बालगृह एवं महिला शरणालय का आकस्मिक निरीक्षण करने पहुंचे सक्षम अधिकारी
मेरठ, 30 सितंबर 2026। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं न्यायिक अधिकारियों की समिति द्वारा बुधवार को मेरठ स्थित विभिन्न राजकीय बालगृह, सम्प्रेक्षण गृह, महिला शरणालय और पश्चातवर्ती देखरेख संगठन का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान संस्थानों में रह रहे बच्चों, किशोरों और संवासिनियों को उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं, भोजन, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, स्वच्छता और सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति का जायजा लिया गया।
समिति में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पोक्सो) न्यायालय संख्या-01 मेरठ श्रीमती शिवानी सिंह, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश न्यायालय संख्या-19 मेरठ श्री रमेश कुशवाहा, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मेरठ श्री नीरज कुशवाहा, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सुश्री सोनिका वर्मा तथा किशोर न्याय बोर्ड मेरठ के प्रधान मजिस्ट्रेट श्री शिखर अग्रवाल शामिल रहे।
पांच राजकीय संस्थानों की व्यवस्थाओं की जांच
समिति द्वारा राजकीय बालगृह बालक सूरजकुंड, राजकीय सम्प्रेक्षण गृह किशोर मेरठ, राजकीय महिला शरणालय, राजकीय पश्चातवर्ती देखरेख संगठन तथा राजकीय बालगृह शिशु मेरठ का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों से संस्थानों में उपलब्ध व्यवस्थाओं की जानकारी ली गई और मौके पर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
समिति ने संस्थानों में निवास कर रहे बालकों और संवासिनियों तथा सम्प्रेक्षण गृह में निरुद्ध किशोरों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का बारीकी से जायजा लिया। भोजन की गुणवत्ता, स्वास्थ्य सेवाएं, रहने की व्यवस्था, साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य मूलभूत सुविधाओं की स्थिति की जानकारी ली गई।
बालगृह सूरजकुंड में बच्चों से किया संवाद
राजकीय बालगृह बालक सूरजकुंड के निरीक्षण के दौरान समिति ने बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान भोजन, चिकित्सा सुविधा, शिक्षा, आवासीय व्यवस्था और स्वच्छता की स्थिति देखी गई।
समिति के सदस्यों ने बालकों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। बच्चों से उनकी दिनचर्या और संस्थान में मिल रही सुविधाओं को लेकर भी बातचीत की गई। संबंधित अधिकारियों को बच्चों की आवश्यकताओं के अनुरूप नियमानुसार सभी जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
किशोरों से विधिक सहायता को लेकर ली जानकारी
राजकीय सम्प्रेक्षण गृह किशोर मेरठ के निरीक्षण के दौरान समिति ने वहां निरुद्ध किशोरों से उनकी समस्याओं और उन्हें मिल रही सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली। विशेष रूप से किशोरों को उपलब्ध कराई जा रही विधिक सहायता की स्थिति की समीक्षा की गई।
समिति ने यह भी जानकारी ली कि किन किशोरों के पास अपने अधिवक्ता उपलब्ध हैं और किन्हें विधिक सहायता की आवश्यकता है। जिन किशोरों के पास अपना अधिवक्ता नहीं है, उन्हें निशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए।
किशोरों के अधिकारों और सुविधाओं में कमी न रखने के निर्देश
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सुश्री सोनिका वर्मा ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सम्प्रेक्षण गृह में निरुद्ध किशोरों के अधिकारों की पूरी तरह रक्षा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि किशोरों को निर्धारित सुविधाएं उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने शासन और विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा निर्धारित मानकों का पूर्ण रूप से पालन करने तथा किशोरों को उपलब्ध कराई जाने वाली विधिक सहायता और अन्य सेवाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
स्वास्थ्य, स्वच्छता और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान
निरीक्षण के दौरान समिति ने सभी संबंधित संस्थानों में स्वास्थ्य सेवाओं, स्वच्छता और सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति का भी जायजा लिया। अधिकारियों से संस्थानों में रह रहे बच्चों, किशोरों और संवासिनियों के लिए उपलब्ध संसाधनों तथा व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी ली गई।
समिति ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि संस्थानों में रहने वाले सभी लोगों को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराया जाए तथा उनकी मूलभूत आवश्यकताओं की नियमित रूप से समीक्षा की जाए।
समिति ने निरीक्षण के दौरान सामने आई आवश्यकताओं और व्यवस्थाओं के संबंध में संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और निर्धारित मानकों के अनुरूप व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने पर जोर दिया।