सेवानिवृत्त प्रधानाचार्यों को सम्मान के साथ विदाई
सेवानिवृत्त प्रधानाचार्यों को किया गया सम्मानित, नव नियुक्त प्रधानाचार्यों का स्वागत
मेरठ। उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद, मेरठ के तत्वावधान में मंगलवार को प्रधानाचार्यों का सम्मान एवं विदाई समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जनपद के प्रधानाचार्यों, भारत स्काउट एवं गाइड संस्था तथा शिक्षा जगत से जुड़े पदाधिकारियों ने प्रतिभाग किया। समारोह में संयुक्त शिक्षा निदेशक, मेरठ मंडल ओंकार शुक्ल को उनके लगभग पांच वर्ष के कार्यकाल की सराहनीय एवं प्रेरणादायी सेवाओं के लिए सम्मानित करते हुए भावभीनी विदाई दी गई।
ओंकार शुक्ल को दी गई कृतज्ञतापूर्ण विदाई
समारोह में जनपद के प्रधानाचार्यों एवं स्काउट-गाइड संस्था की ओर से ओंकार शुक्ल के कार्यकाल को याद किया गया। उपस्थित लोगों ने उनके सेवाकाल के दौरान शिक्षा विभाग और प्रधानाचार्यों के साथ किए गए सहयोग तथा समन्वय की सराहना की। उन्हें उत्तम, अविस्मरणीय एवं प्रेरणादायी सेवाकाल की पूर्णता पर स्मृति एवं सम्मान के साथ विदाई दी गई। मुख्य अतिथि ओंकार शुक्ल ने अपने लगभग पांच वर्ष के कार्यकाल के सुखद संस्मरण साझा किए। उन्होंने मेरठ जनपद के प्रधानाचार्यों के साथ अपने अनुभवों को याद करते हुए उनके सहयोग और कार्यशैली की प्रशंसा की तथा सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।
सेवानिवृत्त प्रधानाचार्यों को सम्मान के साथ विदाई
कार्यक्रम के दौरान पिछले वर्षों में सेवानिवृत्त हुए प्रधानाचार्यों को भी सम्मानित करते हुए ससम्मान विदाई दी गई। इनमें पदम सेन मित्तल, डॉ. जी.एन. गुप्ता, डॉ. बी.के. शर्मा, डॉ. रमेश गिल, जी.आर. टंडन, सुशील शर्मा, सत्य प्रकाश शर्मा, गजेंद्र वर्मा, डॉ. राजेश भुलर, डॉ. मनु भारद्वाज और मीना यादव प्रमुख रूप से शामिल रहे। समारोह में उपस्थित वरिष्ठ शिक्षाविदों एवं प्रधानाचार्यों ने सेवानिवृत्त प्रधानाचार्यों के योगदान को याद करते हुए उनके अनुभवों और सेवाओं को नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायी बताया।
नव नियुक्त प्रधानाचार्यों का परिषद परिवार में स्वागत
समारोह में नव नियुक्त प्रधानाचार्यों का भी स्वागत किया गया। इनमें विशेष रूप से डॉ. मेघराज सिंह, डॉ. संत कुमार, डॉ. नीलम सिंह और अजय शर्मा सहित विभिन्न माध्यमिक विद्यालयों में कार्यभार ग्रहण करने वाले प्रधानाचार्य शामिल रहे। परिषद पदाधिकारियों ने नव नियुक्त प्रधानाचार्यों का स्वागत करते हुए उन्हें शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और विद्यार्थियों के हित में निरंतर कार्य करने के लिए शुभकामनाएं दीं।
वरिष्ठ प्रधानाचार्यों को भी किया गया सम्मानित
जनपद मेरठ से विभिन्न माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत वरिष्ठ प्रधानाचार्यों को भी समारोह में सम्मानित किया गया। इसके अलावा डॉ. नीरा सिंह, डॉ. आर.के. सिंह, आभा शर्मा, डॉ. सुखनंदन त्यागी, निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सुशील सिंह, रेखा शर्मा और संजय शर्मा को विशेष आमंत्रित के रूप में सम्मान प्रदान किया गया।
पदाधिकारियों और स्काउट-गाइड संस्था का रहा सहयोग
कार्यक्रम का मंच संचालन जिला अध्यक्ष एवं प्रदेश संरक्षण मंत्री डॉ. गौरव पाठक ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में जिला मंत्री डॉ. देवेंद्र कुमार, जिला कोषाध्यक्ष अरुण कुमार, कार्यकारी अध्यक्ष नीलम सिंह, आनंद शर्मा, नवनीत पाठक सहित भारत स्काउट एवं गाइड के समस्त स्टाफ का विशेष सहयोग रहा। समारोह के दौरान शिक्षा विभाग और प्रधानाचार्य परिषद के बीच समन्वय, वरिष्ठ प्रधानाचार्यों के अनुभवों तथा नव नियुक्त प्रधानाचार्यों की जिम्मेदारियों पर भी चर्चा हुई। कार्यक्रम में मौजूद प्रधानाचार्यों ने एक-दूसरे के अनुभव साझा करते हुए शिक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया। समारोह का समापन सम्मानित अतिथियों एवं प्रधानाचार्यों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए किया गया।
स्वच्छ हरित विद्यालय पुरस्कार के लिए स्कूलों को 30 सितंबर तक पंजीकरण का निर्देश
जिला विद्यालय निरीक्षक ने सभी वित्त पोषित, स्ववित्त पोषित, सीबीएसई और आईसीएसई विद्यालयों को जारी किया पत्र
मेरठ । स्वच्छ हरित विद्यालय पुरस्कार वर्ष 2026-27 के लिए ऑनलाइन पंजीकरण और सहभागिता को लेकर मेरठ में माध्यमिक विद्यालयों को सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक जगदीश प्रसाद शुक्ल ने जनपद के सभी वित्त पोषित एवं स्ववित्त पोषित माध्यमिक विद्यालयों के साथ-साथ सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड से संबद्ध माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को पत्र जारी कर निर्धारित समय सीमा में पंजीकरण पूरा कराने के निर्देश दिए हैं।
30 सितंबर को सुबह 10 बजे तक पंजीकरण पूरा करने के निर्देश
जिला विद्यालय निरीक्षक की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि 30 सितंबर 2026 को प्रातः 10 बजे तक विद्यालय का स्वच्छ हरित विद्यालय पुरस्कार वर्ष 2026-27 के लिए ऑनलाइन पंजीकरण एवं सहभागिता की प्रक्रिया अनिवार्य रूप से पूरी की जाए। साथ ही पंजीकरण पूर्ण होने के बाद उसकी प्रति जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है।
पहले भी दिए जा चुके थे निर्देश
पत्र के अनुसार महानिदेशक स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक, समग्र शिक्षा, उत्तर प्रदेश, लखनऊ की ओर से 22 सितंबर 2026 को इस संबंध में निर्देश जारी किए गए थे। इसके अनुपालन में जिला स्तर से भी विद्यालयों को स्वच्छ हरित विद्यालय पुरस्कार के तहत पंजीकरण और सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद कुछ विद्यालयों की ओर से अब तक पंजीकरण एवं सहभागिता की प्रक्रिया पूरी नहीं किए जाने पर जिला विद्यालय निरीक्षक ने नाराजगी जताई है। पत्र में इसे विभागीय निर्देशों की अवहेलना बताते हुए संबंधित प्रधानाचार्यों को पुनः अनिवार्य रूप से प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
पंजीकरण नहीं कराने पर मान्यता पर कार्रवाई की चेतावनी
जिला विद्यालय निरीक्षक ने पत्र में स्पष्ट चेतावनी दी है कि निर्धारित समय सीमा तक पंजीकरण एवं सहभागिता की प्रक्रिया पूरी नहीं करने की स्थिति में संबंधित विद्यालय के यू-डायस कोड को निरस्त करने की कार्रवाई की जा सकती है। इसके साथ ही विद्यालय की मान्यता प्रत्याहरण की कार्रवाई के लिए संबंधित सीबीएसई, आईसीएसई अथवा संबंधित बोर्ड को प्रस्ताव भेजे जाने की चेतावनी भी दी गई है। पत्र में कहा गया है कि निर्धारित समय सीमा में पंजीकरण नहीं कराने की स्थिति में होने वाली कार्रवाई की पूरी जिम्मेदारी संबंधित विद्यालय के प्रधानाचार्य की होगी।
कई अधिकारियों को भेजी गई पत्र की प्रतिलिपि
जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय की ओर से जारी पत्र की प्रतिलिपि महानिदेशक स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक, समग्र शिक्षा उत्तर प्रदेश लखनऊ, शिक्षा निदेशक माध्यमिक शिक्षा उत्तर प्रदेश लखनऊ, जिलाधिकारी मेरठ, मुख्य विकास अधिकारी मेरठ तथा संयुक्त शिक्षा निदेशक प्रथम मंडल मेरठ को भी सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है।
सभी पात्र विद्यालयों की सहभागिता पर जोर
विभाग की ओर से जारी निर्देश का उद्देश्य जनपद के यू-डायस कोडधारी पात्र विद्यालयों की स्वच्छ हरित विद्यालय पुरस्कार योजना में अनिवार्य भागीदारी सुनिश्चित करना है। विद्यालयों को निर्धारित समय सीमा के भीतर ऑनलाइन पंजीकरण पूरा करने के साथ-साथ पंजीकरण की प्रति संबंधित कार्यालय में उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है।