भवन जिस पर की गई कुर्की की कार्रवाई
मेरठ। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) मेरठ बी.बी.जी.टी.एस. मूर्ति के निर्देशानुसार एवं पुलिस अधीक्षक नगर (SP City) विनायक गोपाल भोंसले के कुशल निर्देशन में जनपद में आर्थिक अपराध, धोखाधड़ी, जालसाजी एवं अपराध से अर्जित संपत्तियों के विरुद्ध प्रभावी वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
इसी क्रम में थाना सिविल लाइन पुलिस द्वारा मु०अ०सं०-72/2026 से संबंधित अभियुक्त अक्षय गुप्ता (पुत्र गिरीश गुप्ता, निवासी 31, लक्ष्मी नगर, सूरजकुंड रोड, थाना सिविल लाइन, मेरठ) की चल-अचल संपत्तियों की गहन वित्तीय जांच (Financial Investigation) की गई। दस्तावेजी एवं वित्तीय साक्ष्यों के आधार पर पुलिस द्वारा माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने अभियुक्त की करीब ₹10.06 करोड़ मूल्य की 03 अचल संपत्तियों को कुर्क करने के आदेश जारी किए हैं।
3 अचल संपत्तियों पर न्यायालय की मुहर: जानें कौन-कौन सी संपत्तियां होंगी कुर्क
माननीय अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (न्यायालय संख्या-10), मेरठ द्वारा दिनांक 28.09.2026 को विवेचक के प्रार्थना पत्र को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए निम्नलिखित 3 अचल संपत्तियों को नियमानुसार कुर्क करने का आदेश पारित किया गया:

- आवासीय भवन संख्या ए-316, HIG पॉकेट-ए, गंगानगर, मेरठ:
- क्षेत्रफल: लगभग 297.19 वर्ग मीटर
- अनुमानित मूल्य: लगभग ₹4,77,19,000/- (₹4.77 करोड़)
- आवासीय भवन संख्या बी-36, राधा गार्डन, गंगानगर, मेरठ:
- क्षेत्रफल: लगभग 271.75 वर्ग मीटर
- अनुमानित मूल्य: लगभग ₹5,03,81,250/- (₹5.03 करोड़)
- ग्राम डुंगरावली स्थित भूखण्ड संख्या एफ-44:
- क्षेत्रफल: लगभग 149.75 वर्ग मीटर
- अनुमानित मूल्य: लगभग ₹25,00,825/- (₹25 लाख)
नोट: विवेचक द्वारा प्रस्तुत मूल्यांकन के अनुसार इन तीनों अचल संपत्तियों का कुल अनुमानित मूल्य ₹10,06,01,075/- (लगभग ₹10.06 करोड़) दर्ज किया गया है।
कैसे हुई वित्तीय विवेचना? बैंकों से लेकर PWD तक खंगाले गए रिकॉर्ड
पुलिस विवेचना के दौरान अभियुक्त एवं उसकी पत्नी (निधि गुप्ता) के आयकर विवरण (ITR), बैंक खातों की लेन-देन, बैंक लोन, संपत्तियों की रजिस्ट्री, प्लॉट क्रय मूल्य, भवन निर्माण में हुआ खर्च और लोक निर्माण विभाग (PWD) से कराए गए मूल्यांकन का बारीकी से मिलान किया गया। - आयकर विवरण (ITR): FY 2020-21 में अभियुक्त की घोषित आय ₹4,54,577/- तथा FY 2021-22 में ₹3,66,330/- अंकित थी। वहीं उसकी पत्नी की आय FY 2020-21 में ₹3,57,490/- तथा FY 2021-22 में ₹4,22,190/- दर्शाई गई थी।
- बैंक लोन और निर्माण व्यय में अंतर: केनरा बैंक और एचडीएफसी बैंक से लिए गए प्लॉट व कंस्ट्रक्शन लोन की वास्तविक राशि और PWD द्वारा आंके गए निर्माण खर्च व घोषित आय में बड़ा अंतर पाया गया, जिसे साक्ष्यों के साथ अदालत में प्रस्तुत किया गया।
अभियुक्त का आपराधिक इतिहास और अदालती प्रक्रिया
अभियुक्त अक्षय गुप्ता के विरुद्ध थाना सिविल लाइन, मेरठ में पूर्व से धोखाधड़ी, जालसाजी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने एवं उनका प्रयोग करने आदि से संबंधित कई अभियोग (जैसे: मु०अ०सं० 166/2024, 242/2023, 02/2025, 319/2025, 211/2025, 323/2024 आदि) पंजीकृत एवं विचाराधीन हैं।
सुनवाई के दौरान अभियुक्त पक्ष ने तर्क दिया कि संपत्तियां वैध आय व बैंक लोन से खरीदी गई हैं तथा आपराधिक इतिहास मात्र से संपत्ति को अपराध से अर्जित नहीं माना जा सकता। हालांकि, अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत ठोस वित्तीय साक्ष्यों, ITR और PWD मूल्यांकन रिपोर्ट का गहन परीक्षण करने के बाद अदालत ने अचल संपत्तियों की कुर्की के आदेश दिए।
वाहनों की कुर्की का प्रस्ताव निरस्त
विवेचक द्वारा अभियुक्त व उसकी पत्नी के 03 वाहनों (Venue कार, Activa व Optima स्कूटी – कुल मूल्य ₹8.98 लाख) को भी कुर्क करने का अनुरोध किया गया था, जिसे माननीय न्यायालय ने निरस्त कर दिया।
अग्रिम कार्रवाई
माननीय न्यायालय के आदेश के अनुपालन में थाना सिविल लाइन पुलिस द्वारा राजस्व विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर कुर्की की विधिक प्रक्रिया पूरी की जा रही है, जिसकी अनुपालन आख्या शीघ्र ही न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी। मेरठ पुलिस का स्पष्ट संदेश है कि अपराध से अर्जित संपत्तियों के खिलाफ यह साक्ष्य-आधारित वैधानिक अभियान निरंतर जारी रहेगा।