व्यापारियों की समस्या को लेकर पीएम कार्यालय पर प्रदर्शन करते व्यापार मंडल के पदाधिकारी
मेरठ। व्यापारियों की विभिन्न समस्याओं को लेकर पश्चिम उत्तर प्रदेश संयुक्त व्यापार मंडल के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। कार्यकर्ता बैनर लेकर कमिश्नरी चौराहे पर एकत्र हुए और नारेबाजी करते हुए पैदल मार्च कर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। वहां उन्होंने सक्षम अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के समाधान की मांग की।
ज्ञापन में मेरठ विकास प्राधिकरण (एमडीए) के सर्वे पर सवाल उठाए गए। संगठन का कहना है कि अधिकारियों की ओर से तैयार की गई सर्वे रिपोर्ट में गलतियां हैं और उसी के आधार पर हुए आदेश से करीब 17 हजार से अधिक व्यापारी तथा आम लोग प्रभावित हो रहे हैं। मंडल ने कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट के आदेश का सम्मान करता है, लेकिन सर्वे की प्रक्रिया और रिपोर्ट की समीक्षा होनी चाहिए। संगठन ने दोबारा हो रहे सर्वे में व्यापारियों और आमजन को राहत देने की मांग की।
व्यापार मंडल ने नगर निगम की सीएम ग्रिड योजना के तहत शहर के विभिन्न बाजारों में चल रहे सड़क निर्माण कार्यों में देरी का मुद्दा भी उठाया। ज्ञापन के अनुसार, निर्माण कार्य धीमी गति से होने के कारण कई प्रमुख बाजारों में टूटी सड़कों और गंदगी से व्यापारियों तथा लोगों को परेशानी हो रही है। संगठन ने निर्माण कार्यों में तेजी लाने और कामकाज की निगरानी कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की।
ज्ञापन में फायर सेफ्टी विभाग की जांच को लेकर भी शिकायत की गई। संगठन का आरोप है कि त्योहारों के समय जांच के नाम पर ग्रामीण क्षेत्रों के छोटे व्यापारियों का उत्पीड़न किया जाता है। व्यापार मंडल ने ऐसी कार्रवाई पर रोक लगाने और जांच प्रक्रिया को निष्पक्ष रखने की मांग की।
पश्चिम उत्तर प्रदेश संयुक्त व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष पं. आशु शर्मा ने ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन से सभी समस्याओं का गंभीरता से समाधान कराने का अनुरोध किया। संगठन ने चेतावनी दी कि मांगों पर कार्रवाई नहीं होने पर व्यापारी हित में आंदोलन किया जाएगा।