गन्ना समिति सचिव ने 20 दिन में गांववार और किसानवार हिसाब उपलब्ध कराने का दिया लिखित आश्वासन,
राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के धरने में हाईकोर्ट के आदेश पर हुई चर्चा; गन्ना समिति सचिव ने 20 दिन में गांववार और किसानवार हिसाब उपलब्ध कराने का दिया लिखित आश्वासन, समय पर कार्रवाई न होने पर महापंचायत की चेतावनी
मेरठ/मवाना । राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के बैनर तले बुधवार को मवाना गन्ना समिति परिसर में बड़ी संख्या में किसानों ने धरना दिया। धरने में गन्ना भुगतान में देरी होने पर किसानों को ब्याज दिए जाने के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया। संगठन के पदाधिकारियों ने किसानों के बीच न्यायालय के आदेशों पर चर्चा करते हुए कहा कि विलंबित गन्ना मूल्य भुगतान पर मिलने वाला ब्याज किसानों का अधिकार है और इसका किसानवार हिसाब तैयार कर उन्हें उपलब्ध कराया जाना चाहिए। धरने की अध्यक्षता विजय पथिक ने की, जबकि चौधरी रामवीर सिंह के नेतृत्व में धरना शुरू हुआ। कार्यक्रम का संचालन मनोज ने किया। धरने में पहुंचे राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के जिला अध्यक्ष दिनेश प्रधान ने गन्ना समिति के सचिव को किसानों के बीच बैठाकर भुगतान और ब्याज के मुद्दे पर वार्ता की। संगठन के पदाधिकारियों के अनुसार, गन्ना मूल्य का भुगतान निर्धारित अवधि के बाद किए जाने की स्थिति में किसानों को मिलने वाले ब्याज का हिसाब देने की मांग उठाई गई। इस दौरान 15 प्रतिशत ब्याज के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। संगठन का दावा है कि गन्ना समिति सचिव ने लिखित रूप से आश्वासन दिया कि 20 दिन के भीतर प्रत्येक गांव के किसानों का किसानवार हिसाब तैयार कर उन्हें जानकारी उपलब्ध करा दी जाएगी।
हाईकोर्ट के आदेश को लेकर किसानों को दी जानकारी
धरने के दौरान 16 जुलाई 2026 के उच्च न्यायालय के आदेश तथा 6 अक्टूबर को आए न्यायालय के फैसले/आदेश को लेकर भी चर्चा की गई। चौधरी रामवीर सिंह ने किसानों को इस संबंध में जानकारी दी। संगठन के पदाधिकारियों ने दावा किया कि न्यायालय ने ब्याज को किसानों का अधिकार मानते हुए इसका हिसाब तैयार कर भुगतान की दिशा में कार्रवाई करने पर जोर दिया है। हालांकि, प्रेस विज्ञप्ति में न्यायालय के आदेश का वाद संख्या अथवा आदेश की प्रमाणित प्रति का विवरण नहीं दिया गया है। ऐसे में संगठन की ओर से किए गए न्यायालय संबंधी दावों को उसके बयान के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है।
20 दिन में हिसाब नहीं मिला तो महापंचायत की चेतावनी
जिला अध्यक्ष दिनेश प्रधान ने कहा कि यदि गन्ना समिति मवाना की ओर से दिए गए आश्वासन के मुताबिक 20 दिन के भीतर किसानों को उनका हिसाब उपलब्ध नहीं कराया गया तो चीनी मिल का पेराई सत्र शुरू होने से पहले गन्ना समिति मवाना में बड़ी महापंचायत आयोजित की जाएगी। इसमें किसान ब्याज की मांग के साथ आगामी पेराई सत्र में गन्ना आपूर्ति को लेकर सामूहिक निर्णय करेंगे। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे गन्ना समिति पहुंचकर अपना निर्धारित फार्म भरें और वर्षवार गन्ना भुगतान तथा ब्याज का हिसाब प्राप्त करें। पदाधिकारियों ने किसान नेता सरदार वीएम सिंह के किसान हितों के लिए किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि संगठन किसानों को उनका अधिकार दिलाने के लिए संघर्ष जारी रखेगा। धरने में सैकड़ों किसानों के पहुंचने का दावा किया गया। बैठक में किसानों ने गन्ना मूल्य, विलंबित भुगतान और ब्याज से जुड़े मुद्दों पर अपने विचार रखे। गन्ना समिति सचिव के लिखित आश्वासन के बाद धरने की अध्यक्षता कर रहे विजय पथिक ने धरना समाप्त करने की घोषणा की।
धरने में मंडल अध्यक्ष चौधरी रामवीर सिंह, जिला अध्यक्ष दिनेश प्रधान, मनोज सकोटी, करण सिंह, साधन, दुर्गपाल सिंह, कालू, ट्विंकल, शौकीन, नरेश पाली, मेघचंद्र पाली, सुशील शर्मा, रामपाल प्रधान दरियापुर, जितेंद्र रामनगर, कंवरपाल खनोता, भूपेंद्र चौधरी, अरुण रामनगर, सुमित, गजेंद्र बहादुरपुर, अजीत टिकरी, पप्पू, इंद्रपाल झुनझुनी, राज सिंह रामपुर, हरीश चंदन, भंवर सिंह, रामवीर चंदन, वीर सिंह पसवाड़ा और विजेंद्र मंत्री सैफपुर समेत बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।