शिवकुंज कॉलोनी में बारिश के बाद सड़क बनी कीचड़ और दलदल
भोला रोड की शिवकुंज कॉलोनी में बारिश के बाद सड़क बनी कीचड़ और दलदल, पैदल चलना भी हुआ मुश्किल
मेरठ । भोला रोड स्थित शिवकुंज कॉलोनी गेट नंबर-2 में पाइपलाइन डालने के बाद सड़क की मरम्मत नहीं होने से स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ गई है। करीब 15 दिन पहले पाइपलाइन डालने के लिए ठेकेदार ने कॉलोनी की मुख्य पक्की सड़क की टाइल्स उखाड़कर रास्ते की खुदाई कराई थी। पाइपलाइन डालने के बाद सड़क को पूर्व स्थिति में दुरुस्त करने के बजाय खुदाई वाले हिस्से में मिट्टी डालकर छोड़ दिया गया।
बारिश के बाद यही मिट्टी अब कीचड़ और दलदल में तब्दील हो गई है। इससे कॉलोनी में रहने वाले 200 से अधिक परिवारों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। मुख्य सड़क पर जगह-जगह पानी और कीचड़ जमा होने के कारण लोगों को घरों से निकलने में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मुख्य रास्ते से पैदल निकलना भी मुश्किल
स्थानीय लोगों के अनुसार कॉलोनी की मुख्य सड़क की स्थिति इतनी खराब हो गई है कि यहां से पैदल निकलना भी मुश्किल हो रहा है। दोपहिया वाहन चालकों के फिसलने का खतरा बना हुआ है। लोगों को मजबूरी में कीचड़ से होकर गुजरना पड़ रहा है। बारिश होने पर स्थिति और खराब हो जाती है।
विद्यार्थियों को सबसे ज्यादा परेशानी
सड़क की खराब स्थिति का असर स्कूली विद्यार्थियों पर भी पड़ रहा है। सुबह घर से स्कूल जाने और वापस लौटने के दौरान बच्चों को कीचड़ और पानी से होकर गुजरना पड़ता है। अभिभावकों का कहना है कि सड़क की स्थिति जल्द ठीक नहीं हुई तो विद्यार्थियों और बुजुर्गों को और अधिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
शिकायत के बाद भी नहीं हुआ समाधान
कॉलोनी के लोगों का कहना है कि सड़क की मरम्मत को लेकर ठेकेदार से कई बार शिकायत की जा चुकी है। स्थानीय लोगों के मुताबिक हर बार जल्द काम शुरू कराने का आश्वासन दिया गया, लेकिन अभी तक सड़क को दोबारा बनाने का काम शुरू नहीं हुआ है। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
काम शुरू होने से पहले की स्थिति में सड़क बनाने की मांग
स्थानीय निवासियों ने संबंधित विभाग और ठेकेदार से मांग की है कि पाइपलाइन का काम पूरा होने के बाद सड़क को उसी तरह दोबारा बनाया जाए, जैसी वह काम शुरू होने से पहले थी। लोगों का कहना है कि बारिश के कारण सड़क की हालत लगातार खराब हो रही है। यदि समय रहते मरम्मत नहीं की गई तो रास्ते की समस्या और गंभीर हो सकती है और कॉलोनी के लोगों की दैनिक आवाजाही प्रभावित होती रहेगी।