चांदीनगर थाने का निरीक्षण करते डीआईजी कलानिधि नैथानी
बागपत/मेरठ। पुलिस उपमहानिरीक्षक मेरठ परिक्षेत्र कलानिधि नैथानी ने बुधवार, 7 अक्टूबर को जनपद बागपत के थाना चांदीनगर का वार्षिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान डीआईजी ने गंभीर अपराधों और हाल के दिनों में हुई घटनाओं की गहन समीक्षा करते हुए वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने थाना परिसर, मैस, बैरक, कार्यालय, मालखाना, शस्त्रागार, मिशन शक्ति केंद्र और साइबर हेल्प डेस्क का भी निरीक्षण किया।
डीआईजी ने वांछित अभियुक्त लवदीप शर्मा की शीघ्र गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम गठित करने और नियमानुसार इनाम घोषित कराने की कार्रवाई करने के निर्देश दिए। वहीं क्षेत्र में तार चोरी करने वाले गिरोह के खिलाफ अब तक की गई पुलिस कार्रवाई की सराहना करते हुए गिरोह से जुड़े लोगों की धरपकड़ और उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रखने को कहा।

अभिलेखों में मिली कमियां, एडिशनल एसएचओ और एसएसआई को सख्त हिदायत
निरीक्षण के दौरान थाने के अभिलेखों में कुछ कमियां सामने आने पर डीआईजी ने मौके पर ही अधिकारियों को ब्रीफ किया। एडिशनल एसएचओ और एसएसआई को अभिलेखीकरण में सुधार करने के निर्देश दिए गए। गैर जमानती वारंट यानी NBW की तामील की स्थिति की समीक्षा में लंबित मामलों की संख्या अधिक पाए जाने पर इसमें तत्काल सुधार करने को कहा गया।
डीआईजी ने न्यायालय और उच्चाधिकारियों से प्राप्त निर्देशों का शत-प्रतिशत एवं समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि थाना स्तर पर अभिलेखों और रजिस्टरों को नियमित रूप से अपडेट रखा जाए।
अपराधियों पर गैंगस्टर, गुंडा एक्ट और NSA के तहत कार्रवाई के निर्देश
अपराध नियंत्रण को लेकर डीआईजी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि अपराधियों और अराजक तत्वों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जाए। आवश्यक मामलों में गुंडा एक्ट, गैंगस्टर एक्ट और राष्ट्रीय सुरक्षा कानून यानी NSA के तहत नियमानुसार कठोर कार्रवाई करने को कहा गया।
थाना क्षेत्र में रहने वाले हिस्ट्रीशीटरों की लगातार निगरानी कराने, सक्रिय हिस्ट्रीशीटरों की अलग सूची तैयार करने और उनकी गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश भी दिए गए। इसके अलावा फ्लाईशीट और संबंधित अभिलेखों को शीघ्र अपडेट करने को कहा गया।

आगामी चुनावों को देखते हुए शस्त्र रजिस्टर का जिलाधिकारी कार्यालय के रिकॉर्ड से समय रहते मिलान कराने के निर्देश भी दिए गए।
छह माह से लंबित विवेचनाओं को प्राथमिकता से निस्तारित करने के निर्देश
डीआईजी कलानिधि नैथानी ने विवेचकवार लंबित विवेचनाओं की समीक्षा की। छह महीने से अधिक समय से लंबित विवेचनाओं को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित कराने के निर्देश दिए गए। क्षेत्राधिकारी को थाने में तैनात उप निरीक्षकों के बीच लंबित विवेचनाओं का समान रूप से आवंटन सुनिश्चित कराने को कहा गया।
उन्होंने हवालात और रिमांड रजिस्टर को पूर्ण रखने तथा ऐसे मामलों को चिन्हित करने के निर्देश दिए, जिनमें प्रभावी पैरवी के जरिए आरोपियों को सजा दिलाने की कार्रवाई की जा सके।
पासपोर्ट और चरित्र सत्यापन के लिए लोगों को थाने न बुलाएं
डीआईजी ने पासपोर्ट एवं चरित्र सत्यापन को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सत्यापन कराने वाले लोगों को अनावश्यक रूप से थाने न बुलाया जाए। संबंधित उप निरीक्षक और बीट आरक्षी मौके पर जाकर सत्यापन करें और पूरी प्रक्रिया 15 दिन से अधिक लंबित नहीं रहनी चाहिए।
यूपी-112 की व्यवस्था की समीक्षा करते हुए सभी थानों पर इवेंट रजिस्टर तैयार करने तथा थाना प्रभारी द्वारा इसकी नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए गए। इवेंट की फ्रीक्वेंसी और रूट चार्ट की भी जांच करने को कहा गया।
बीट पुलिसिंग मजबूत करने पर जोर, ग्राम प्रहरियों से बनाए रखें संपर्क
डीआईजी ने बीट पुलिसिंग को और मजबूत करने के निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक बीट कर्मचारी अपने क्षेत्र में सक्रिय रहे। बीट आरक्षियों को ग्राम चौकीदारों और ग्राम प्रहरियों से नियमित संवाद कर महत्वपूर्ण सूचनाओं का आदान-प्रदान करने को कहा गया।
निरीक्षण के दौरान ग्राम प्रहरियों से भी डीआईजी ने संवाद किया। कर्तव्यों की सही जानकारी मिलने पर ग्राम प्रहरी हरपाल और मोबिन अली को पुरस्कृत किया गया, जबकि अन्य ग्राम प्रहरियों को प्रोत्साहन स्वरूप कंबल वितरित किए गए।

यक्ष एप की अच्छी जानकारी रखने और डेटा अपडेट रखने पर आरक्षी कपिल कुमार को भी पुरस्कृत किया गया।
मालखाने का डिजिटलाइजेशन और QR कोड व्यवस्था पर जोर
थाने के मालखाने और जीपी स्टोर के निरीक्षण के दौरान डीआईजी ने मुकदमाती माल और अन्य सामान को अलग-अलग रखने के निर्देश दिए। माल के क्यूआर कोड के साथ रजिस्टरों का डिजिटलाइजेशन करने और माल निस्तारण की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा गया।
थानों में पड़े अनुपयोगी और टूटे-फूटे सामान तथा खराब उपकरणों को पुलिस लाइन भिजवाकर उनकी मरम्मत अथवा नियमानुसार नीलामी कराने के निर्देश दिए गए। पुराने रिकॉर्ड को भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत वीड आउट कराने को कहा गया।
शस्त्रों के बेहतर रखरखाव पर सराहना
निरीक्षण में थाने के शस्त्रों की साफ-सफाई और रखरखाव अच्छा पाए जाने पर डीआईजी ने इसकी सराहना की। उन्होंने जनपदीय आर्मोरर को रोस्टर बनाकर सभी थानों के शस्त्रों की नियमित साफ-सफाई और मरम्मत कराने तथा पुलिसकर्मियों को शस्त्रों की हैंडलिंग का अभ्यास कराने के निर्देश दिए।
थाना परिसर, मैस और अन्य व्यवस्थाओं की साफ-सफाई भी बेहतर मिलने पर संबंधित कर्मचारियों के कार्य की सराहना की गई। थाने को आगंतुकों और पुलिसकर्मियों के लिए सुविधाजनक बनाए रखने तथा सप्ताह में एक बार विशेष सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
मिशन शक्ति केंद्र पर महिला शिकायतों के फॉलोअप पर विशेष जोर
डीआईजी ने मिशन शक्ति केंद्र का निरीक्षण करते हुए महिला संबंधी शिकायतों की ऑनलाइन और ऑफलाइन प्रविष्टियों का नियमित मिलान कराने के निर्देश दिए। यूपी-112 से प्राप्त प्रत्येक महिला संबंधी घटना की मिशन शक्ति केंद्र के रजिस्टर में एंट्री करने और उसका आवश्यक फॉलोअप सुनिश्चित करने को कहा गया।
उन्होंने निर्देश दिए कि पूर्व में उत्पीड़न का सामना कर चुकी महिलाओं और संवेदनशील मामलों का नियमानुसार फॉलोअप किया जाए। जिन मामलों में दोबारा उत्पीड़न की आशंका हो, उनमें विशेष सतर्कता बरती जाए।
मिशन शक्ति केंद्र पहुंचने वाली पीड़ित महिलाओं से संवेदनशील और सम्मानजनक व्यवहार करने तथा उनकी शिकायत की गोपनीयता बनाए रखने के भी निर्देश दिए गए। शिकायत के निस्तारण के बाद पीड़िता से फीडबैक लेकर उसे रिकॉर्ड में दर्ज करने को कहा गया।
गंभीर महिला शिकायत पर तत्काल मौके पर पहुंचे पुलिस
डीआईजी ने कहा कि महिला संबंधी किसी गंभीर सूचना पर संबंधित महिला पुलिसकर्मी या बीट अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति की जानकारी लें और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराएं। थाना प्रभारी और मिशन शक्ति केंद्र प्रभारी आपसी समन्वय के साथ प्रत्येक संवेदनशील प्रकरण की निगरानी करें।
लंबित महिला शिकायतों की थाना प्रभारी द्वारा साप्ताहिक समीक्षा करने के निर्देश दिए गए। काउंसलिंग के दौरान यदि किसी मामले में कानूनी कार्रवाई की जरूरत सामने आती है तो उसे अनावश्यक रूप से लंबित न रखने को कहा गया।
एंटी रोमियो टीम केवल चेकिंग तक सीमित न रहे
एंटी रोमियो टीम को लेकर डीआईजी ने निर्देश दिए कि कार्रवाई केवल चेकिंग तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। टीम छात्राओं और महिलाओं को हेल्पलाइन नंबर, साइबर सुरक्षा और पुलिस की ओर से उपलब्ध सहायता के बारे में भी जागरूक करे।
महिला बीट पुलिसकर्मियों को अपने क्षेत्रों में महिला अपराध की दृष्टि से संवेदनशील स्थान चिन्हित करने तथा ग्राम पंचायतों, विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों, आशा कार्यकर्ताओं और महिला स्वयं सहायता समूहों के साथ संपर्क बनाकर रखने को कहा गया।
सोशल मीडिया और डिजिटल माध्यमों से मिलने वाली महिला उत्पीड़न, अश्लीलता या धमकी संबंधी शिकायतों पर साइबर टीम के समन्वय से तत्काल आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
एसपी बागपत समेत वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
वार्षिक निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक बागपत सूरज कुमार राय, अपर पुलिस अधीक्षक प्रवीण कुमार, क्षेत्राधिकारी खेकड़ा रोहन चौरसिया सहित अन्य पुलिस अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। डीआईजी ने थाना प्रभारी एवं क्षेत्राधिकारी को निर्देश दिया कि निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों का नियमित पर्यवेक्षण करते हुए अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए।