गिरफ्तारी की विरोध में थाने पर एकत्र आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ता
मेरठ। आजाद समाज पार्टी (आसपा) के किठौर विधानसभा प्रभारी बाबर चौहान खरदौनी की गिरफ्तारी को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आई है। आसपा नेताओं ने बाबर चौहान की गिरफ्तारी को लेकर नाराजगी जताते हुए इसे निंदनीय घटना बताया है। पार्टी नेताओं का आरोप है कि कुछ राजनीतिक नेताओं के दबाव में इंचौली पुलिस ने बाबर चौहान को उठाया है। हालांकि, पुलिस की ओर से गिरफ्तारी का आधार अदालत से जारी गैर-जमानती वारंट बताया गया है।
आसपा ने गिरफ्तारी की कड़ी निंदा की
बाबर चौहान की गिरफ्तारी के बाद आजाद समाज पार्टी के जिला और इंचौली क्षेत्र के पदाधिकारियों ने इसका विरोध किया। पार्टी नेताओं ने कहा कि आसपा पूरी मजबूती के साथ बाबर चौहान के साथ खड़ी है। नेताओं ने गिरफ्तारी को निंदनीय बताते हुए पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए।
आसपा नेताओं का कहना है कि बाबर चौहान पार्टी के किठौर विधानसभा प्रभारी हैं और संगठन को क्षेत्र में मजबूत करने के लिए लगातार सक्रिय हैं। पार्टी की ओर से यह भी कहा गया कि मामले को लेकर संगठन अपने स्तर पर आगे की कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया पर नजर रखेगा।

पार्टी नेताओं ने लगाए दबाव में कार्रवाई के आरोप
आसपा नेताओं ने आरोप लगाया कि कुछ पार्टी नेताओं के दबाव के चलते बाबर चौहान के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की गई। हालांकि, ये आरोप पार्टी नेताओं की ओर से लगाए गए हैं और पुलिस ने गिरफ्तारी का आधार अदालत से जारी गैर-जमानती वारंट बताया है।
पार्टी नेताओं ने कहा कि बाबर चौहान के साथ आजाद समाज पार्टी की जिला इकाई के साथ-साथ इंचौली क्षेत्र की पूरी टीम खड़ी है। नेताओं ने कार्यकर्ताओं से एकजुट रहने और कानूनी प्रक्रिया के तहत मामले का सामना करने की बात कही।
आठ साल पुराने रंगदारी के मुकदमे में हुई गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार, बाबर चौहान खरदौनी के खिलाफ करीब आठ वर्ष पुराने रंगदारी के एक मुकदमे में अदालत से गैर-जमानती वारंट जारी हुआ था। पुलिस का कहना है कि वह इस पुराने मुकदमे में लंबे समय से अदालत में पेश नहीं हो रहे थे। इसके बाद न्यायालय की ओर से गैर-जमानती वारंट जारी किया गया।
सीओ सुधीर सिंह के अनुसार, न्यायालय से जारी वारंट के आधार पर इंचौली पुलिस ने बाबर चौहान के आवास पर पहुंचकर उन्हें गिरफ्तार किया। पुलिस का कहना है कि कार्रवाई न्यायालय के आदेश के आधार पर की गई है।
मई में सपा छोड़कर आसपा में हुए थे शामिल
बाबर चौहान खरदौनी इससे पहले समाजवादी पार्टी से जुड़े हुए थे। वह समाजवादी छात्रसभा के राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। इसी वर्ष मई में उन्होंने समाजवादी पार्टी छोड़कर आजाद समाज पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी।
आसपा में शामिल होने के बाद पार्टी ने उन्हें किठौर विधानसभा प्रभारी की जिम्मेदारी दी थी। इसके बाद वह क्षेत्र में पार्टी संगठन को मजबूत करने और राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय नजर आ रहे थे।
2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भी थे सक्रिय
बाबर चौहान खरदौनी आगामी 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर भी सक्रिय बताए जा रहे थे। वह किठौर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे। उनकी गिरफ्तारी के बाद क्षेत्र में राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं और आसपा नेताओं ने इसे आगामी चुनावी माहौल से जोड़ते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की है।
आसपा ने 2027 में जवाब देने का किया दावा
आजाद समाज पार्टी के नेताओं ने कहा कि पार्टी पूरी ताकत के साथ बाबर चौहान के साथ खड़ी है। नेताओं ने दावा किया कि आगामी 2027 विधानसभा चुनाव में किठौर की जनता इस कार्रवाई का जवाब देगी।
फिलहाल बाबर चौहान की गिरफ्तारी को लेकर एक तरफ पुलिस ने इसे न्यायालय से जारी गैर-जमानती वारंट के आधार पर की गई कार्रवाई बताया है, जबकि दूसरी ओर आजाद समाज पार्टी ने राजनीतिक दबाव में कार्रवाई किए जाने का आरोप लगाया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई न्यायालय की प्रक्रिया के अनुसार होगी।