े
साप्ताहिक समीक्षा बैठक में संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, प्रदेश के सभी मंडलायुक्त, जिलाधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहे। बैठक में विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए समयबद्ध क्रियान्वयन और प्रभावी मॉनीटरिंग को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।