किफायती, टिकाऊ और पर्यावरण अनुकूल आवासीय मॉडल को विकसित पर आयोजित संगोष्ठी
मेरठ। प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षित, पर्याप्त और सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना केवल भवन निर्माण से जुड़ा विषय नहीं, बल्कि बेहतर जीवन, सामाजिक समानता और सतत विकास की बुनियादी आवश्यकता है। इसी संदेश के साथ द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया), मेरठ लोकल सेंटर के तत्वावधान में चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के सर छोटूराम इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (SCRIET) के सहयोग से मंगलवार को विश्व हैबिटेट डे-2026 मनाया गया। कार्यक्रम का विषय “Adequate Housing for All” (सभी के लिए पर्याप्त आवास) रहा। आयोजन SCRIET के प्रशासनिक भवन स्थित कमेटी हॉल में किया गया।
एमओयू के तहत तकनीकी और शैक्षणिक गतिविधियों को बढ़ावा
द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया), मेरठ लोकल सेंटर और चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के SCRIET के बीच तकनीकी एवं शैक्षणिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पूर्व में हुए एमओयू के अंतर्गत कार्यक्रम आयोजित किया गया। आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों, इंजीनियरों और वास्तुविदों के बीच भविष्य की आवासीय जरूरतों, शहरीकरण की चुनौतियों और टिकाऊ निर्माण तकनीकों पर विचार-विमर्श किया गया।
आवास सिर्फ चारदीवारी नहीं, सम्मानजनक जीवन की बुनियाद
कार्यक्रम में वक्ताओं ने विश्व हैबिटेट डे के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसकी शुरुआत संयुक्त राष्ट्र की पहल के तहत मानव बस्तियों की स्थिति और प्रत्येक व्यक्ति के लिए पर्याप्त एवं सुरक्षित आवास की आवश्यकता की ओर दुनिया का ध्यान आकर्षित करने के उद्देश्य से हुई। वक्ताओं ने कहा कि आवास को केवल मकान या भवन के रूप में देखने के बजाय सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन की आधारभूत आवश्यकता के रूप में समझना होगा।
तेजी से बढ़ता शहरीकरण बड़ी चुनौती: डॉ. नीरज सिंघल
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं SCRIET के निदेशक डॉ. नीरज सिंघल ने कहा कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण के दौर में प्रत्येक व्यक्ति के लिए पर्याप्त, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण आवास उपलब्ध कराना बड़ी चुनौती है। आवास की अवधारणा केवल रहने के लिए भवन उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं हो सकती। इसमें बेहतर जीवन-परिस्थितियां, मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता, सुरक्षित वातावरण और पर्यावरणीय संतुलन भी शामिल हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे भविष्य की आवासीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नवाचार और सतत विकास पर विशेष ध्यान दें। इंजीनियरिंग और तकनीक के माध्यम से ऐसे समाधान विकसित किए जाने चाहिए, जो बदलती शहरी परिस्थितियों के अनुरूप होने के साथ आम लोगों के लिए उपयोगी भी साबित हों।
स्वच्छता, जल, ऊर्जा और हरित क्षेत्र भी बेहतर हैबिटेट का हिस्सा
चेयरमैन इंजीनियर एससी मित्तल ने कहा कि हैबिटेट की अवधारणा केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं है। सुरक्षित भवन के साथ स्वच्छता, स्वच्छ जल, ऊर्जा, हरित क्षेत्र और पर्यावरणीय संतुलन भी बेहतर आवासीय वातावरण के महत्वपूर्ण अंग हैं।
उन्होंने कहा कि इंजीनियरों और वास्तुविदों को ऐसी तकनीक और डिजाइन विकसित करने की दिशा में काम करना चाहिए, जो किफायती होने के साथ टिकाऊ भी हों। आवासीय योजनाएं इस प्रकार तैयार की जानी चाहिए कि वे समाज के विभिन्न वर्गों की वास्तविक जरूरतों को पूरा कर सकें।
स्थानीय परिस्थितियों और जलवायु के अनुरूप हों आवासीय डिजाइन
आर्किटेक्ट ईशान कुमार गर्ग ने कहा कि “Adequate Housing for All” की अवधारणा को धरातल पर उतारने के लिए आवासीय डिजाइन को स्थानीय परिस्थितियों, जलवायु, उपलब्ध संसाधनों और लोगों की वास्तविक आवश्यकताओं से जोड़ना जरूरी है। आधुनिक वास्तुकला में ऐसे समाधान विकसित किए जाने चाहिए, जो किफायती और टिकाऊ होने के साथ ऊर्जा-कुशल एवं पर्यावरण के अनुकूल भी हों।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि भविष्य के इंजीनियर और वास्तुविद होने के नाते वे ऐसे व्यावहारिक आवासीय समाधान विकसित करने की दिशा में सोचें, जिनका लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग को मिल सके।
इंजीनियरिंग और वास्तुकला विशेषज्ञों ने की सहभागिता
कार्यक्रम में मेरठ आर्किटेक्ट्स एसोसिएशन (MAA) की अध्यक्ष आर्किटेक्ट मीनल अग्रवाल सहित इंजीनियरिंग एवं वास्तुकला क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों ने सहभागिता की। वक्ताओं ने कहा कि बेहतर आवास का अर्थ केवल सिर पर छत होना नहीं है, बल्कि ऐसा वातावरण उपलब्ध होना भी है जहां व्यक्ति सुरक्षा और सम्मान के साथ जीवन व्यतीत कर सके। पर्याप्त और गुणवत्तापूर्ण आवास को सतत एवं समावेशी विकास की महत्वपूर्ण आधारशिला बताया गया।
विद्यार्थियों को मिला सतत विकास और नवाचार का संदेश
विश्व हैबिटेट डे के आयोजन ने विद्यार्थियों को इंजीनियरिंग और वास्तुकला की सामाजिक जिम्मेदारियों से भी परिचित कराया। विशेषज्ञों ने भविष्य के शहरों और आवासीय क्षेत्रों की योजना बनाते समय पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा दक्षता, किफायती निर्माण और लोगों की वास्तविक आवश्यकताओं को प्राथमिकता देने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के आयोजन में डॉ. लक्ष्मी शंकर सिंह, इंजीनियर प्रशांत शर्मा, कन्वीनर इंजीनियर निखिल किशोर सहित अन्य सदस्यों का सहयोग रहा। कार्यक्रम का समापन सभी के लिए पर्याप्त, सुरक्षित, किफायती और सम्मानजनक आवास की दिशा में तकनीक, वास्तुकला और सामाजिक जिम्मेदारी को साथ लेकर आगे बढ़ने के संदेश के साथ हुआ।