काउंसलिंग के उपरांत टूटने से बचे परिवार
मेरठ। जिले में पारिवारिक और वैवाहिक विवादों को आपसी बातचीत से सुलझाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे अभियान के तहत शनिवार को परिवार परामर्श केंद्र में काउंसलिंग सत्र का आयोजन किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) मेरठ के निर्देशानुसार और पुलिस अधीक्षक (अपराध) के कुशल पर्यवेक्षण में आयोजित इस सत्र के दौरान काउंसलर्स और प्रभारी परिवार परामर्श केंद्र ने कई मामलों की सुनवाई की।
सुनवाई के दौरान काउंसलर्स ने दोनों पक्षों के विचारों और समस्याओं को बेहद ध्यानपूर्वक सुना। दंपतियों के बीच बनी दूरी और मतभेदों को खत्म करने के लिए गहन काउंसलिंग की गई। परामर्शदाताओं ने दोनों पक्षों को आपसी संवाद, समझदारी और सामंजस्य के जरिए अपने दांपत्य जीवन को नए सिरे से शुरू करने के लिए प्रेरित किया।
2 मामलों में समझौता, साथ रहने पर बनी सहमति
प्रभावी और सकारात्मक काउंसलिंग के परिणामस्वरूप 02 वैवाहिक विवादों में दोनों पक्षों ने अपने पुराने मतभेद भुलाकर आपसी सहमति से एक साथ रहने का निर्णय लिया। इसके साथ ही, विभिन्न व्यावहारिक कारणों से 09 अन्य पत्रावलियों को बंद कर दिया गया, जबकि शेष 68 पत्रावलियों में आगे की सुनवाई के लिए अगली तिथि नियत करते हुए संबंधित पक्षों को सूचित कर दिया गया।
सामाजिक सौहार्द और संवाद पर जोर
परिवार परामर्श केंद्र, जनपद मेरठ द्वारा लगातार यह प्रयास किए जा रहे हैं कि पारिवारिक और वैवाहिक विवादों का निपटारा अदालती चक्करों के बजाय शांतिपूर्ण संवाद और काउंसलिंग से हो सके। पुलिस प्रशासन का मानना है कि इस पहल से न केवल परिवारों को टूटने से बचाया जा सकता है, बल्कि समाज में आपसी सौहार्द, सामंजस्य और संतुलन भी कायम रहता है।