चंद्रशेखर आजाद (सांसद नगीना)
आजाद समाज पार्टी प्रमुख ने कहा- मेरी राजनीति किसी व्यक्ति के विरोध पर नहीं, सामाजिक न्याय और संविधान की रक्षा के संघर्ष पर आधारित
लखनऊ/शामली । आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने बसपा प्रमुख मायावती की ओर से लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया दी है। मायावती ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में नगीना लोकसभा चुनाव में चंद्रशेखर आजाद की जीत को लेकर ईवीएम में कथित गड़बड़ी का आरोप लगाया था। इसके बाद चंद्रशेखर आजाद ने अपने बयान में कहा कि नगीना की जनता ने 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्हें 5,12,552 वोट देकर अपना प्रतिनिधि चुना था और इस जनादेश को किसी षड्यंत्र से जोड़ना मतदाताओं की भावना को आहत करता है।
‘जो लोग पूछते थे कौन चंद्रशेखर, जनता ने पहचान बता दी’
चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि उन्होंने मायावती की प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव आयोग, ईवीएम और नगीना लोकसभा चुनाव से संबंधित उनके बयानों को सुना। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात की खुशी है कि अब आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) को एक बड़ी राजनीतिक ताकत के रूप में स्वीकार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उनकी राजनीति सामाजिक न्याय, बहुजन समाज के सम्मान और संविधान की रक्षा के मुद्दों पर आधारित है। उनके अनुसार, राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हो सकते हैं, लेकिन बहुजन समाज के बीच संवाद, सम्मान और भाईचारा बना रहना चाहिए।
नगीना के मतदाताओं के जनादेश का किया उल्लेख
चंद्रशेखर आजाद ने अपने बयान में 2024 के लोकसभा चुनाव का उल्लेख करते हुए कहा कि नगीना की जनता ने उन्हें 5,12,552 वोट देकर अपना प्रतिनिधि चुना था। उन्होंने इस जनादेश को अपने लिए केवल चुनावी जीत नहीं बल्कि जनता के भरोसे और जिम्मेदारी के रूप में बताया। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया और ईवीएम की पारदर्शिता पर सवाल उठाना लोकतंत्र में सभी का अधिकार है। उन्होंने यह भी कहा कि वह स्वयं चुनाव प्रक्रिया में अधिकतम पारदर्शिता और मतपत्र से चुनाव कराने की मांग करते रहे हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि नगीना के मतदाताओं द्वारा दिए गए जनादेश को किसी षड्यंत्र से जोड़ना उन मतदाताओं की भावना को प्रभावित करता है जिन्होंने अपने विवेक से मतदान किया।
‘मेरी राजनीति किसी व्यक्ति के विरोध पर आधारित नहीं’
चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि उनकी राजनीति किसी व्यक्ति के विरोध पर आधारित नहीं है। उन्होंने सामाजिक न्याय, बहुजन समाज के सम्मान और संविधान की रक्षा को अपनी राजनीति का आधार बताया। उन्होंने मायावती के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि राजनीतिक मतभेद होने के बावजूद बहुजन समाज के बीच संवाद और भाईचारा बना रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि मायावती के प्रति उनका सम्मान पहले भी था, आज भी है और आगे भी रहेगा।
पार्टी के नाम को लेकर भी दिया स्पष्टीकरण
अपने बयान के अंत में चंद्रशेखर आजाद ने पार्टी के नाम को लेकर भी स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी का नाम आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) है, न कि ‘आजाद समाजवादी पार्टी’। यह प्रतिक्रिया मायावती के बयान में पार्टी के नाम के अलग उल्लेख के बाद सामने आई।
शामली में बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन को भी किया संबोधित
इसी दिन शामली के मसावी स्थित राजकीय इंटर कॉलेज में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) का बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किया गया। इसमें चंद्रशेखर आजाद ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया और विभिन्न जन मुद्दों को उठाया। सम्मेलन में उन्होंने बेरोजगारी, पेपर लीक, अग्निवीर योजना, जर्जर स्कूलों और सरकारी अस्पतालों की स्थिति जैसे मुद्दों पर सरकार से सवाल किए।
राजनीतिक विवाद के बीच सामने आया बयान
चंद्रशेखर आजाद की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है जब मायावती ने ईवीएम और चुनाव प्रक्रिया को लेकर अपनी आपत्तियां दोहराते हुए नगीना लोकसभा चुनाव में उनकी जीत पर भी सवाल उठाए। मायावती ने बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग भी दोहराई है। चंद्रशेखर आजाद ने दूसरी ओर नगीना के मतदाताओं के जनादेश का हवाला देते हुए कहा है कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता पर चर्चा हो सकती है, लेकिन मतदाताओं के फैसले को किसी षड्यंत्र से जोड़ने से उन लोगों की भावना प्रभावित होती है जिन्होंने उन्हें अपना प्रतिनिधि चुना था।