ग्राम गड़ीना में साक्षरता शिविर आयोजित किया गया
मेरठ। मेरठ कॉलेज, मेरठ के विधि विभाग द्वारा रविवार को जनजागरूकता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए मवाना ब्लॉक के ग्राम गड़ीना में विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य ग्रामीणों को उनके संवैधानिक अधिकारों, कर्तव्यों और कानूनी प्रक्रियाओं के प्रति जागरूक करना था, ताकि वे अपने अधिकारों की रक्षा कर सकें और कानून संबंधी जानकारी के अभाव में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करें।
यह शिविर मेरठ कॉलेज के विधि विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. कृष्ण कुमार गुप्ता के नेतृत्व में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में क्षेत्र के सेवानिवृत्त शिक्षक महेंद्र सिंह भाटी का विशेष सहयोग रहा। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर कानूनी विषयों से संबंधित जानकारी प्राप्त की तथा अपनी समस्याओं और जिज्ञासाओं को विशेषज्ञों के समक्ष रखा।
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को भारतीय संविधान में प्रदत्त मौलिक अधिकारों और मौलिक कर्तव्यों की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं, कानूनी सहायता सेवाओं, महिला अधिकारों, उपभोक्ता अधिकारों, वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों तथा सामाजिक न्याय से जुड़े महत्वपूर्ण प्रावधानों के बारे में भी जागरूक किया गया।
एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. कृष्ण कुमार गुप्ता ने कहा कि कानून की जानकारी प्रत्येक नागरिक के लिए आवश्यक है। जब लोग अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक होते हैं, तभी वे समाज में न्याय और समानता की स्थापना में सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने ग्रामीणों को कानूनी समस्याओं के समाधान के लिए उपलब्ध विभिन्न विधिक उपायों और प्रक्रियाओं की जानकारी भी दी।
शिविर में मेरठ कॉलेज के विधि विभाग के विद्यार्थियों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। विद्यार्थियों ने सरल और सहज भाषा में ग्रामीणों को संवैधानिक नैतिकता, संवैधानिक मूल्यों तथा नागरिक जिम्मेदारियों के बारे में जानकारी दी। विद्यार्थियों ने बताया कि संविधान केवल अधिकार ही नहीं देता, बल्कि नागरिकों को समाज और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने की भी प्रेरणा देता है।
कार्यक्रम में विधि विभाग के छात्र-छात्राओं आकांक्षा, लक्ष्य, सचिन, तनु, जिया-उल-हक, शुभम राय, परवेज, तनु खोखर, मानसी, अनमोल, अंकित, अनंत, तुषार एवं शुभम गुप्ता ने विधिक साक्षरता अभियान के सदस्य के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सभी विद्यार्थियों ने ग्रामीणों के प्रश्नों का उत्तर देकर उन्हें कानूनी जागरूकता प्रदान की।
ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे शिविर गांवों में समय-समय पर आयोजित होने चाहिए, जिससे आमजन को कानून और संविधान की सही जानकारी मिल सके। शिविर के दौरान लोगों ने विभिन्न कानूनी विषयों पर चर्चा की और अपनी समस्याओं के समाधान संबंधी सुझाव भी प्राप्त किए।
कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने ग्रामीणों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने का आश्वासन दिया। विधिक साक्षरता शिविर ने ग्रामीणों में कानून के प्रति जागरूकता बढ़ाने और संवैधानिक मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य किया।