इको गार्डन में भारतीय किसान यूनियन संगठन मोर्चा के पद अधिकारी ने सौंपा ज्ञापन
लखनऊ, 22 अक्टूबर। भारतीय किसान यूनियन (संघर्ष मोर्चा) की ओर से लखनऊ के इको गार्डन में किसान महापंचायत आयोजित की गई। संगठन के अनुसार, इसमें पश्चिमी उत्तर प्रदेश समेत प्रदेश के कई जिलों से हजारों किसान पहुंचे। महापंचायत में किसानों ने गन्ने का लाभकारी मूल्य 700 रुपये प्रति कुंतल घोषित करने, चीनी मिलों पर बकाया भुगतान ब्याज सहित कराने और कृषि बिजली दरें आधी करने की मांग उठाई।
मेरठ, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, शामली, बागपत, गाजियाबाद, बुलंदशहर, अमरोहा, मुरादाबाद, संभल और हापुड़ समेत कई जिलों से किसान महापंचायत में शामिल हुए। संगठन के मुताबिक, पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, शाहजहांपुर, सीतापुर, उन्नाव और लखनऊ से भी किसान पहुंचे। कई किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली, निजी वाहनों और ट्रेन से इको गार्डन आए। मैदान में किसानों ने हरे झंडों के साथ नारे लगाए।
गन्ने का मूल्य 700 रुपये प्रति कुंतल करने की मांग
महापंचायत में किसानों ने कहा कि खेती की लागत बढ़ने के बावजूद गन्ने के समर्थन मूल्य में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं हुई है। संगठन ने डीएपी, यूरिया, कीटनाशक, डीजल और मजदूरी की बढ़ती लागत का हवाला देते हुए गन्ने का लाभकारी मूल्य 700 रुपये प्रति कुंतल तय करने की मांग की। साथ ही चीनी मिलों पर किसानों का बकाया भुगतान ब्याज सहित जल्द कराने की मांग भी रखी गई।
कृषि बिजली दरें आधी करने की अपील
किसानों ने घरेलू और निजी नलकूपों के बिजली बिलों तथा स्मार्ट मीटर से संबंधित शिकायतें भी उठाईं। संगठन का कहना है कि बढ़े हुए बिल और गलत वसूली किसानों पर आर्थिक बोझ डाल रहे हैं। महापंचायत में कृषि बिजली दरें आधी करने और गलत बिलों को तत्काल ठीक कराने की मांग की गई।
भारतीय किसान यूनियन (संघर्ष मोर्चा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश चौधरी ने महापंचायत को संबोधित करते हुए कहा कि खेती की लागत बढ़ने से किसानों की मुश्किलें बढ़ी हैं, जबकि गन्ने का मूल्य उनकी अपेक्षा के अनुरूप नहीं बढ़ा। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन आगे विधानसभा घेराव का कदम उठा सकता है।
अधिकारियों को सौंपा 12 सूत्रीय मांग पत्र
महापंचायत के समापन पर राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश चौधरी के नेतृत्व में किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने मौके पर मौजूद एएसपी और सिटी मजिस्ट्रेट को 12 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। संगठन के अनुसार, अधिकारियों ने ज्ञापन शासन तक पहुंचाने और मुख्यमंत्री से संगठन के प्रतिनिधिमंडल की वार्ता कराने का आश्वासन दिया।