हाउस अरेस्ट अखिल भारतीय हिन्दू सुरक्षा संगठन के हिंदूवादी नेता सचिन रोही
29 सितंबर को हनुमान चालीसा पाठ की घोषणा के बाद पुलिस-प्रशासन अलर्ट, दुकानों को कराया बंद; सचिन सिरोही ने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की
मेरठ। केसरगंज स्थित विवादित मस्जिद प्रकरण को लेकर मेरठ में मंगलवार को पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। हिंदूवादी संगठनों की ओर से 29 सितंबर की शाम करीब छह बजे केसरगंज स्थित मस्जिद पर पहुंचकर हनुमान चालीसा पाठ करने की घोषणा के बाद इलाके में पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है। मस्जिद के आसपास बैरिकेडिंग कर दी गई है और पुलिस ने आसपास की दुकानों को बंद करा दिया है। दोनों पक्षों से जुड़े लोगों की गतिविधियों पर भी पुलिस की नजर है।
केसरगंज मस्जिद प्रकरण: सचिन सिरोही के घर पहुंची पुलिस, नजरबंदी का दावा; इलाके में बैरिकेडिंग और भारी पुलिस बल तैनात
29 सितंबर को हनुमान चालीसा पाठ की घोषणा के बाद पुलिस-प्रशासन अलर्ट, दुकानों को कराया बंद; सचिन सिरोही ने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की
मेरठ । केसरगंज स्थित विवादित मस्जिद प्रकरण को लेकर मेरठ में मंगलवार को पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। हिंदूवादी संगठनों की ओर से 29 सितंबर की शाम करीब छह बजे केसरगंज स्थित मस्जिद पर पहुंचकर हनुमान चालीसा पाठ करने की घोषणा के बाद इलाके में पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है। मस्जिद के आसपास बैरिकेडिंग कर दी गई है और पुलिस ने आसपास की दुकानों को बंद करा दिया है। दोनों पक्षों से जुड़े लोगों की गतिविधियों पर भी पुलिस की नजर है। इसी बीच हिंदूवादी संगठन के नेता सचिन सिरोही ने दावा किया है कि सिविल लाइन थाना पुलिस देर रात उनके घर पहुंची और उन्हें घर में ही नजरबंद कर दिया गया। उन्होंने पुलिस पर अपने और परिवार के साथ अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है।

रात दो बजे पुलिस के घर पहुंचने का सचिन सिरोही ने किया दावा
सचिन सिरोही, जो खुद को अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा संगठन का राष्ट्रीय अध्यक्ष बताते हैं, ने देर रात जारी एक वीडियो बयान में आरोप लगाया कि रात करीब दो बजे सिविल लाइन थाना पुलिस उनके घर पहुंची। उनके अनुसार पुलिसकर्मियों ने उनके और उनके परिवार के साथ अभद्र व्यवहार किया। उन्होंने कहा कि शाम से ही पुलिस अधिकारियों से उनकी बातचीत चल रही थी और बाद में उन्हें घर से बाहर नहीं निकलने दिया गया। सचिन सिरोही ने दावा किया कि उन्होंने पुलिस को स्पष्ट रूप से बताया था कि 29 सितंबर को उनका कोई कार्यक्रम निर्धारित नहीं है। इसके बावजूद पुलिस बल के साथ इंस्पेक्टर सिविल लाइन के उनके घर पहुंचने और उन्हें नजरबंद किए जाने का उन्होंने आरोप लगाया।
हनुमान चालीसा कार्यक्रम से खुद को अलग बताया
सचिन सिरोही ने अपने बयान में कहा कि हिंदू रक्षा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष पिंकी चौधरी की ओर से केसरगंज स्थित मस्जिद में हनुमान चालीसा पाठ का आह्वान किया गया है, लेकिन उन्होंने स्वयं इस कार्यक्रम को लेकर कोई आह्वान नहीं किया है। उनका कहना है कि इसके बावजूद पुलिस द्वारा उन्हें परेशान किया जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिकायत करते हुए कहा कि यदि उनका 29 सितंबर को कोई कार्यक्रम नहीं है तो उन्हें नजरबंद किए जाने का कारण स्पष्ट किया जाना चाहिए। उन्होंने पुलिस-प्रशासन पर उत्पीड़न का आरोप लगाया और पूरे मामले में मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की।

केसरगंज में पुलिस की कड़ी निगरानी
हनुमान चालीसा पाठ की घोषणा के मद्देनजर केसरगंज मस्जिद के आसपास पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। मस्जिद के आसपास बैरिकेडिंग की गई है। बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है और इलाके में आवाजाही पर निगरानी रखी जा रही है। स्थानीय दुकानदारों के अनुसार पुलिस ने एहतियात के तौर पर आसपास की दुकानों को बंद करा दिया है। पुलिस की ओर से दोनों पक्षों से जुड़े लोगों को मौके पर भीड़ एकत्र नहीं करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए जाने की बात सामने आई है।

पहले भी हो चुका है विवाद और मुकदमा
केसरगंज स्थित मस्जिद के निर्माण को लेकर पहले भी हिंदूवादी संगठनों और मुस्लिम समुदाय के लोगों के बीच विवाद और नोकझोंक हो चुकी है। मामले में रेलवे रोड थाना क्षेत्र में मुकदमा भी दर्ज किया गया था। पूर्व में विवाद की स्थिति बनने पर पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया था और संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई थी। वर्तमान में दोबारा हनुमान चालीसा पाठ की घोषणा के बाद पुलिस प्रशासन किसी भी प्रकार के टकराव को रोकने के लिए पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने में जुटा है।
एआईएमआईएम और सपा नेताओं ने एसएसपी से की कार्रवाई की मांग
दूसरी ओर, केसरगंज में हनुमान चालीसा पाठ की घोषणा को लेकर एआईएमआईएम और समाजवादी पार्टी से जुड़े नेताओं ने भी आपत्ति जताई है। नेताओं ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर कार्यक्रम को लेकर अपनी चिंता जताई और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई की मांग की। राजनीतिक नेताओं का कहना है कि ऐसे कार्यक्रम से शहर में तनाव की स्थिति पैदा हो सकती है। उन्होंने प्रशासन से मामले में सतर्कता बरतने और किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति को रोकने की मांग की है।

दोनों पक्षों पर पुलिस की नजर
केसरगंज प्रकरण को लेकर पुलिस प्रशासन की ओर से दोनों पक्षों पर नजर रखी जा रही है। पुलिस की कोशिश है कि किसी भी पक्ष की ओर से भीड़ एकत्र न हो और विवाद की स्थिति पैदा न हो। इलाके में भारी पुलिस बल की तैनाती और बैरिकेडिंग इसी सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा बताई जा रही है। वहीं, सचिन सिरोही की ओर से लगाए गए आरोपों पर पुलिस का विस्तृत आधिकारिक पक्ष अभी सामने नहीं आया है। इसलिए उनकी नजरबंदी और पुलिस द्वारा उनके घर पहुंचने के कारणों की स्वतंत्र पुष्टि पुलिस के आधिकारिक बयान के बाद ही हो सकेगी।

आज शाम छह बजे की घोषणा पर प्रशासन की नजर
हिंदूवादी संगठनों की ओर से 29 सितंबर की शाम छह बजे केसरगंज स्थित मस्जिद पर हनुमान चालीसा पाठ की घोषणा की गई है। इसके मद्देनजर पुलिस-प्रशासन ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि घोषित कार्यक्रम को लेकर प्रशासन क्या कदम उठाता है और इलाके में कानून-व्यवस्था की स्थिति किस प्रकार बनी रहती है।