मेरा संकल्प अभियान के तहत साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम
मेरठ, 6 अक्टूबर 2026। साइबर अपराध के लगातार बढ़ते मामलों के बीच लोगों को डिजिटल धोखाधड़ी से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से ‘मेरा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत ‘सेवा मेरा योगदान’ कार्यक्रम के तहत साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में साइबर क्राइम सेल के अधिकारियों ने कार्यकर्ताओं को साइबर अपराध के विभिन्न तरीकों, अपराधियों द्वारा अपनाए जा रहे हथकंडों और उनसे बचाव के उपायों की विस्तार से जानकारी दी। राज्यसभा सांसद एवं भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी की ओर से जारी प्रेस नोट में साइबर अपराध से बचने के लिए जागरूकता और सतर्कता को सबसे बड़ा हथियार बताया गया है।
साइबर ठगी के बदलते तरीकों की दी जानकारी
कार्यक्रम के दौरान साइबर क्राइम सेल के प्रभारी जयदीप जी, उप निरीक्षक हर्षवर्धन सिंह मंदोरिया और महिला उप निरीक्षक प्रीति शर्मा सहित अन्य सहयोगियों ने साइबर अपराध से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। बताया गया कि साइबर अपराध का दायरा लगातार बढ़ रहा है और अपराधी डिजिटल माध्यमों तथा विभिन्न ऐप का इस्तेमाल कर लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं। ऐसे में इंटरनेट और डिजिटल लेन-देन करते समय विशेष सावधानी बरतना आवश्यक है।
साइबर वित्तीय अपराध होने पर तुरंत 1930 पर करें शिकायत
साइबर क्राइम सेल की ओर से बताया गया कि यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर वित्तीय अपराध या ऑनलाइन ठगी हो जाती है तो उसे बिना देरी किए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। कॉल पर प्रतीक्षा की स्थिति आने पर कॉल काटने के बजाय उसे जारी रखने और ऑपरेटर द्वारा मांगी गई आवश्यक जानकारी तत्काल उपलब्ध कराने की सलाह दी गई। प्रेस नोट के अनुसार, समय पर शिकायत करने से धनराशि को रोकने और अपराध के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई की संभावना बढ़ सकती है।

अनजान लिंक और संदिग्ध संदेशों से रहें सावधान
साइबर सुरक्षा से जुड़ी जानकारी देते हुए कहा गया कि किसी अनजान नंबर से कॉल, लिंक या संदिग्ध संदेश मिलने पर बिना जांचे उसे खोलने से बचना चाहिए। आवश्यकता पड़ने पर मोबाइल का इंटरनेट अथवा डेटा बंद करने जैसी सावधानी भी अपनाई जा सकती है। बिना पुष्टि किसी संदिग्ध लिंक या सामग्री को खोलने से व्यक्तिगत और वित्तीय जानकारी साइबर अपराधियों तक पहुंचने का खतरा रहता है।
आधार, पैन, ई-मेल और मोबाइल नंबर जैसी निजी जानकारी न करें साझा
कार्यक्रम में बताया गया कि साइबर अपराधी अब केवल बैंक खातों को निशाना नहीं बना रहे, बल्कि आधार से जुड़ी जानकारी, पैन कार्ड, ई-मेल आईडी, मोबाइल नंबर और वाहन नंबर जैसी व्यक्तिगत जानकारियों का भी दुरुपयोग कर सकते हैं। नागरिकों से अपील की गई कि अपनी निजी जानकारी अनावश्यक रूप से किसी व्यक्ति के साथ साझा न करें और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी व्यक्तिगत विवरण उपलब्ध कराते समय पूरी सावधानी बरतें।
बैंक खाते और एफडी को लेकर भी बरतें सावधानी
प्रेस नोट के तीसरे पृष्ठ पर बैंक खातों और सावधि जमा यानी एफडी की सुरक्षा को लेकर भी महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए हैं। बताया गया कि जिस बैंक खाते से एफडी बनाई गई है, उस खाते का रोजमर्रा के लेन-देन में उपयोग करने के बजाय उसे सुरक्षित रखा जा सकता है तथा आवश्यकता के अनुसार अलग बचत खाते की व्यवस्था की जा सकती है। इसका उद्देश्य एफडी को अनावश्यक जोखिम से बचाने में मदद करना है।
अपराध होने का इंतजार नहीं, पहले से सावधानी जरूरी
प्रेस नोट में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि साइबर अपराध होने के बाद कार्रवाई करने के साथ-साथ उससे पहले सावधानी बरतना अधिक महत्वपूर्ण है। डिजिटल सेवाओं के बढ़ते उपयोग के बीच प्रत्येक नागरिक को साइबर सुरक्षा के बुनियादी नियमों की जानकारी होना आवश्यक बताया गया है। साइबर क्राइम सेल से प्राप्त जानकारियों के आधार पर आने वाले दो-तीन दिनों में मीडिया के माध्यम से साइबर सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी और जन-जागरूकता संदेश आम लोगों तक पहुंचाने की बात भी कही गई है।
ये लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम में सर्वश्री विष्णु गुप्ता, आकाश धवन, बलराज गुप्ता, नितिन गोस्वामी और विकास मित्तल सहित अन्य कार्यकर्ता एवं सहयोगी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को साइबर अपराध के तरीकों और उनसे बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करना रहा।