वरिष्ठ छात्र छात्राओं ने दी रंगारंग प्रस्तुति
कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला और सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान ने किया शुभारंभ; वरिष्ठ विद्यार्थियों ने प्रोजेक्ट, नवाचार और स्टार्टअप से जुड़े अनुभव साझा किए
मेरठ । चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय परिसर स्थित सर छोटू राम इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (एससीआरआईईटी) में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के नवप्रवेशित विद्यार्थियों के स्वागत के लिए ओरिएंटेशन कार्यक्रम ‘आरंभ 2026’ आयोजित किया गया। नेताजी सुभाष चंद्र बोस प्रेक्षागृह में हुए कार्यक्रम का शुभारंभ विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला, मुख्य अतिथि एवं बागपत के सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान तथा अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया।
कार्यक्रम में बीटेक, एमसीए, बीएससी ऑनर्स कंप्यूटर साइंस और एमटेक पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राओं को संस्थान की शैक्षणिक व्यवस्था, पाठ्यक्रम, छात्रावास, अनुशासन, सुरक्षा, एंटी रैगिंग व्यवस्था, महिला प्रकोष्ठ, प्लेसमेंट, स्टार्टअप और पूर्व विद्यार्थियों की उपलब्धियों से परिचित कराया गया। आयोजन का उद्देश्य नए विद्यार्थियों को संस्थान के वातावरण से जोड़ने के साथ उनके व्यक्तित्व विकास और करियर निर्माण के लिए मार्गदर्शन देना रहा।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ नवाचार पर जोर
कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने कहा कि उच्च शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को ज्ञान, कौशल, नवाचार और नैतिक मूल्यों से संपन्न बनाना है। तकनीकी क्षेत्र में तेजी से हो रहे बदलावों के बीच विद्यार्थियों को नई तकनीकों के प्रति जागरूक रहकर अपने ज्ञान और क्षमताओं का निरंतर विकास करना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से नियमित अध्ययन, अनुसंधान, रचनात्मक गतिविधियों और व्यावहारिक प्रशिक्षण में सक्रिय भागीदारी करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि कॉलेज जीवन व्यक्तित्व निर्माण और भविष्य की दिशा तय करने का महत्वपूर्ण चरण है। विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारित कर अनुशासन, मेहनत और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने आशा जताई कि विद्यार्थी अपनी प्रतिभा और उपलब्धियों से संस्थान, विश्वविद्यालय और देश का नाम रोशन करेंगे।
मुख्य अतिथि सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान ने तकनीकी शिक्षा के साथ नवाचार और शोध को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग समाज तथा देश के विकास में करना चाहिए। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के मुख्य अभियंता इंजीनियर अजय वर्मा ने विद्यार्थियों से किताबी ज्ञान के साथ व्यावहारिक अनुभव और तकनीकी दक्षता पर ध्यान देने को कहा। उन्होंने नए प्रोजेक्ट और नवाचार के जरिये सामाजिक समस्याओं के समाधान की दिशा में काम करने के लिए प्रेरित किया।
संस्थान के निदेशक प्रो. नीरज सिंघल ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि कक्षा में पढ़ाई के साथ प्रयोगशालाओं, तकनीकी परियोजनाओं, नवाचार और कौशल विकास गतिविधियों में भाग लेना भी जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी रुचि के क्षेत्र की पहचान कर शुरुआत से ही करियर की तैयारी करने को कहा।
शैक्षणिक व्यवस्था, अनुशासन और व्यक्तित्व विकास की जानकारी
डीन प्रो. आर.के. सोनी ने विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम, राष्ट्रीय शिक्षा नीति, क्रेडिट सिस्टम, अकादमिक कैलेंडर और परीक्षा व्यवस्था की जानकारी दी। उन्होंने नियमित अध्ययन, अनुशासन और समय प्रबंधन को उच्च शिक्षा में सफलता के लिए महत्वपूर्ण बताया। विद्यार्थियों से शिक्षकों के मार्गदर्शन का लाभ लेने और कक्षा में अर्जित ज्ञान को व्यवहार में लागू करने की अपील की गई।
प्रो. डॉ. छवि किरण गुप्ता ने प्रेरणा, एकाग्रता, आगे बढ़ने, बचाव और सामाजिक जुड़ाव के पांच सूत्रों पर बात की। उन्होंने कहा कि सफलता के लिए सकारात्मक ऊर्जा, लक्ष्य के प्रति समर्पण, निरंतर प्रयास, सुरक्षा के प्रति जागरूकता और समाज से जुड़ाव आवश्यक हैं। विशिष्ट अतिथि प्रशांत महर्षि ने स्वदेशी के माध्यम से स्वावलंबन, व्यावहारिक ज्ञान और उद्यमिता विकसित करने की बात कही। अनिकेत गालियान ने ज्ञान, आचरण, कौशल और अनुशासन को व्यक्तित्व विकास का आधार बताया। वैज्ञानिक एवं सलाहकार प्रोफेसर गुलशन वाधवा ने नवाचार, इनक्यूबेशन और स्टार्टअप के बारे में जानकारी दी।
वरिष्ठ विद्यार्थियों ने दिखाए प्रोजेक्ट और स्टार्टअप के अवसर
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण वरिष्ठ विद्यार्थियों की प्रस्तुतियां रहीं। उन्होंने पीपीटी के माध्यम से अपने तकनीकी प्रोजेक्ट, नवाचार और स्टार्टअप से जुड़े विचार नवप्रवेशित छात्र-छात्राओं के सामने रखे। विद्यार्थियों ने बताया कि किसी समस्या की पहचान कर तकनीकी ज्ञान और रचनात्मक सोच के सहारे उसका समाधान कैसे विकसित किया जा सकता है।
इन प्रस्तुतियों से नए विद्यार्थियों को प्रोजेक्ट निर्माण, टीमवर्क, तकनीकी कौशल और उद्यमिता की संभावनाओं को समझने का अवसर मिला। वरिष्ठ विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए नए छात्रों को पाठ्यक्रम तक सीमित न रहकर नए विचारों पर काम करने, प्रयोग करने और नवाचार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
सुरक्षा, एंटी रैगिंग और महिला प्रकोष्ठ की जानकारी
नवप्रवेशित विद्यार्थियों को प्रॉक्टोरियल बोर्ड की भूमिका और परिसर में अनुशासन बनाए रखने की व्यवस्था समझाई गई। उन्हें बताया गया कि सुरक्षित और सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। किसी समस्या, अनुशासनहीनता या असुविधा की स्थिति में संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने की सलाह दी गई।
एंटी रैगिंग सेल की ओर से रैगिंग की रोकथाम, इसके दुष्परिणामों और संस्थान के नियमों के बारे में जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को स्पष्ट किया गया कि रैगिंग किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है। वरिष्ठ विद्यार्थियों से अपेक्षा की गई कि वे नवप्रवेशित छात्रों के साथ सहयोगपूर्ण व्यवहार करें और उन्हें नए माहौल में सहज होने में मदद दें।
महिला प्रकोष्ठ के बारे में जानकारी देते हुए छात्राओं के लिए उपलब्ध सहायता व्यवस्था, लैंगिक संवेदनशीलता, समान अवसर और सुरक्षित एवं सम्मानजनक शैक्षणिक वातावरण के महत्व पर चर्चा की गई। छात्रावास की सुविधाओं, सुरक्षा और नियमों से भी विद्यार्थियों को परिचित कराया गया। उन्हें स्वच्छता बनाए रखने, नियमों का पालन करने और आपसी सहयोग के साथ रहने के लिए प्रेरित किया गया।
प्लेसमेंट, पुस्तकालय और छात्रवृत्ति योजनाओं पर चर्चा
संस्थान की प्लेसमेंट टीम ने कैंपस प्लेसमेंट प्रक्रिया, कंपनियों के चयन मानदंड और साक्षात्कार की तैयारी के बारे में बताया। टीसीएस, जस्टडायल और एमफैसिस जैसी कंपनियों से जुड़ी प्लेसमेंट गतिविधियों तथा पूर्व विद्यार्थियों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों को करियर की तैयारी के लिए प्रेरित किया गया। उन्हें बताया गया कि शैक्षणिक प्रदर्शन के साथ संचार कौशल, तार्किक क्षमता, टीमवर्क और समस्या समाधान की योग्यता भी महत्वपूर्ण है। इंटर्नशिप, तकनीकी परियोजनाओं और कौशल विकास गतिविधियों में भाग लेने की सलाह दी गई।
विद्यार्थियों को केंद्रीय पुस्तकालय, ऑनलाइन शैक्षणिक पोर्टल, ई-कंटेंट और प्रयोगशालाओं के उपयोग की जानकारी भी दी गई। साथ ही छात्रवृत्ति और फीस प्रतिपूर्ति योजनाओं के लिए पात्रता, आवश्यक दस्तावेज, ऑनलाइन आवेदन, समयसीमा और सत्यापन प्रक्रिया समझाई गई। विद्यार्थियों से संबंधित दिशा-निर्देशों का ध्यानपूर्वक अध्ययन कर समय से आवेदन करने को कहा गया।
एलुमनाई के अनुभव और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
कार्यक्रम में संस्थान के पूर्व विद्यार्थियों के वीडियो दिखाए गए, जिनमें उनकी उपलब्धियों और करियर यात्रा की जानकारी दी गई। इन अनुभवों के माध्यम से नवप्रवेशित विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन, तकनीकी दक्षता और निरंतर अभ्यास के महत्व से अवगत कराया गया।
समापन चरण में वरिष्ठ छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। इससे नए विद्यार्थियों को संस्थान की सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों से जुड़ने और नए वातावरण में सहज होने का अवसर मिला।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर प्रो. बीरपाल सिंह, प्रो. प्रदीप चौधरी, विश्वविद्यालय अभियंता इंजीनियर मनीष मिश्रा, प्रशासनिक अधिकारी डॉ. केपी सिंह, डॉ. अंशु चौधरी, डॉ. स्वाति सिंह, डॉ. दिव्या शर्मा, डॉ. अर्पित छाबड़ा, डॉ. रानू गर्ग, डॉ. कुमकुम चौधरी, डॉ. मोनिका, डॉ. अमरजीत सिंह, डॉ. वंदना और डॉ. निधि भाटिया सहित विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक, संस्थान के सदस्य तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।