विद्यार्थियों ने बनाए रोबोटिक कार मॉडल
मेरठ । शोभित इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (डीम्ड-टू-बी यूनिवर्सिटी), मेरठ कीआईडिया लैब द्वारा “3D प्रिंटिंग एवं रोबोटिक्स में ऑर्डिनो प्रोग्रामिंग की मूलभूत जानकारी” विषय पर एक दिवसीय व्यावहारिक कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित इस कार्यशाला में दिगंबर जैन पॉलिटेक्निक, बागपत के मैकेनिकल इंजीनियरिंग डिप्लोमा के 35 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को 3D प्रिंटिंग, कंप्यूटर-एडेड डिजाइन (CAD), आर्डिनो प्रोग्रामिंग और रोबोटिक्स जैसी आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ विश्वविद्यालय के प्रो-वाइस चांसलर प्रो. (डॉ.) जयानंद तथा इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल (IIC) की संयोजक प्रो. (डॉ.) निधि त्यागी की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ। इस अवसर पर प्रो. (डॉ.) जयानंद ने आधुनिक इंजीनियरिंग, उत्पाद विकास और उन्नत विनिर्माण के क्षेत्र में 3D प्रिंटिंग की बढ़ती उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को तकनीकी कौशल विकसित करने और व्यावहारिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। प्रो. (डॉ.) निधि त्यागी ने विद्यार्थियों के उत्साह की सराहना करते हुए कहा कि कौशल-आधारित कार्यक्रम नवाचार, रचनात्मकता और अनुभवात्मक शिक्षा को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यशाला के तकनीकी सत्रों में डॉ. महतो ने CAD सॉफ्टवेयर के माध्यम से त्रि-आयामी मॉडल तैयार करने तथा उन्हें 3D प्रिंटिंग तकनीक से वास्तविक स्वरूप प्रदान करने की प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। वहीं, डॉ. मनोज शर्मा ने आर्डिनो की मूलभूत अवधारणाओं, रोबोटिक्स में इसके अनुप्रयोगों तथा माइक्रोकंट्रोलर प्रोग्रामिंग की जानकारी प्रदान की।
कार्यशाला का प्रमुख आकर्षण विद्यार्थियों द्वारा Arduino-नियंत्रित रोबोटिक कारों का निर्माण रहा। विद्यार्थियों ने समूहों में कार्य करते हुए SU-AICTE IDEA Lab के स्टूडेंट एंबेसडर्स के मार्गदर्शन में रोबोटिक कारों को डिजाइन किया, असेंबल किया और कार्यशील मॉडल विकसित किए। इस गतिविधि के माध्यम से विद्यार्थियों को मैकेनिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स और प्रोग्रामिंग के समन्वित उपयोग का अनुभव प्राप्त हुआ। साथ ही, उनमें टीमवर्क, रचनात्मक सोच और समस्या-समाधान जैसे महत्वपूर्ण कौशलों का विकास हुआ।
कार्यक्रम के समापन सत्र में विद्यार्थियों ने कार्यशाला के व्यावहारिक एवं संवादात्मक स्वरूप की सराहना की। कई विद्यार्थियों ने उन्नत विनिर्माण, रोबोटिक्स और प्रोटोटाइप विकास के क्षेत्र में अधिक अनुभव प्राप्त करने के लिए अपने शैक्षणिक पाठ्यक्रम के अंतर्गत SU-AICTE IDEA Lab में इंटर्नशिप करने की इच्छा भी व्यक्त की।
यह कार्यशाला विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने, उद्योगोन्मुख कौशल विकसित करने तथा नवाचार एवं प्रयोगात्मक शिक्षा को प्रोत्साहित करने की दिशा में शोभित विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।