अपने प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी देते बालेराम, बृजभूषण शिशु मंदिर के बाल वैज्ञानिक
मेरठ, 5 अक्टूबर 2026। शास्त्री नगर स्थित बालेराम बृजभूषण सरस्वती शिशु मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के विद्यार्थियों ने अपनी वैज्ञानिक सोच, अनुसंधान क्षमता और नवाचारी दृष्टिकोण के बल पर मेरठ का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। विद्यालय के तीन अलग-अलग नवाचारी प्रोजेक्ट्स का चयन आगामी दिसंबर में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रुड़की में आयोजित होने वाले ‘विद्या भारती टेकाथॉन 3.0’ के अंतिम चरण के लिए हुआ है।
1100 प्रोजेक्ट्स में से केवल 100 का हुआ चयन
विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान और आईआईटी रुड़की के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस राष्ट्रीय स्तर की तकनीकी प्रतियोगिता में देशभर के 74 विद्यालयों ने पांच प्रमुख थीम पर कुल 1100 इनोवेटिव प्रोजेक्ट्स प्रस्तुत किए थे। विषय विशेषज्ञों और आईआईटी रुड़की के वैज्ञानिकों द्वारा प्रोजेक्ट्स का गहन मूल्यांकन, प्रस्तुतिकरण और मॉडल परीक्षण किया गया।
इस कठिन प्रतिस्पर्धा के बाद केवल 100 सर्वश्रेष्ठ प्रोजेक्ट्स को फाइनल राउंड के लिए चुना गया है। इनमें से तीन प्रोजेक्ट अकेले बालेराम बृजभूषण सरस्वती शिशु मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के हैं। विद्यालय के विद्यार्थियों ने पांच में से तीन प्रमुख थीम में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी जगह बनाई है।
रक्षा क्षेत्र में नवाचार पर रमन लूथरा का प्रोजेक्ट
रक्षा क्षेत्र में नवाचार (New Innovation in Defence) थीम के तहत कक्षा 10 के छात्र रमन लूथरा के प्रोजेक्ट का चयन हुआ है। विद्यालय के अनुसार, रमन ने सीमावर्ती क्षेत्रों में सैनिकों की सुरक्षा और निगरानी में सहायक होने वाला एक नवाचारी मॉडल तैयार किया है।

यह प्रोजेक्ट स्वदेशी तकनीक पर आधारित और कम लागत वाली सेंसर प्रणाली से युक्त बताया गया है। मॉडल के माध्यम से रक्षा क्षेत्र में तकनीकी नवाचार और आत्मनिर्भरता की दिशा में समाधान प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है।
अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में अभय और पुष्कर ने बनाई जगह
अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में नवाचार (New Innovation in Space Technology) थीम में कक्षा 11 के विद्यार्थी अभय और पुष्कर के प्रोजेक्ट का चयन हुआ है। दोनों विद्यार्थियों ने अंतरिक्ष तकनीक से जुड़ा ऐसा मॉडल तैयार किया है, जिसे भविष्य में सैटेलाइट तकनीक और अंतरिक्ष कचरा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में उपयोगी होने की संभावना के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
विद्यालय के अनुसार, इस प्रोजेक्ट में विद्यार्थियों की वैज्ञानिक जिज्ञासा और अनुसंधान आधारित सोच दिखाई देती है। राष्ट्रीय स्तर के फाइनल राउंड में दोनों विद्यार्थी अपने मॉडल को विशेषज्ञों के सामने प्रस्तुत करेंगे।
कक्षा 7 की विधि और परी ने प्रस्तुत किया सतत समाधान
विद्यालय की ओर से सबसे उल्लेखनीय उपलब्धियों में कक्षा 7 की छात्राओं विधि सिंह और परी का चयन भी शामिल है। दोनों छात्राओं का प्रोजेक्ट ‘स्वदेशी मंत्र द्वारा समाज के लिए सतत समाधान’ (Sustainable Solutions of Society Using Swadeshi Mantra) थीम के तहत चुना गया है।
विद्यालय के अनुसार, दोनों बाल वैज्ञानिकों ने स्वदेशी और पर्यावरण-अनुकूल सामग्री के उपयोग से सामाजिक समस्या के लिए सतत समाधान प्रस्तुत किया है। उनके प्रोजेक्ट को ‘वेस्ट टू वेल्थ’ और आत्मनिर्भरता की अवधारणा से जोड़कर तैयार किया गया है।
प्रधानाचार्य ने विद्यार्थियों और विज्ञान आचार्या को दी बधाई
इस उपलब्धि पर विद्यालय की प्रबंध समिति और प्रधानाचार्य प्रभात कुमार गुप्ता ने पांचों चयनित विद्यार्थियों—रमन लूथरा, अभय, पुष्कर, विधि सिंह और परी—को बधाई दी।
प्रधानाचार्य ने कहा कि कक्षा 7 से कक्षा 11 तक के विद्यार्थियों का राष्ट्रीय मंच के लिए चयनित होना विद्यालय में नवाचार, वैज्ञानिक सोच, स्वदेशी दृष्टिकोण और अनुसंधान को दिए जा रहे महत्व को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि विद्यार्थियों के समग्र विकास पर आधारित शिक्षा का परिणाम है।
उन्होंने सभी बाल वैज्ञानिकों की मार्गदर्शक एवं विद्यालय की विज्ञान आचार्या श्रीमती रुद्रानी शर्मा के अथक परिश्रम और मार्गदर्शन की भी विशेष रूप से सराहना की। विद्यालय के अनुसार, रुद्रानी शर्मा ने विद्यार्थियों के साथ लगातार कार्य करते हुए उनके विचारों को प्रोजेक्ट के रूप में विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
दिसंबर में आईआईटी रुड़की में होगा राष्ट्रीय फाइनल
आगामी दिसंबर में आईआईटी रुड़की में तीन दिवसीय टेकाथॉन का आयोजन किया जाएगा। इसमें देशभर से चयनित 100 टीमें अपने मॉडल और प्रोजेक्ट्स प्रस्तुत करेंगी। विद्यालय के अनुसार, प्रतिभागियों को राष्ट्रीय स्तर के वैज्ञानिकों के साथ-साथ इसरो और डीआरडीओ से जुड़े विशेषज्ञों के समक्ष अपने नवाचार प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।
विद्यालय परिवार की ओर से सभी चयनित विद्यार्थियों के आगामी फाइनल राउंड में बेहतर प्रदर्शन की कामना की गई है। आचार्यगण और अभिभावकों ने भी बाल वैज्ञानिकों को शुभकामनाएं देते हुए मेरठ और विद्यालय का नाम रोशन करने की उम्मीद जताई।
प्रबंध समिति के पदाधिकारियों ने दी शुभकामनाएं
इस उपलब्धि पर विद्यालय की प्रबंध समिति के पदाधिकारियों श्री मनमोहन गुप्ता, डॉ. विनोद कुमार अग्रवाल, डॉ. सुधांशु अग्रवाल, सीए डॉ. आशीष अग्रवाल, पुनीत रस्तोगी और कृष्ण कुमार शर्मा सहित अन्य सदस्यों ने चयनित विद्यार्थियों और उनकी मार्गदर्शक शिक्षिका को बधाई दी। सभी ने आगामी राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।